ग्राम रोजगार सहायक हनुमान की तरह: सीएम मोहन यादव का भोपाल महासम्मेलन में संबोधन

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ग्राम रोजगार सहायक हनुमान की तरह: सीएम मोहन यादव का भोपाल महासम्मेलन में संबोधन

सारांश

भोपाल के जंबूरी मैदान में हुए महासम्मेलन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ग्राम रोजगार सहायकों को हनुमान की उपमा देते हुए उन्हें ग्रामीण विकास और डिजिटल भारत की धुरी बताया। गांधी के ग्राम स्वराज से मोदी के DBT तक — इस संबोधन ने पंचायत स्तर के कार्यकर्ताओं की भूमिका को राष्ट्रीय विमर्श से जोड़ा।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 20 मई 2026 को भोपाल के जंबूरी मैदान में ग्राम रोजगार सहायकों के राज्य स्तरीय महासम्मेलन को संबोधित किया।
सीएम ने ग्राम रोजगार सहायकों की भूमिका को हनुमान के समान बताया — ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता में अपरिहार्य।
ग्राम रोजगार सहायकों और पंचायत सचिवों को DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के सफल क्रियान्वयन का श्रेय दिया गया।
विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन के क्रियान्वयन में इनकी भूमिका को रेखांकित किया गया।
राज्य सरकार ने ग्राम रोजगार सहायकों के हित संवर्धन के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 20 मई 2026 को भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित ग्राम रोजगार सहायकों के राज्य स्तरीय महासम्मेलन में कहा कि ग्रामीण विकास में ग्राम रोजगार सहायकों की भूमिका हनुमान के समान है — अटल, समर्पित और ग्राम को आत्मनिर्भर बनाने में सक्षम। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इन सहायकों के हित संवर्धन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री का संबोधन: मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि ग्राम रोजगार सहायक प्रदेश की ग्राम पंचायतों में विकास की मुख्य धुरी हैं। उन्होंने इन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल भारत के स्वप्न को साकार करने वाला 'सारथी' बताया। उनके अनुसार, जिस प्रकार हनुमान ने राम के कार्य को निष्ठापूर्वक सिद्ध किया, उसी प्रकार ग्राम रोजगार सहायक ग्रामीण योजनाओं के क्रियान्वयन में अपरिहार्य भूमिका निभाते हैं।

गांधी से मोदी तक: ग्राम स्वराज की परंपरा

सीएम ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के उस कथन का स्मरण कराया जिसमें उन्होंने कहा था कि 'भारत की आत्मा गांवों में बसती है।' उन्होंने कहा कि गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को प्रधानमंत्री मोदी ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) व्यवस्था के माध्यम से व्यावहारिक रूप दिया है। हितग्राहियों तक सरकारी योजनाओं की राशि सीधे पहुँचाने का श्रेय उन्होंने ग्राम रोजगार सहायकों और पंचायत सचिवों को दिया।

महिला, किसान, युवा और गरीब: प्राथमिकता का केंद्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी महिला, किसान, युवा और गरीबों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। ग्राम रोजगार सहायक और पंचायत सचिव विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन में युक्ति और बुद्धि का उपयोग करते हुए जनता की समस्याओं का समाधान निकालते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण रोजगार और पंचायत स्तर पर सेवा वितरण राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में है।

महासम्मेलन का महत्व

यह राज्य स्तरीय महासम्मेलन मध्य प्रदेश सरकार की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत ग्राम पंचायत स्तर के कार्यकर्ताओं को सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रेरित और सम्मानित किया जाता है। गौरतलब है कि ग्राम रोजगार सहायक मनरेगा सहित अनेक केंद्र और राज्य प्रायोजित योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन में सीधे भागीदार होते हैं। आगे सरकार से अपेक्षा है कि वह इन सहायकों के हित संवर्धन के लिए ठोस नीतिगत कदम उठाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ग्राम रोजगार सहायकों के 'हित संवर्धन' की प्रतिबद्धता के पीछे ठोस नीतिगत कदम क्या हैं — वेतन वृद्धि, नौकरी की सुरक्षा, या सामाजिक सुरक्षा लाभ? DBT और डिजिटल भारत की सफलता का श्रेय इन जमीनी कार्यकर्ताओं को देना उचित है, परंतु इनकी सेवा शर्तें अभी भी अनिश्चित बनी हुई हैं। गांधी के ग्राम स्वराज की दुहाई तब अधिक प्रभावशाली होगी जब पंचायत स्तर के कार्यकर्ताओं को संस्थागत स्थायित्व मिले, न केवल प्रतीकात्मक उपमाएँ।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्राम रोजगार सहायक कौन होते हैं और इनका काम क्या है?
ग्राम रोजगार सहायक ग्राम पंचायत स्तर पर नियुक्त कार्यकर्ता होते हैं जो मनरेगा सहित विभिन्न केंद्र और राज्य प्रायोजित योजनाओं के क्रियान्वयन में सहायता करते हैं। ये DBT के माध्यम से हितग्राहियों तक सरकारी लाभ पहुँचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सीएम मोहन यादव ने ग्राम रोजगार सहायकों की तुलना हनुमान से क्यों की?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 20 मई 2026 को भोपाल महासम्मेलन में कहा कि जिस प्रकार हनुमान ने राम के कार्य को निष्ठा और समर्पण से पूरा किया, उसी प्रकार ग्राम रोजगार सहायक ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को जमीन पर साकार करते हैं। यह उपमा इनके समर्पण और अपरिहार्यता को रेखांकित करने के लिए दी गई।
भोपाल का ग्राम रोजगार सहायक महासम्मेलन किसलिए आयोजित किया गया?
यह राज्य स्तरीय महासम्मेलन मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम पंचायत स्तर के कार्यकर्ताओं को सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रेरित करने और उनके योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से जंबूरी मैदान, भोपाल में आयोजित किया गया।
DBT व्यवस्था में ग्राम रोजगार सहायकों की क्या भूमिका है?
मुख्यमंत्री के अनुसार, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के तहत हितग्राहियों तक योजनाओं की राशि सीधे पहुँचाने का कार्य ग्राम रोजगार सहायकों और पंचायत सचिवों के सहयोग से संभव हो रहा है। ये कार्यकर्ता डिजिटल भारत के लक्ष्य को ग्रामीण स्तर पर क्रियान्वित करने में सेतु का काम करते हैं।
मध्य प्रदेश सरकार ग्राम रोजगार सहायकों के हित में क्या करने जा रही है?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने महासम्मेलन में घोषणा की कि राज्य सरकार ग्राम रोजगार सहायकों के हित संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है, हालांकि विशिष्ट नीतिगत उपायों का विस्तृत ब्यौरा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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