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स्थानीय मुद्राओं में व्यापार ब्रिक्स और अफ्रीका के लिए गेमचेंजर: मॉरीशस मंत्री ज्योति जीतून

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स्थानीय मुद्राओं में व्यापार ब्रिक्स और अफ्रीका के लिए गेमचेंजर: मॉरीशस मंत्री ज्योति जीतून

सारांश

मॉरीशस की मंत्री ज्योति जीतून का कहना है कि स्थानीय मुद्राओं में व्यापार ब्रिक्स और अफ्रीका के लिए निर्णायक बदलाव ला सकता है। RBI-मॉरीशस बैंक MoU, CECPA विस्तार, DTAA अनुमोदन और इंडियन ऑयल के साथ ऊर्जा समझौता — ये सब मिलकर भारत-मॉरीशस-अफ्रीका त्रिकोणीय साझेदारी को नई ऊंचाई दे रहे हैं।

मुख्य बातें

मॉरीशस मंत्री ज्योति जीतून ने कहा कि ब्रिक्स देशों और अफ्रीकी महाद्वीप के साथ स्थानीय मुद्राओं में व्यापार विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए गेमचेंजर हो सकता है।
मॉरीशस बैंक और RBI ने भारतीय रुपए व मॉरीशस रुपए की क्लियरिंग व्यवस्था के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए हैं।
CECPA लागू होने के बाद द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि हुई है, पर मंत्री के अनुसार अभी और विस्तार की काफी संभावनाएं हैं।
मॉरीशस अफ्रीकी संघ , SADC और COMESA का सदस्य होने के नाते भारत-अफ्रीका व्यापार का प्रमुख प्रवेश द्वार बन सकता है।
DTAA प्रोटोकॉल के अनुमोदन से निवेशकों को स्थिरता और पूर्वानुमेयता मिलेगी।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और स्टेट ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन ऑफ मॉरीशस के बीच ईंधन आपूर्ति समझौता हस्ताक्षरित हुआ।

मॉरीशस की वित्तीय सेवा एवं आर्थिक योजना मंत्री ज्योति जीतून ने कहा है कि यदि भारत-मॉरीशस के साथ-साथ ब्रिक्स देशों और अफ्रीकी महाद्वीप के साथ भी स्थानीय मुद्राओं में व्यापार शुरू होता है, तो यह संबंधित अर्थव्यवस्थाओं के लिए निर्णायक बदलाव साबित हो सकता है। उन्होंने नई दिल्ली में दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों में डॉलर जैसी हार्ड करेंसी पर निर्भरता घटाना विकासशील देशों के लिए एक बड़ा अवसर है।

स्थानीय मुद्रा व्यापार: क्या है प्रस्ताव

मॉरीशस बैंक और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने पिछले वर्ष भारतीय रुपए और मॉरीशस रुपए के लिए एक क्लियरिंग व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे। जीतून ने कहा, "हार्ड करेंसी के बजाय यदि हम अपनी स्थानीय मुद्राओं में सीधे व्यापार कर सकें, तो इससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं को लाभ होगा। मॉरीशस बैंक और RBI इस व्यवस्था को लागू करने की दिशा में काम कर रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा कि इससे विदेशी मुद्राओं पर निर्भरता कम होगी और वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

भारत-मॉरीशस-अफ्रीका आर्थिक गलियारा

मंत्री ने बताया कि मॉरीशस अफ्रीकी संघ, सदर्न अफ्रीकन डेवलपमेंट कम्युनिटी (SADC) और कॉमन मार्केट फॉर ईस्टर्न एंड सदर्न अफ्रीका (COMESA) का सदस्य है, जो उसे भारत और अफ्रीका के बीच व्यापार एवं निवेश का एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार बनाता है। उन्होंने कहा, "अफ्रीका तेज आर्थिक विकास का अनुभव कर रहा है और निवेश आकर्षित कर रहा है। इसकी बड़ी आबादी इसे भारत की तरह एक विशाल बाजार बनाती है।" मॉरीशस की सीमित आबादी — करीब 12 लाख — के बावजूद जीतून ने कहा कि सबसे बड़ा अवसर इसी त्रिकोणीय आर्थिक गलियारे में निहित है।

CECPA और व्यापार विस्तार की संभावनाएं

जीतून ने कहा कि व्यापक आर्थिक सहयोग एवं साझेदारी समझौते (CECPA) के लागू होने के बाद भारत और मॉरीशस के बीच व्यापार में वृद्धि हुई है, हालांकि अभी इसमें और विस्तार की पर्याप्त संभावनाएं हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' विजन की सराहना करते हुए कहा, "जब यह यात्रा शुरू हुई थी, तब भारत दुनिया की 10वीं या 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था। आज भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंचने की उम्मीद है।" उन्होंने इसे मॉरीशस के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया।

