लखनऊ में विवादित पोस्टर पर सपा का पलटवार: अखिलेश की लोकप्रियता से घबराई भाजपा — अवधेश प्रसाद
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ के 1090 चौराहे समेत कई प्रमुख स्थानों पर 'सनातन रक्षा संगठन' द्वारा लगाए गए विवादित पोस्टरों ने 18 अक्टूबर 2026 को तीखा सियासी विवाद खड़ा कर दिया। इन पोस्टरों में समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सपा नेता आजम खान और कुख्यात माफिया अतीक अहमद व मुख्तार अंसारी की तस्वीरों को एक साथ रखते हुए उन्हें "सनातन भारत के विरोधी रावण" और "सनातन भारत का दुश्मन" बताया गया है। सपा कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुँचकर इन पोस्टरों को फाड़ दिया।
पोस्टर विवाद का घटनाक्रम
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कई प्रमुख चौराहों पर लगाए गए इन पोस्टरों में विपक्षी नेताओं की तस्वीरें माफियाओं की तस्वीरों के साथ जोड़ी गई हैं। 'सनातन रक्षा संगठन' ने इन पोस्टरों के ज़रिए विपक्षी दलों को धर्म विरोधी करार देने की कोशिश की। यह ऐसे समय में हुआ है जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की सरगर्मियाँ तेज़ होने लगी हैं।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब लखनऊ में इस तरह के राजनीतिक पोस्टर विवाद ने तूल पकड़ा हो। चुनावी मौसम में पोस्टर वॉर उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक पुरानी रणनीति रही है।
सपा नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया
अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने इसे भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सुनियोजित साजिश बताया। उन्होंने कहा, "भाजपा अखिलेश यादव की बढ़ती लोकप्रियता और विश्वसनीयता को लेकर चिंतित है। जैसे जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, उनकी घबराहट बढ़ती जा रही है। इसीलिए पोस्टर, झूठे बयानों और गुमराह करने वाले दावों के जरिए ऐसी हरकतें की जा रही हैं। हालांकि, उनकी ये सारी कोशिशें नाकाम रहेंगी। जनता सब समझती है।"
सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने 'सनातन रक्षा संगठन' पर गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार, "यह संगठन पहले एक राजनीतिक संगठन था, जिस पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई हुई थी। ईडी की कार्रवाई के बाद ही भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर नया संगठन बना लिया गया। ये भाजपा के लिए काम करता है। एजेंसियों से बचने के लिए काम करता है।"
फखरुल हसन ने आगे कहा, "विपक्ष को कैसे बदनाम किया जाए, इसके लिए भारतीय जनता पार्टी के पास इसी तरह के हथियार हैं। यह निचले स्तर की राजनीति है। जनता ने 2024 के लोकसभा चुनाव में सबक सिखाया था और 2027 में भाजपा को उत्तर प्रदेश से साफ कर देंगे।"
धर्म और राजनीति पर सपा का तर्क
सपा नेता डॉ. इंद्रसेन ने भी पोस्टर विवाद पर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, "भगवान राम ने धन संपत्ति छोड़कर अपने पिता के सम्मान के लिए वन गमन किया था। वन में उन्होंने भील, केवट समेत सभी जातियों को गले लगाया और उसी के बल पर लंका पर विजय प्राप्त की। भाजपा के लोग भगवान राम के आदर्शों पर नहीं चलते और धर्म का सिर्फ सियासी लाभ लेने की जुगत में रहते हैं।"
आगे क्या होगा
सपा के तीखे पलटवार के बाद लखनऊ में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह के पोस्टर वॉर और आरोप प्रत्यारोप के और तेज़ होने की आशंका है। अभी तक भाजपा की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन से पोस्टर हटाने और संगठन के खिलाफ कार्रवाई की माँग भी उठने लगी है।