9 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

चित्तौड़गढ़: ऑनलाइन गेमिंग-सट्टे के जाल में फँसे बीटेक छात्र ने पिया टॉयलेट क्लीनर, हालत स्थिर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चित्तौड़गढ़: ऑनलाइन गेमिंग-सट्टे के जाल में फँसे बीटेक छात्र ने पिया टॉयलेट क्लीनर, हालत स्थिर

सारांश

चित्तौड़गढ़ का यह मामला सिर्फ एक युवक की कहानी नहीं — यह ऑनलाइन सट्टे और सूदखोरी के उस जाल की तस्वीर है जो राजस्थान के युवाओं को तेजी से निगल रहा है। बाइक-लैपटॉप गँवाने के बाद ₹65,000 की माँग और फिर टॉयलेट क्लीनर — यह सिलसिला किसी एक परिवार तक नहीं रुकेगा।

मुख्य बातें

प्रियांशु विश्वास उर्फ राज (20) , उदयपुर के टेक्नो इंजीनियरिंग कॉलेज का बीटेक तृतीय वर्ष का छात्र, ने 24 मई 2025 को चित्तौड़गढ़ में आत्महत्या का प्रयास किया।
माँ द्वारा ₹65,000 देने से इनकार के बाद उसने टॉयलेट क्लीनर पी लिया; फिलहाल जिला चिकित्सालय श्री सांवलियाजी में हालत स्थिर।
परिजनों के अनुसार युवक ऑनलाइन सट्टा व सूदखोरी नेटवर्क के संपर्क में था; बाइक और लैपटॉप भी कथित तौर पर कर्ज में चले गए।
पिता प्रशांत विश्वास का आरोप — चंदेरिया थाना और साइबर थाना ने शिकायत दर्ज नहीं की; अब जिला पुलिस अधीक्षक से शिकायत की तैयारी।
चित्तौड़गढ़ में ऑनलाइन गेमिंग और डिजिटल सूदखोरी से युवाओं के फँसने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में 24 मई 2025 को एक 20 वर्षीय बीटेक छात्र ने आत्महत्या का प्रयास किया। प्रियांशु विश्वास उर्फ राज, जो उदयपुर के टेक्नो इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक तृतीय वर्ष का छात्र है, ने माँ द्वारा ₹65,000 देने से इनकार करने पर गुस्से में टॉयलेट क्लीनर पी लिया। फिलहाल उसका इलाज जिला चिकित्सालय श्री सांवलियाजी में चल रहा है और हालत स्थिर बताई जा रही है।

घटनाक्रम: कैसे पहुँचा मामला यहाँ तक

परिजनों के अनुसार, चंदेरिया थाना क्षेत्र के हाउसिंग बोर्ड इलाके में रहने वाला प्रियांशु पहले ऑनलाइन गेमिंग का आदी था, जिसे उसने करीब एक वर्ष पहले छोड़ दिया था। परिवार ने हाल ही में उसे बाइक और लैपटॉप दिलाए थे, लेकिन परिजनों का आरोप है कि ऑनलाइन लेन-देन और कर्ज के दबाव में ये दोनों सामान उसके हाथ से निकल गए।

परिजनों की आशंका है कि युवक फिर से ऑनलाइन गेमिंग गतिविधियों में सक्रिय हो गया था और किसी ऑनलाइन सट्टा व सूदखोरी नेटवर्क के संपर्क में आ गया था, जहाँ ऊँचे ब्याज पर पैसे लेकर गेमिंग में लगाए जा रहे थे। शुक्रवार और शनिवार सुबह उसने माँ से ₹65,000 की माँग की, जो आर्थिक तंगी के चलते पूरी नहीं हो सकी।

अस्पताल में भर्ती, हालत नियंत्रण में

हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल जिला चिकित्सालय श्री सांवलियाजी ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों की निगरानी में उसकी स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। चिकित्सा सूत्रों के अनुसार उसे खतरे से बाहर माना जा रहा है।

पुलिस शिकायत और प्रशासनिक उदासीनता के आरोप

युवक के पिता प्रशांत विश्वास ने आरोप लगाया है कि उन्होंने चंदेरिया थाना और साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, किंतु रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। अब परिवार पूरे मामले की शिकायत जिला पुलिस अधीक्षक से करने की तैयारी में है। पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

व्यापक सामाजिक संकट की ओर इशारा

यह मामला केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है। चित्तौड़गढ़ में बड़ी संख्या में युवा ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और त्वरित धन-लाभ के लालच में फँसते जा रहे हैं। कई मामलों में भारी कर्ज के दलदल में डूबे युवा परिवारों पर बड़ी रकम के लिए दबाव बना रहे हैं — यह जिले में तेजी से उभरती एक गंभीर सामाजिक समस्या बनती जा रही है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देशभर में ऑनलाइन गेमिंग और डिजिटल सूदखोरी से जुड़े मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जमीनी हकीकत अलग दिखती है। जब तक ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क पर कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को त्वरित कानूनी सहायता नहीं मिलती, ऐसी घटनाएँ दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चित्तौड़गढ़ में बीटेक छात्र ने आत्महत्या का प्रयास क्यों किया?
परिजनों के अनुसार, प्रियांशु विश्वास उर्फ राज (20) ऑनलाइन गेमिंग और कथित सूदखोरी नेटवर्क के कारण कर्ज में डूब गया था। माँ द्वारा ₹65,000 देने से इनकार करने पर उसने गुस्से में टॉयलेट क्लीनर पी लिया।
प्रियांशु विश्वास अभी कहाँ है और उसकी हालत कैसी है?
प्रियांशु को जिला चिकित्सालय श्री सांवलियाजी, चित्तौड़गढ़ में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत स्थिर और नियंत्रण में बताई जा रही है।
क्या पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई की है?
युवक के पिता प्रशांत विश्वास का आरोप है कि चंदेरिया थाना और साइबर थाना ने शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया। अब परिवार जिला पुलिस अधीक्षक से शिकायत करने की तैयारी में है।
ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी से युवाओं को क्या खतरा है?
ऑनलाइन सट्टा और सूदखोरी नेटवर्क युवाओं को ऊँचे ब्याज पर पैसे देकर गेमिंग में लगाते हैं, जिससे वे भारी कर्ज में फँस जाते हैं। चित्तौड़गढ़ में ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जहाँ युवा परिवारों पर बड़ी रकम के लिए दबाव बना रहे हैं।
क्या यह घटना चित्तौड़गढ़ में पहली बार हुई है?
नहीं, यह मामला जिले में एक उभरती सामाजिक समस्या की ओर संकेत करता है। रिपोर्टों के अनुसार, चित्तौड़गढ़ में बड़ी संख्या में युवा ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और त्वरित धन-लाभ के लालच में फँसते जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले