25 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मध्य प्रदेश में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट: पेपर लीक समेत युवा-संबंधी मामले 3 माह में निपटेंगे — CM मोहन यादव

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मध्य प्रदेश में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट: पेपर लीक समेत युवा-संबंधी मामले 3 माह में निपटेंगे — CM मोहन यादव

सारांश

मध्य प्रदेश में पेपर लीक और परीक्षा संबंधी मामलों के त्वरित निपटारे के लिए भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनेंगे। CM मोहन यादव ने 3 माह में फैसले का वादा किया — नीट विवाद के बाद यह राज्य का बड़ा न्यायिक कदम है।

मुख्य बातें

मोहन यादव ने 25 जुलाई 2026 को 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की घोषणा की।
ये अदालतें भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में बनेंगी; पेपर लीक समेत युवा-संबंधी मामले 3 माह में निपटाए जाएंगे।
नीट पेपर लीक के बाद केंद्र सरकार ने SIT गठित की, आरोपी गिरफ्तार हुए और दोबारा परीक्षा आयोजित हुई।
मध्य प्रदेश देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू करने वाला पहला राज्य है।
पिछले ढाई वर्षों में राज्य में 3 नए शासकीय विश्वविद्यालय खोले गए।
परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए SOP तैयार करने का आश्वासन दिया गया।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 25 जुलाई 2026 को भोपाल स्थित विधानसभा के सेंट्रल हॉल में संवाददाताओं को बताया कि राज्य में चार फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे, जिनमें पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े मामलों का निपटारा मात्र 3 माह में किया जाएगा। यह घोषणा नीट पेपर लीक विवाद की पृष्ठभूमि में की गई है, जिसने देशभर के विद्यार्थियों को प्रभावित किया।

कहाँ-कहाँ बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट

मुख्यमंत्री यादव के अनुसार ये विशेष अदालतें भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर — राज्य के चार प्रमुख शहरों — में स्थापित की जाएंगी। इन अदालतों का मुख्य उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों से जुड़े न्यायिक मामलों में त्वरित फैसला सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि समय की माँग है कि ऐसे मामलों में न्याय में देरी न हो।

नीट पेपर लीक और सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री यादव ने नीट पेपर लीक प्रकरण का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि जैसे ही यह मामला सामने आया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तत्काल स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की। उन्होंने बताया कि देशभर में तेज़ गति से आरोपियों की गिरफ्तारियाँ हुईं और इसके बाद नीट परीक्षा दोबारा आयोजित कराई गई। भविष्य में परीक्षाएँ अधिक पारदर्शी और सुरक्षित हों, इसके लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल (SOP) तैयार करने का भरोसा भी दिलाया गया।

शिक्षा क्षेत्र में मध्य प्रदेश की उपलब्धियाँ

मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है, जहाँ राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई। पिछले ढाई वर्षों के कार्यकाल में राज्य सरकार ने 3 नए शासकीय विश्वविद्यालय प्रारंभ किए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक और विद्यार्थी वर्ग के कल्याण से जुड़े विषयों पर राज्य सरकार अत्यंत गंभीर और संवेदनशील है।

केंद्र की नीतियों को लागू करने में अग्रणी

मुख्यमंत्री यादव ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी जब भी जनहित में कोई निर्णय लेते हैं, मध्य प्रदेश उसे लागू करने और उसके अनुरूप नीतिगत व्यवस्था बनाने वाला पहला राज्य होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में विद्यार्थियों के साथ खड़ी है और भविष्य में भी उनके हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते रहेंगे।

आगे क्या होगा

फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना की समयसीमा और विस्तृत प्रक्रिया अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। शिक्षा और न्याय विभाग के समन्वय से SOP तैयार करने का काम शुरू होने की उम्मीद है। विद्यार्थी संगठन और शिक्षाविद् इस घोषणा के क्रियान्वयन पर नज़र रखेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन का है — राज्य में न्यायिक बुनियादी ढाँचे और जजों की रिक्तियों को देखते हुए 3 माह की समयसीमा महत्वाकांक्षी लगती है। नीट पेपर लीक जैसे मामले राज्य नहीं, केंद्रीय एजेंसियों के दायरे में आते हैं, इसलिए राज्य-स्तरीय अदालतों की वास्तविक क्षेत्राधिकार सीमा स्पष्ट होनी चाहिए। यह घोषणा विद्यार्थियों के गुस्से को शांत करने की राजनीतिक ज़रूरत से भी प्रेरित दिखती है। बिना पर्याप्त न्यायिक नियुक्तियों और बजट आवंटन के, यह वादा कागज़ी रह सकता है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में फास्ट ट्रैक कोर्ट कहाँ-कहाँ बनेंगे?
मुख्यमंत्री मोहन यादव की घोषणा के अनुसार ये विशेष अदालतें भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में स्थापित की जाएंगी। इनका उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों से जुड़े मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करना है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में किस तरह के मामले आएंगे?
पेपर लीक, परीक्षा धोखाधड़ी और युवाओं से संबंधित अन्य न्यायिक मामले इन अदालतों के दायरे में आएंगे। CM यादव ने कहा कि इन मामलों का निराकरण मात्र 3 माह में किया जाएगा।
नीट पेपर लीक मामले में सरकार ने क्या कदम उठाए?
मुख्यमंत्री यादव के अनुसार नीट पेपर लीक सामने आते ही प्रधानमंत्री मोदी ने SIT गठित की, देशभर में आरोपियों की गिरफ्तारियाँ हुईं और दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। भविष्य में पारदर्शिता के लिए SOP भी तैयार की जाएगी।
मध्य प्रदेश ने शिक्षा क्षेत्र में क्या उपलब्धियाँ हासिल की हैं?
मध्य प्रदेश देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू करने वाला पहला राज्य है। पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार ने 3 नए शासकीय विश्वविद्यालय भी प्रारंभ किए हैं।
फास्ट ट्रैक कोर्ट कब तक काम करना शुरू करेंगे?
मुख्यमंत्री यादव ने अभी तक स्थापना की सटीक समयसीमा सार्वजनिक नहीं की है। शिक्षा और न्याय विभाग के समन्वय से SOP और विस्तृत प्रक्रिया तैयार होने के बाद इन अदालतों के संचालन की तारीख घोषित होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. कल
  3. 2 दिन पहले
  4. 2 दिन पहले
  5. 2 दिन पहले
  6. 2 दिन पहले
  7. 2 दिन पहले
  8. 1 महीना पहले