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मध्य प्रदेश में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित होंगे: सीएम मोहन यादव का ऐलान

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मध्य प्रदेश में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित होंगे: सीएम मोहन यादव का ऐलान

सारांश

मध्य प्रदेश सरकार ने पेपर लीक मामलों में त्वरित न्याय के लिए इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का फैसला किया। सीएम मोहन यादव का यह ऐलान उसी दिन आया जब सोनम वांगचुक ने 26 दिनों का अनशन समाप्त किया।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 24 जुलाई को इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की घोषणा की।
यह निर्णय पेपर लीक मामलों में त्वरित न्याय और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के उद्देश्य से लिया गया।
शिक्षा सुधार कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों के अनशन के बाद केंद्रीय मंत्रियों के आश्वासन पर अनशन समाप्त किया।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ.
जितेंद्र सिंह ने मेदांता अस्पताल, गुरुग्राम में वांगचुक से मुलाकात की।
सीएम यादव ने एक्स पर लिखा कि सरकार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 24 जुलाई को घोषणा की कि राज्य के चार प्रमुख शहरोंइंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर — में फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। यह निर्णय पेपर लीक मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के उद्देश्य से लिया गया है।

मुख्यमंत्री की घोषणा का संदर्भ

मुख्यमंत्री यादव पन्ना के दौरे पर थे, जब उन्होंने यह ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक दिन पूर्व फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की बात कही थी, और राज्य सरकार उसी दिशा में आगे बढ़ रही है। उनके अनुसार, इन अदालतों का उद्देश्य युवाओं से जुड़े मामलों सहित विभिन्न प्रकरणों का शीघ्र निपटारा करना है।

पेपर लीक विरोधी अभियान की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि देशभर में NEET सहित अन्य परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक होने की घटनाओं ने छात्रों और अभिभावकों में गहरा आक्रोश पैदा किया है। इसी मुद्दे पर शिक्षा सुधार कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 26 दिनों से अनशन पर थे। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में वांगचुक से मुलाकात की और सरकार की पहल व आगामी योजनाओं की जानकारी दी।

वांगचुक का अनशन समाप्त

केंद्र सरकार के दोनों मंत्रियों से सकारात्मक संवाद के बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

परीक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा

मुख्यमंत्री यादव के अनुसार, पेपर लीक जैसे मामलों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कदम उठाए जा रहे हैं। फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना इसी व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जो यह सुनिश्चित करेगी कि दोषियों को लंबी कानूनी प्रक्रिया का फायदा न मिल सके।

आगे क्या होगा

राज्य सरकार के इस निर्णय के बाद अब यह देखना होगा कि इन चारों शहरों में फास्ट ट्रैक कोर्ट कब तक क्रियाशील होते हैं और पेपर लीक के लंबित मामलों की सुनवाई किस गति से आगे बढ़ती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम की सफलता त्वरित न्यायिक नियुक्तियों और पर्याप्त बुनियादी ढाँचे पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बुनियादी ढाँचा और मामलों का आवंटन कब तक होगा — क्योंकि भारत में 'फास्ट ट्रैक' अदालतें अक्सर वर्षों तक धीमी गति से चलती हैं। पेपर लीक का मुद्दा केवल सजा की गति का नहीं, बल्कि परीक्षा तंत्र की संरचनात्मक कमज़ोरियों का है — जिस पर कोई ठोस रोडमैप अभी सामने नहीं आया है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में फास्ट ट्रैक कोर्ट किन शहरों में बनेंगे?
मध्य प्रदेश सरकार ने इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर — इन चार शहरों में फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्णय लिया है। इनका उद्देश्य पेपर लीक सहित युवाओं से जुड़े मामलों का त्वरित निपटारा करना है।
मध्य प्रदेश में फास्ट ट्रैक कोर्ट क्यों बनाए जा रहे हैं?
देशभर में NEET और अन्य परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाओं के बाद दोषियों पर त्वरित कार्रवाई की माँग उठी। प्रधानमंत्री मोदी की घोषणा के अनुरूप मध्य प्रदेश सरकार ने इन विशेष अदालतों की स्थापना का फैसला किया ताकि मामलों का जल्द निपटारा हो और पीड़ित छात्रों को शीघ्र न्याय मिले।
सोनम वांगचुक ने अनशन क्यों किया था और उसे क्यों समाप्त किया?
सोनम वांगचुक NEET सहित विभिन्न परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों में सरकारी कार्रवाई की माँग को लेकर 26 दिनों से अनशन पर थे। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा मेदांता अस्पताल में मुलाकात कर सरकार की योजनाओं का आश्वासन दिए जाने के बाद उन्होंने अनशन समाप्त किया।
फास्ट ट्रैक कोर्ट से छात्रों को क्या फायदा होगा?
फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों की तुलना में तेज़ गति से होती है, जिससे पेपर लीक के दोषियों को जल्दी सजा मिल सकती है। इससे परीक्षा तंत्र में विश्वसनीयता बहाल करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
क्या केंद्र सरकार ने भी पेपर लीक पर कोई कदम उठाया है?
हाँ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की बात कही थी, जिसके एक दिन बाद मध्य प्रदेश ने राज्य स्तर पर यह निर्णय लिया। इसके अलावा केंद्रीय मंत्रियों ने सोनम वांगचुक को परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता लाने की प्रतिबद्धता जताई।
राष्ट्र प्रेस
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