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इक्विटी पर LTCG टैक्स हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं: वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी

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इक्विटी पर LTCG टैक्स हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं: वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी

सारांश

केंद्र सरकार ने संसद में साफ कर दिया — इक्विटी पर LTCG टैक्स हटाने का कोई इरादा नहीं। दो वर्षों में ₹2.01 लाख करोड़ की राजस्व वसूली के बाद यह कर सरकार के लिए नाज़ुक मुद्दा बन चुका है, जबकि खुदरा निवेशकों की राहत की उम्मीदें फिर टूटती दिख रही हैं।

मुख्य बातें

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 20 जुलाई 2026 को लोकसभा में कहा — इक्विटी पर LTCG टैक्स हटाने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं।
LTCG कर संग्रह AY 2024-25 में ₹72,249 करोड़ से बढ़कर AY 2025-26 में ₹1,29,158 करोड़ हो गया; दो वर्षों में कुल ₹2.01 लाख करोड़ जुटाए।
लिस्टेड इक्विटी और इक्विटी म्यूचुअल फंड पर LTCG दर 12.5% ; ₹1.25 लाख से अधिक लाभ पर ही लागू।
FPI, घरेलू और खुदरा निवेशकों पर इक्विटी LTCG दर समान (12.5%) — मंत्री ने भेदभाव की धारणा खारिज की।
आयकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 के तहत केवल सरकारी प्रतिभूतियों में FPI निवेश पर ब्याज और पूंजीगत लाभ को आयकर से छूट दी गई।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मई में चिंताएँ सुनने की बात कही थी, पर कर कटौती का कोई आश्वासन नहीं दिया था।

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 20 जुलाई 2026 को लोकसभा में स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार के पास फिलहाल इक्विटी लेनदेन पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स समाप्त करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। यह बयान उस समय आया है जब खुदरा और घरेलू निवेशक लंबे समय से इस कर को हटाने की माँग करते रहे हैं।

संसद में क्या कहा मंत्री ने

एक सांसद के प्रश्न के उत्तर में पंकज चौधरी ने कहा, 'फिलहाल सरकार के पास रिटेल और घरेलू निवेशकों के लिए इक्विटी ट्रांजैक्शन पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स को खत्म करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।' मंत्री ने यह भी बताया कि व्यापक आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सालाना बजट प्रक्रिया के अंतर्गत कैपिटल गेन्स दरों सहित समस्त कर नीतियों की समय-समय पर समीक्षा की जाती है।

LTCG से सरकार को कितनी आय

इक्विटी लेनदेन पर LTCG से होने वाला कर संग्रह असेसमेंट ईयर 2024-25 (वित्त वर्ष 2023-24) में ₹72,249 करोड़ था, जो असेसमेंट ईयर 2025-26 (वित्त वर्ष 2024-25) में बढ़कर ₹1,29,158 करोड़ हो गया। इन दो वर्षों में सरकार ने LTCG टैक्स के ज़रिये कुल ₹2.01 लाख करोड़ जुटाए — यह आँकड़ा स्पष्ट करता है कि यह कर सरकारी राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है।

मौजूदा LTCG ढाँचा क्या है

लिस्टेड इक्विटी और इक्विटी म्यूचुअल फंड पर LTCG की दर 12.5 प्रतिशत निर्धारित है। यह कर केवल तब लागू होता है जब किसी वित्त वर्ष में पूंजीगत लाभ ₹1.25 लाख से अधिक हो। किसी परिसंपत्ति को 12 महीने से अधिक अवधि तक रखने पर उसे दीर्घकालिक पूंजीगत परिसंपत्ति माना जाता है।

FPI और घरेलू निवेशकों में कर समानता

इस सवाल पर कि क्या विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को LTCG से छूट मिली है जबकि घरेलू निवेशक यह कर चुका रहे हैं, मंत्री ने स्पष्ट किया कि इक्विटी निवेश पर 12.5 प्रतिशत की LTCG दर FPI, घरेलू और खुदरा निवेशकों — सभी पर समान रूप से लागू है।

हालाँकि, मंत्री ने बताया कि आयकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 के तहत सरकार ने केवल सरकारी प्रतिभूतियों में FPI के निवेश पर कर व्यवस्था को तर्कसंगत बनाया है। इसके अंतर्गत ऐसे निवेशों से प्राप्त ब्याज और पूंजीगत लाभ को आयकर से छूट दी गई है।

वित्त मंत्री का पहले का रुख

गौरतलब है कि इसी वर्ष मई में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि सरकार शेयर बाज़ार निवेशकों द्वारा LTCG और शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन (STCG) टैक्स को लेकर उठाई गई चिंताओं को सुनने के लिए तैयार है। हालाँकि, उन्होंने कर दरों में कटौती का कोई आश्वासन नहीं दिया था। अब मंत्री के इस बयान से यह संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में LTCG संरचना में कोई बड़ा बदलाव संभव नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राजकोषीय मजबूरी का भी है — यही कारण है कि सरकार 'समीक्षा' की भाषा बोलती है, पर राहत नहीं देती। FPI को सरकारी प्रतिभूतियों पर छूट देना और घरेलू खुदरा निवेशकों को 12.5% LTCG के तहत रखना एक विरोधाभास है जिसे मंत्री ने 'समानता' कहकर टाल दिया, लेकिन आलोचक इसे दो तरफा नीति मानते हैं। वित्त मंत्री का मई वाला 'सुनने को तैयार' बयान और अब यह 'कोई प्रस्ताव नहीं' — यह अंतर बताता है कि सरकार बाज़ार की भावनाओं को संभालने और राजस्व संरक्षण के बीच संतुलन साध रही है, जो आगामी बजट तक जारी रहने की संभावना है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सरकार इक्विटी पर LTCG टैक्स हटाने वाली है?
नहीं। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 20 जुलाई 2026 को लोकसभा में स्पष्ट कहा कि फिलहाल इक्विटी लेनदेन पर LTCG टैक्स समाप्त करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। कर नीतियों की समीक्षा वार्षिक बजट प्रक्रिया के तहत होती है।
इक्विटी पर LTCG टैक्स की मौजूदा दर क्या है?
लिस्टेड इक्विटी और इक्विटी म्यूचुअल फंड पर LTCG की दर 12.5 प्रतिशत है। यह कर तभी लागू होता है जब किसी वित्त वर्ष में पूंजीगत लाभ ₹1.25 लाख से अधिक हो, और संपत्ति को 12 महीने से अधिक समय तक रखा गया हो।
क्या FPI को LTCG टैक्स से छूट मिली है जबकि घरेलू निवेशक यह कर चुका रहे हैं?
नहीं। इक्विटी निवेश पर 12.5% LTCG दर FPI और घरेलू-खुदरा निवेशकों दोनों पर समान रूप से लागू है। हालाँकि, आयकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 के तहत केवल सरकारी प्रतिभूतियों में FPI निवेश से मिलने वाले ब्याज और पूंजीगत लाभ को आयकर से छूट दी गई है।
LTCG टैक्स से सरकार को कितना राजस्व मिला है?
AY 2024-25 में इक्विटी LTCG से ₹72,249 करोड़ और AY 2025-26 में ₹1,29,158 करोड़ का संग्रह हुआ। इन दो वर्षों में कुल ₹2.01 लाख करोड़ का राजस्व LTCG टैक्स से प्राप्त हुआ।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का LTCG पर क्या रुख रहा है?
मई 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि सरकार शेयर बाज़ार निवेशकों की LTCG और STCG से जुड़ी चिंताओं को सुनने के लिए तैयार है। हालाँकि, उन्होंने कर दरों में कटौती का कोई आश्वासन नहीं दिया था, और अब संसद में सरकार ने किसी बदलाव की संभावना से इनकार किया है।
राष्ट्र प्रेस
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