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भारत-मॉरीशस ऊर्जा साझेदारी: तेल-गैस सहयोग पर दो अहम MOU, IOCL और STC के बीच दीर्घकालिक आपूर्ति समझौता

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भारत-मॉरीशस ऊर्जा साझेदारी: तेल-गैस सहयोग पर दो अहम MOU, IOCL और STC के बीच दीर्घकालिक आपूर्ति समझौता

सारांश

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की पोर्ट लुई यात्रा के बाद भारत-मॉरीशस के बीच जी-टू-जी MOU और IOCL-STC करार संपन्न — मॉरीशस को पेट्रोल, डीजल और एविएशन फ्यूल की दीर्घकालिक आपूर्ति सुनिश्चित, हिंद महासागर में भारत की ऊर्जा कूटनीति को नया आयाम।

मुख्य बातें

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 20-22 अगस्त 2026 को मॉरीशस की आधिकारिक यात्रा की और प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम से ऊर्जा साझेदारी पर चर्चा की।
दोनों देशों के बीच तेल-गैस सहयोग पर जी-टू-जी MOU और IOCL व STC के बीच द्विपक्षीय समझौते का आदान-प्रदान हुआ।
समझौतों के तहत मॉरीशस को पेट्रोल, डीजल, मरीन गैस ऑयल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल की दीर्घकालिक आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
भारतीय उच्चायुक्त अनुराग श्रीवास्तव ने 68 करोड़ डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज, 100 ई-बसों के हस्तांतरण और रीनल ट्रांसप्लांट यूनिट के उद्घाटन को पिछले वर्ष की प्रमुख उपलब्धियाँ बताया।
मॉरीशस के राष्ट्रपति धरमबीर गोखूल ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लिया।

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पोर्ट लुई में मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच ऊर्जा साझेदारी को नई दिशा देने पर विस्तृत चर्चा की। 23 अगस्त 2026 को संपन्न इस बैठक के बाद तेल और गैस सहयोग को लेकर दो महत्वपूर्ण समझौतों का आदान-प्रदान किया गया — एक सरकार-से-सरकार (जी-टू-जी) समझौता ज्ञापन और दूसरा इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) तथा मॉरीशस की स्टेट ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन (STC) के बीच द्विपक्षीय करार।

समझौतों में क्या शामिल है

भारतीय उच्चायोग के अनुसार, इन समझौतों के तहत मॉरीशस को पेट्रोल, डीजल, मरीन गैस ऑयल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल की दीर्घकालिक आपूर्ति सुनिश्चित होगी। यह व्यवस्था मॉरीशस को वैश्विक ईंधन बाज़ार की कीमतों में उतार-चढ़ाव से सुरक्षा प्रदान करेगी और द्वीप राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत आधार देगी। गौरतलब है कि एक छोटे द्वीपीय देश के रूप में मॉरीशस ईंधन आपूर्ति के लिए पूरी तरह आयात पर निर्भर है, जिससे दीर्घकालिक करार उसकी आर्थिक स्थिरता के लिए विशेष महत्व रखते हैं।

पुरी की आधिकारिक मॉरीशस यात्रा

हरदीप सिंह पुरी ने 20 से 22 अगस्त 2026 तक मॉरीशस की आधिकारिक यात्रा की। बैठक के दौरान उन्होंने मॉरीशस की ऊर्जा सुरक्षा और ऊर्जा परिवर्तन (एनर्जी ट्रांजिशन) में भारत की निरंतर प्रतिबद्धता दोहराई। यह यात्रा ऐसे समय में हुई जब भारत और मॉरीशस के बीच रणनीतिक सहयोग के कई नए आयाम खुल रहे हैं।

स्वतंत्रता दिवस समारोह और व्यापक साझेदारी

इससे पहले मॉरीशस के राष्ट्रपति धरमबीर गोखूल ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारतीय उच्चायोग द्वारा पोर्ट लुई में आयोजित समारोह में भाग लिया। भारतीय उच्चायुक्त अनुराग श्रीवास्तव ने इस अवसर पर पिछले एक वर्ष की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख किया, जिनमें उन्नत रणनीतिक साझेदारी, 68 करोड़ डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा, रीनल ट्रांसप्लांट यूनिट का उद्घाटन और 100 ई-बसों का हस्तांतरण शामिल हैं।

