चित्तौड़गढ़: ऑनलाइन गेमिंग-सट्टे के जाल में फँसे बीटेक छात्र ने पिया टॉयलेट क्लीनर, हालत स्थिर
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में 24 मई 2025 को एक 20 वर्षीय बीटेक छात्र ने आत्महत्या का प्रयास किया। प्रियांशु विश्वास उर्फ राज, जो उदयपुर के टेक्नो इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक तृतीय वर्ष का छात्र है, ने माँ द्वारा ₹65,000 देने से इनकार करने पर गुस्से में टॉयलेट क्लीनर पी लिया। फिलहाल उसका इलाज जिला चिकित्सालय श्री सांवलियाजी में चल रहा है और हालत स्थिर बताई जा रही है।
घटनाक्रम: कैसे पहुँचा मामला यहाँ तक
परिजनों के अनुसार, चंदेरिया थाना क्षेत्र के हाउसिंग बोर्ड इलाके में रहने वाला प्रियांशु पहले ऑनलाइन गेमिंग का आदी था, जिसे उसने करीब एक वर्ष पहले छोड़ दिया था। परिवार ने हाल ही में उसे बाइक और लैपटॉप दिलाए थे, लेकिन परिजनों का आरोप है कि ऑनलाइन लेन-देन और कर्ज के दबाव में ये दोनों सामान उसके हाथ से निकल गए।
परिजनों की आशंका है कि युवक फिर से ऑनलाइन गेमिंग गतिविधियों में सक्रिय हो गया था और किसी ऑनलाइन सट्टा व सूदखोरी नेटवर्क के संपर्क में आ गया था, जहाँ ऊँचे ब्याज पर पैसे लेकर गेमिंग में लगाए जा रहे थे। शुक्रवार और शनिवार सुबह उसने माँ से ₹65,000 की माँग की, जो आर्थिक तंगी के चलते पूरी नहीं हो सकी।
अस्पताल में भर्ती, हालत नियंत्रण में
हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल जिला चिकित्सालय श्री सांवलियाजी ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों की निगरानी में उसकी स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। चिकित्सा सूत्रों के अनुसार उसे खतरे से बाहर माना जा रहा है।
पुलिस शिकायत और प्रशासनिक उदासीनता के आरोप
युवक के पिता प्रशांत विश्वास ने आरोप लगाया है कि उन्होंने चंदेरिया थाना और साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, किंतु रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। अब परिवार पूरे मामले की शिकायत जिला पुलिस अधीक्षक से करने की तैयारी में है। पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
व्यापक सामाजिक संकट की ओर इशारा
यह मामला केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है। चित्तौड़गढ़ में बड़ी संख्या में युवा ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और त्वरित धन-लाभ के लालच में फँसते जा रहे हैं। कई मामलों में भारी कर्ज के दलदल में डूबे युवा परिवारों पर बड़ी रकम के लिए दबाव बना रहे हैं — यह जिले में तेजी से उभरती एक गंभीर सामाजिक समस्या बनती जा रही है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देशभर में ऑनलाइन गेमिंग और डिजिटल सूदखोरी से जुड़े मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।