लखनऊ प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड: एसटीएफ ने मास्टरमाइंड दिनेश यादव और ड्राइवर मुबीन को किया गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 27 मई को हुई प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की हत्या के मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बड़ी सफलता हासिल की है। 1 जून 2026 को एसटीएफ ने इस हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता दिनेश कुमार यादव और उसके ड्राइवर मुकर्रबीन उर्फ मुबीन — दोनों निवासी अंबेडकरनगर — को गिरफ्तार किया। घटना में इस्तेमाल की गई फर्जी नंबर प्लेट, नकदी और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
एसटीएफ के अनुसार, संदीप सिंह की गोली मारकर हत्या के बाद थाना पीजीआई में मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू की गई थी। 31 मई को एक मुखबिर से सूचना मिली कि हत्या में शामिल एक आरोपी डलौना अंडरपास के नीचे आने वाला है। इस सूचना पर स्थानीय पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुँचकर मुकर्रबीन उर्फ मुबीन को दबोच लिया। उससे पूछताछ के आधार पर दिनेश कुमार यादव को एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ बुलाया गया और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
साजिश का पर्दाफाश
पूछताछ में मुकर्रबीन ने खुलासा किया कि वह 2016 से दिनेश यादव की गाड़ी चलाता है। दिनेश यादव का समदा स्थित एक ज़मीन को लेकर संदीप सिंह से लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। संदीप की लगातार मुकदमेबाजी और शिकायतों से परेशान होकर दिनेश ने उसे 'रास्ते से हटाने' का फैसला किया। मुबीन के अनुसार, दिनेश के कहने पर उसने एक बिचौलिए से संपर्क कर ₹5 लाख में हत्या की सुपारी तय की। उस बिचौलिए ने 2 शूटर उपलब्ध कराए, जिनके लखनऊ में रहने की व्यवस्था मुबीन ने की।
मुबीन ने बताया कि शूटरों को संदीप सिंह के आने-जाने का रूट दिखाने के साथ-साथ कई बार रेकी भी कराई गई। घटना को अंजाम देने के लिए अमीनाबाद से एक सेकेंड हैंड अपाचे मोटरसाइकिल खरीदी गई, जिस पर असली नंबर प्लेट हटाकर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई। यह मोटरसाइकिल खरीदने का पैसा दिनेश यादव ने दिया था।
घटना के दिन की योजना
दिनेश यादव के बयान के अनुसार, शूटरों को 27 मई को घटना को अंजाम देने का निर्देश दिया गया था। उस दिन बकरीद का अवसर था, जिसका फायदा उठाते हुए मुबीन अपने घर चला गया और दिनेश यादव भी लखनऊ से बाहर निकल गया — ताकि घटना के दिन दोनों की मौजूदगी जनपद में न हो। दोपहर में शूटरों ने फोन कर हत्या की पुष्टि की।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
मुख्य साजिशकर्ता दिनेश कुमार यादव के खिलाफ पहले से 9 मुकदमे दर्ज हैं। एसटीएफ ने घटना में प्रयुक्त फर्जी नंबर प्लेट, नकदी और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। फिलहाल मामले में शामिल 2 शूटर और बिचौलिए की तलाश जारी है।
यह मामला उत्तर प्रदेश में प्रॉपर्टी विवादों से जन्मे संगठित अपराध की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करता है, जहाँ सुपारी हत्या एक चिंताजनक पैटर्न बनती जा रही है। एसटीएफ के अनुसार, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ मामले की जाँच और गहरी होने की उम्मीद है।