DTAA और निवेशकों को मिलेगा भरोसा

हाल ही में दोहरा कराधान बचाव समझौते (DTAA प्रोटोकॉल) के अनुमोदन पर जीतून ने कहा कि इससे निवेशकों को अधिक निश्चितता और विश्वास मिलेगा। उनके शब्दों में, "अब हमें पूरा विश्वास है कि हम मॉरीशस-भारत कर संधि और आर्थिक संबंधों को लेकर निवेशकों को स्थिरता, पूर्वानुमेयता और भरोसा प्रदान कर सकते हैं।" यह कदम उन निवेशकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो मॉरीशस को भारत में निवेश के प्रवेश द्वार के रूप में उपयोग करते हैं।

ऊर्जा सहयोग: इंडियन ऑयल और मॉरीशस के बीच समझौता

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की हालिया मॉरीशस यात्रा के दौरान इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और स्टेट ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन ऑफ मॉरीशस के बीच ईंधन आपूर्ति संबंधी बिक्री और खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। जीतून ने कहा, "वैश्विक स्तर पर आपूर्ति शृंखलाएं प्रभावित हुई हैं और लागत बढ़ी है। ऐसे माहौल में इंडियन ऑयल के माध्यम से लागू यह सरकारी व्यवस्था मॉरीशस-भारत संबंधों का एक अत्यंत मूल्यवान और रणनीतिक हिस्सा है।" उन्होंने इसे महज व्यापारिक संबंध नहीं, बल्कि एक व्यापक आर्थिक साझेदारी करार दिया जो मॉरीशस को महत्वपूर्ण ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करती है। यह ऐसे समय में आया है जब ईरान से जुड़े संघर्ष और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण दुनिया भर में ईंधन आपूर्ति और कीमतों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि RBI-मॉरीशस बैंक MoU पर हस्ताक्षर के बावजूद क्लियरिंग व्यवस्था अभी तक पूरी तरह चालू नहीं हुई है। भारत-मॉरीशस व्यापार का आकार CECPA के बाद भी अपेक्षाकृत सीमित है, और 'भारत-मॉरीशस-अफ्रीका गलियारे' की संभावना तब तक महज़ कूटनीतिक भाषा बनी रहेगी जब तक ठोस बुनियादी ढांचा और निवेश प्रतिबद्धताएं सामने न आएं। DTAA प्रोटोकॉल का अनुमोदन सकारात्मक कदम है, पर असली कसौटी यह होगी कि क्या मॉरीशस टैक्स-हेवन की पुरानी छवि से बाहर निकलकर एक विश्वसनीय व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित हो पाता है।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्थानीय मुद्राओं में व्यापार ब्रिक्स और अफ्रीका के लिए गेमचेंजर कैसे होगा?
मॉरीशस मंत्री ज्योति जीतून के अनुसार, यदि ब्रिक्स देश और अफ्रीकी महाद्वीप हार्ड करेंसी की जगह अपनी स्थानीय मुद्राओं में सीधे व्यापार करें, तो डॉलर पर निर्भरता घटेगी और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को भू-राजनीतिक उथल-पुथल से सुरक्षा मिलेगी। यह वैश्विक दक्षिण के देशों के लिए आर्थिक स्वायत्तता का एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
RBI और मॉरीशस बैंक के बीच MoU क्या है?
भारतीय रिज़र्व बैंक और मॉरीशस बैंक ने पिछले वर्ष भारतीय रुपए और मॉरीशस रुपए के लिए एक क्लियरिंग व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। इसका लक्ष्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को विदेशी मुद्रा की आवश्यकता के बिना सीधे निपटाना है।
भारत-मॉरीशस DTAA प्रोटोकॉल से निवेशकों को क्या फायदा होगा?
हाल ही में अनुमोदित DTAA प्रोटोकॉल से निवेशकों को कर संधि के तहत स्थिरता, पूर्वानुमेयता और भरोसा मिलेगा। मंत्री जीतून के अनुसार, यह उन निवेशकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो मॉरीशस को भारत में निवेश के प्रवेश द्वार के रूप में उपयोग करते हैं।
मॉरीशस भारत-अफ्रीका व्यापार में क्या भूमिका निभा सकता है?
मॉरीशस अफ्रीकी संघ, SADC और COMESA का सदस्य होने के कारण भारत और अफ्रीका के बीच व्यापार और निवेश का एक रणनीतिक प्रवेश द्वार बन सकता है। मंत्री जीतून ने कहा कि भारत-मॉरीशस-अफ्रीका आर्थिक गलियारे में सबसे बड़ा अवसर मौजूद है, क्योंकि अफ्रीका तेज आर्थिक विकास और बड़े बाजार की क्षमता रखता है।
इंडियन ऑयल और मॉरीशस के बीच ऊर्जा समझौता क्या है?
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की हालिया मॉरीशस यात्रा के दौरान इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और स्टेट ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन ऑफ मॉरीशस के बीच ईंधन आपूर्ति संबंधी बिक्री और खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। यह सरकारी स्तर का समझौता मॉरीशस को वैश्विक ईंधन आपूर्ति अनिश्चितता के बीच ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करता है।
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