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लखनऊ प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड: एसटीएफ ने मास्टरमाइंड दिनेश यादव और ड्राइवर मुबीन को किया गिरफ्तार

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लखनऊ प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड: एसटीएफ ने मास्टरमाइंड दिनेश यादव और ड्राइवर मुबीन को किया गिरफ्तार

सारांश

लखनऊ में प्रॉपर्टी विवाद ने लिया हत्या का रूप — ₹5 लाख की सुपारी, फर्जी नंबर प्लेट वाली अपाचे, और बकरीद का अलीबाई। एसटीएफ ने मास्टरमाइंड दिनेश यादव व ड्राइवर मुबीन को दबोचा, पर 2 शूटर अभी फरार हैं।

मुख्य बातें

27 मई 2026 को लखनऊ में प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की गोली मारकर हत्या की गई थी।
एसटीएफ ने 1 जून को मास्टरमाइंड दिनेश कुमार यादव और ड्राइवर मुकर्रबीन उर्फ मुबीन को गिरफ्तार किया।
हत्या की सुपारी ₹5 लाख में तय हुई थी; 2 शूटर अभी भी फरार हैं।
घटना में अमीनाबाद से खरीदी गई सेकेंड हैंड अपाचे मोटरसाइकिल पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी।
मुख्य आरोपी दिनेश यादव के खिलाफ पहले से 9 मुकदमे दर्ज हैं।
एसटीएफ ने फर्जी नंबर प्लेट, नकदी और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 27 मई को हुई प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की हत्या के मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बड़ी सफलता हासिल की है। 1 जून 2026 को एसटीएफ ने इस हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता दिनेश कुमार यादव और उसके ड्राइवर मुकर्रबीन उर्फ मुबीन — दोनों निवासी अंबेडकरनगर — को गिरफ्तार किया। घटना में इस्तेमाल की गई फर्जी नंबर प्लेट, नकदी और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

एसटीएफ के अनुसार, संदीप सिंह की गोली मारकर हत्या के बाद थाना पीजीआई में मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू की गई थी। 31 मई को एक मुखबिर से सूचना मिली कि हत्या में शामिल एक आरोपी डलौना अंडरपास के नीचे आने वाला है। इस सूचना पर स्थानीय पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुँचकर मुकर्रबीन उर्फ मुबीन को दबोच लिया। उससे पूछताछ के आधार पर दिनेश कुमार यादव को एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ बुलाया गया और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।

साजिश का पर्दाफाश

पूछताछ में मुकर्रबीन ने खुलासा किया कि वह 2016 से दिनेश यादव की गाड़ी चलाता है। दिनेश यादव का समदा स्थित एक ज़मीन को लेकर संदीप सिंह से लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। संदीप की लगातार मुकदमेबाजी और शिकायतों से परेशान होकर दिनेश ने उसे 'रास्ते से हटाने' का फैसला किया। मुबीन के अनुसार, दिनेश के कहने पर उसने एक बिचौलिए से संपर्क कर ₹5 लाख में हत्या की सुपारी तय की। उस बिचौलिए ने 2 शूटर उपलब्ध कराए, जिनके लखनऊ में रहने की व्यवस्था मुबीन ने की।

मुबीन ने बताया कि शूटरों को संदीप सिंह के आने-जाने का रूट दिखाने के साथ-साथ कई बार रेकी भी कराई गई। घटना को अंजाम देने के लिए अमीनाबाद से एक सेकेंड हैंड अपाचे मोटरसाइकिल खरीदी गई, जिस पर असली नंबर प्लेट हटाकर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई। यह मोटरसाइकिल खरीदने का पैसा दिनेश यादव ने दिया था।

घटना के दिन की योजना

दिनेश यादव के बयान के अनुसार, शूटरों को 27 मई को घटना को अंजाम देने का निर्देश दिया गया था। उस दिन बकरीद का अवसर था, जिसका फायदा उठाते हुए मुबीन अपने घर चला गया और दिनेश यादव भी लखनऊ से बाहर निकल गया — ताकि घटना के दिन दोनों की मौजूदगी जनपद में न हो। दोपहर में शूटरों ने फोन कर हत्या की पुष्टि की।

आरोपी का आपराधिक इतिहास

मुख्य साजिशकर्ता दिनेश कुमार यादव के खिलाफ पहले से 9 मुकदमे दर्ज हैं। एसटीएफ ने घटना में प्रयुक्त फर्जी नंबर प्लेट, नकदी और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। फिलहाल मामले में शामिल 2 शूटर और बिचौलिए की तलाश जारी है।

यह मामला उत्तर प्रदेश में प्रॉपर्टी विवादों से जन्मे संगठित अपराध की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करता है, जहाँ सुपारी हत्या एक चिंताजनक पैटर्न बनती जा रही है। एसटीएफ के अनुसार, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ मामले की जाँच और गहरी होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उत्तर प्रदेश में प्रॉपर्टी विवादों के इर्द-गिर्द पनप रहे संगठित अपराध तंत्र की एक और कड़ी है — जहाँ ज़मीन के झगड़े सीधे सुपारी हत्या में तब्दील हो रहे हैं। गौरतलब है कि मुख्य आरोपी के खिलाफ पहले से 9 मुकदमे दर्ज थे, फिर भी वह खुलेआम सक्रिय रहा — यह पुलिस की पूर्व निगरानी पर सवाल खड़ा करता है। एसटीएफ की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन असली परीक्षा शूटरों और बिचौलिए की गिरफ्तारी में है, जिनके बिना आपराधिक नेटवर्क की पूरी तस्वीर सामने नहीं आएगी।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड क्या है?
27 मई 2026 को लखनऊ में प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह हत्या समदा स्थित एक ज़मीन विवाद से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें मुख्य साजिशकर्ता ने ₹5 लाख में सुपारी देकर 2 शूटरों से यह वारदात कराई।
एसटीएफ ने किसे गिरफ्तार किया और कब?
एसटीएफ ने 1 जून 2026 को मुख्य साजिशकर्ता दिनेश कुमार यादव और उसके ड्राइवर मुकर्रबीन उर्फ मुबीन को गिरफ्तार किया। दोनों अंबेडकरनगर के निवासी हैं। मुबीन को डलौना अंडरपास के पास और दिनेश को एसटीएफ मुख्यालय में पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया।
हत्या की साजिश कैसे रची गई थी?
दिनेश यादव ने अपने ड्राइवर मुबीन को संदीप सिंह की हत्या का निर्देश दिया। मुबीन ने एक बिचौलिए के ज़रिए ₹5 लाख में 2 शूटर बुलाए, अमीनाबाद से सेकेंड हैंड अपाचे मोटरसाइकिल खरीदी और उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर कई बार रेकी कराई। बकरीद का दिन चुनकर दोनों आरोपी अलीबाई बनाने के लिए लखनऊ से बाहर चले गए।
क्या अभी भी कोई आरोपी फरार है?
हाँ, हत्या को अंजाम देने वाले 2 शूटर और बिचौलिया अभी भी फरार हैं। एसटीएफ उनकी तलाश में जुटी है। इन्हें पकड़े बिना आपराधिक नेटवर्क की पूरी जाँच अधूरी मानी जाएगी।
मुख्य आरोपी दिनेश यादव का आपराधिक इतिहास क्या है?
दिनेश कुमार यादव के खिलाफ इस मामले से पहले ही 9 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। वह विभिन्न स्थानों पर प्रॉपर्टी का काम करता था और संदीप सिंह से ज़मीन विवाद को लेकर लंबे समय से कानूनी लड़ाई में उलझा हुआ था।
राष्ट्र प्रेस
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