मां कर्मा का प्रेरणादायक जीवन: सेवा, श्रद्धा और संस्कार की सीख
सारांश
Key Takeaways
- मां कर्मा का जीवन सेवा, श्रद्धा और संस्कार का प्रतीक है।
- महोत्सव में विविध समुदायों के नेताओं की उपस्थिति महत्वपूर्ण है।
- प्रधानमंत्री मोदी ने जल संरक्षण की जनभागीदारी की सराहना की।
- भारत की विदेश नीति वैश्विक स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
- सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के लिए सेवा और संस्कार आवश्यक हैं।
सूरजपुर, २९ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को ‘प्रदेश स्तरीय भक्त माता कर्मा जयंती महोत्सव 2026’ में भाग लिया। उन्होंने कहा कि मां कर्मा का जीवन हमें सेवा, श्रद्धा और संस्कार का महत्व सिखाता है।
सीएम साय ने कहा कि सूरजपुर में साहू समाज द्वारा 'भक्त माता कर्मा जयंती' उत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें अनेक श्रद्धालु एकत्रित हुए। इस कार्यक्रम की मेज़बानी समाज के पदाधिकारियों ने की, जिन्होंने विभिन्न समुदायों के नेताओं को भी आमंत्रित किया था।
सीएम साय ने सोशल मीडिया पर लिखा कि आज सूरजपुर की पुण्यभूमि पर आयोजित ‘प्रदेश स्तरीय भक्त माता कर्मा जयंती महोत्सव 2026’ में सहभागी होकर मां कर्मा के चरणों में नमन करने का अवसर प्राप्त हुआ। मां कर्मा का प्रेरणादायी जीवन हमें यह सिखाता है कि सेवा, श्रद्धा और संस्कार समाज की असली ताकत हैं। जब हम इन मूल्यों के साथ आगे बढ़ते हैं, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन स्वतः ही दिखाई देता है। इन्हीं आदर्शों के साथ हम सब मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ की सशक्त और समृद्ध नींव तैयार कर रहे हैं। मां कर्मा का आशीर्वाद हम सभी पर बना रहे, यही हमारी प्रार्थना है।
सीएम साय ने कहा कि पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में आज छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में जनसहभागिता से संचालित जल संरक्षण के प्रयासों की सराहना की। यह हम सभी के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। किसानों द्वारा सोख्ता गड्ढों एवं रिचार्ज तालाबों के निर्माण से भूजल स्तर में आया सकारात्मक परिवर्तन इसका प्रमाण है कि जब शासन के प्रयासों में जनभागीदारी जुड़ती है, तो परिवर्तन स्थायी और प्रभावी होता है। हमारी सुशासन सरकार जनभागीदारी आधारित ऐसे प्रयासों को और सशक्त करते हुए निरन्तर और समावेशी विकास के संकल्प को साकार कर रही है।
सीएम ने आगे कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत की मजबूती प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और सशक्त विदेश नीति का परिणाम है। भारत की सशक्त विदेश नीति का यह परिणाम है कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद देश और प्रदेश पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है। इसी कारण हमारा देश और प्रदेश दोनों सुरक्षित, स्थिर और निरंतर प्रगति की राह पर हैं।