LTCG टैक्स पर अभी फैसला नहीं: वित्त मंत्री सीतारमण, बजट 2027 की तैयारी शुरू
सारांश
मुख्य बातें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स व्यवस्था में बदलाव की संभावना को वे नकारती नहीं हैं, लेकिन अभी इस पर कोई ठोस रुख जाहिर करना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2027-28 की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं और सरकार सभी सुझावों को गंभीरता से सुनेगी।
ब्लूमबर्ग फोरम में क्या बोलीं वित्त मंत्री
ब्लूमबर्ग न्यू इकॉनमी फोरम में बोलते हुए सीतारमण ने माना कि घरेलू और विदेशी दोनों निवेशक LTCG टैक्स दरों पर अपनी राय सरकार के सामने रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) का सवाल भी इस बहस से अलग नहीं किया जा सकता। बाजार के प्रतिभागियों ने यह मुद्दा उठाया है कि सभी एसेट क्लास के साथ एकसमान कर व्यवहार होना चाहिए या नहीं — और सरकार इस पर आए सुझावों को नजरअंदाज नहीं करेगी।
मौजूदा LTCG कर व्यवस्था क्या है
मौजूदा नियमों के तहत एक वर्ष से अधिक समय तक रखे गए सूचीबद्ध इक्विटी शेयरों और इक्विटी म्यूचुअल फंड पर होने वाले दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ पर 12.5 प्रतिशत कर लागू है। सालाना ₹1.25 लाख तक के लाभ पर कोई कर नहीं देना होता। ये बदलाव जुलाई 2024 के बजट में किए गए थे, जब LTCG दर 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत और छूट सीमा ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹1.25 लाख की गई थी।
गौरतलब है कि बजट 2026 में भी कई बाजार वर्गों की दर घटाने या छूट सीमा बढ़ाने की उम्मीदों के बावजूद पूंजीगत लाभ कर की संरचना में कोई बदलाव नहीं किया गया था। हालाँकि, फ्यूचर्स एवं ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग पर STT में बढ़ोतरी जरूर की गई थी।
उद्योग और विदेशी निवेशकों की चिंताएँ
उद्योग संगठनों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने बार-बार यह तर्क दिया है कि भारत की पूंजीगत लाभ कर व्यवस्था घरेलू इक्विटी बाजारों की प्रतिस्पर्धात्मकता पर प्रतिकूल असर डालती है और निवेश प्रवाह को प्रभावित करती है। यह ऐसे समय में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब विदेशी निवेशक इस वर्ष लंबे समय तक भारतीय इक्विटी बाजारों में शुद्ध बिकवाल बने रहे हैं।
बाजार पर तत्काल असर
वित्त मंत्री की इन टिप्पणियों के बाद शेयर बाजार में तेज उछाल देखा गया। कारोबार की समाप्ति पर BSE सेंसेक्स और NSE निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, LTCG पुनर्विचार की संभावना मात्र से भी निवेशकों की धारणा में सुधार आया।
आगे की राह: बजट 2027-28
केंद्रीय बजट 2027-28 को 1 फरवरी 2027 को पेश किया जाना है। इस बजट की तैयारियाँ अभी से शुरू हो चुकी हैं और वित्त मंत्रालय विभिन्न हितधारकों से सुझाव आमंत्रित करने के चरण में है। LTCG दर, STT संरचना और एसेट क्लास के बीच कर समानता — ये तीनों मुद्दे बजट चर्चा के केंद्र में रहने की संभावना है। आने वाले महीनों में वित्त मंत्रालय की पूर्व-बजट बैठकों में इन सवालों पर और स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।