उच्चायुक्त ने दोनों देशों की साझा उपग्रह परियोजना और ई-जुडिशियरी जैसी आगामी पहलों का भी उल्लेख किया। समारोह में प्रधानमंत्री रामगुलाम, उपप्रधानमंत्री मैरी एरियन नवारे-मैरी, उपराष्ट्रपति रॉबर्ट हंगले, मुख्य न्यायाधीश रेहाना मंगली-गुलबुल, संसद अध्यक्ष शिरीन औमीरुद्दीन-चिफ्रा सहित मंत्री, सांसद और उद्योग जगत के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

भारत-मॉरीशस संबंधों का व्यापक संदर्भ

यह ऊर्जा समझौता ऐसे समय में आया है जब भारत हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी रणनीतिक उपस्थिति और आर्थिक संबंधों को सुदृढ़ करने पर ज़ोर दे रहा है। मॉरीशस, जो भारतीय मूल की बड़ी आबादी का घर है, भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति और हिंद महासागर रणनीति दोनों में केंद्रीय भूमिका निभाता है। ऊर्जा क्षेत्र में यह नई साझेदारी दोनों देशों के बीच पहले से चले आ रहे रक्षा, डिजिटल और स्वास्थ्य सहयोग को और पुख्ता करती है।

आने वाले महीनों में साझा उपग्रह परियोजना और ई-जुडिशियरी पहल के क्रियान्वयन से भारत-मॉरीशस संबंधों में तकनीकी आयाम और गहरा होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचकों का कहना है कि 68 करोड़ डॉलर के आर्थिक पैकेज सहित इन घोषणाओं के क्रियान्वयन की गति और पारदर्शिता पर नज़र रखना ज़रूरी है — वादे और ज़मीनी नतीजे के बीच की खाई ही असली कसौटी होगी।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और मॉरीशस के बीच हुए ऊर्जा समझौते क्या हैं?
23 अगस्त 2026 को दो समझौतों का आदान-प्रदान हुआ — एक सरकार-से-सरकार (जी-टू-जी) MOU और दूसरा IOCL तथा मॉरीशस की स्टेट ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन के बीच करार। इनके तहत मॉरीशस को पेट्रोल, डीजल, मरीन गैस ऑयल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल की दीर्घकालिक आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
हरदीप सिंह पुरी की मॉरीशस यात्रा का उद्देश्य क्या था?
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 20 से 22 अगस्त 2026 तक मॉरीशस की आधिकारिक यात्रा की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम से मुलाकात कर ऊर्जा सुरक्षा और एनर्जी ट्रांजिशन में भारत की प्रतिबद्धता दोहराई तथा दोनों देशों के बीच ऊर्जा साझेदारी के समझौतों को अंतिम रूप दिया।
इन समझौतों से मॉरीशस को क्या फायदा होगा?
ये समझौते मॉरीशस को वैश्विक ईंधन बाज़ार की कीमतों में उतार-चढ़ाव से सुरक्षा प्रदान करेंगे। एक द्वीपीय देश होने के कारण मॉरीशस ईंधन आयात पर पूरी तरह निर्भर है, इसलिए दीर्घकालिक आपूर्ति करार उसकी ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।
भारत-मॉरीशस के बीच हाल के वर्षों में और क्या सहयोग हुआ है?
भारतीय उच्चायुक्त अनुराग श्रीवास्तव के अनुसार, पिछले एक वर्ष में 68 करोड़ डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा, रीनल ट्रांसप्लांट यूनिट का उद्घाटन और 100 ई-बसों का हस्तांतरण प्रमुख उपलब्धियाँ रही हैं। इसके अलावा साझा उपग्रह परियोजना और ई-जुडिशियरी पहल आगामी सहयोग के रूप में प्रस्तावित हैं।
भारत-मॉरीशस संबंध रणनीतिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण हैं?
मॉरीशस हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति का एक अहम स्तंभ है। भारतीय मूल की बड़ी आबादी, सामरिक समुद्री स्थिति और गहरे सांस्कृतिक संबंधों के कारण मॉरीशस भारत के लिए रक्षा, ऊर्जा और डिजिटल साझेदारी में विशेष महत्व रखता है।
राष्ट्र प्रेस
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