इक्विटी पर LTCG टैक्स हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं: वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 20 जुलाई 2026 को लोकसभा में स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार के पास फिलहाल इक्विटी लेनदेन पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स समाप्त करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। यह बयान उस समय आया है जब खुदरा और घरेलू निवेशक लंबे समय से इस कर को हटाने की माँग करते रहे हैं।
संसद में क्या कहा मंत्री ने
एक सांसद के प्रश्न के उत्तर में पंकज चौधरी ने कहा, 'फिलहाल सरकार के पास रिटेल और घरेलू निवेशकों के लिए इक्विटी ट्रांजैक्शन पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स को खत्म करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।' मंत्री ने यह भी बताया कि व्यापक आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सालाना बजट प्रक्रिया के अंतर्गत कैपिटल गेन्स दरों सहित समस्त कर नीतियों की समय-समय पर समीक्षा की जाती है।
LTCG से सरकार को कितनी आय
इक्विटी लेनदेन पर LTCG से होने वाला कर संग्रह असेसमेंट ईयर 2024-25 (वित्त वर्ष 2023-24) में ₹72,249 करोड़ था, जो असेसमेंट ईयर 2025-26 (वित्त वर्ष 2024-25) में बढ़कर ₹1,29,158 करोड़ हो गया। इन दो वर्षों में सरकार ने LTCG टैक्स के ज़रिये कुल ₹2.01 लाख करोड़ जुटाए — यह आँकड़ा स्पष्ट करता है कि यह कर सरकारी राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है।
मौजूदा LTCG ढाँचा क्या है
लिस्टेड इक्विटी और इक्विटी म्यूचुअल फंड पर LTCG की दर 12.5 प्रतिशत निर्धारित है। यह कर केवल तब लागू होता है जब किसी वित्त वर्ष में पूंजीगत लाभ ₹1.25 लाख से अधिक हो। किसी परिसंपत्ति को 12 महीने से अधिक अवधि तक रखने पर उसे दीर्घकालिक पूंजीगत परिसंपत्ति माना जाता है।
FPI और घरेलू निवेशकों में कर समानता
इस सवाल पर कि क्या विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को LTCG से छूट मिली है जबकि घरेलू निवेशक यह कर चुका रहे हैं, मंत्री ने स्पष्ट किया कि इक्विटी निवेश पर 12.5 प्रतिशत की LTCG दर FPI, घरेलू और खुदरा निवेशकों — सभी पर समान रूप से लागू है।
हालाँकि, मंत्री ने बताया कि आयकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 के तहत सरकार ने केवल सरकारी प्रतिभूतियों में FPI के निवेश पर कर व्यवस्था को तर्कसंगत बनाया है। इसके अंतर्गत ऐसे निवेशों से प्राप्त ब्याज और पूंजीगत लाभ को आयकर से छूट दी गई है।
वित्त मंत्री का पहले का रुख
गौरतलब है कि इसी वर्ष मई में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि सरकार शेयर बाज़ार निवेशकों द्वारा LTCG और शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन (STCG) टैक्स को लेकर उठाई गई चिंताओं को सुनने के लिए तैयार है। हालाँकि, उन्होंने कर दरों में कटौती का कोई आश्वासन नहीं दिया था। अब मंत्री के इस बयान से यह संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में LTCG संरचना में कोई बड़ा बदलाव संभव नहीं है।