13 अगस्त 2026
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मध्य प्रदेश में पाल-गड़रिया समाज बोर्ड का होगा गठन, CM मोहन यादव का अहिल्याबाई पुण्यतिथि पर ऐलान

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मध्य प्रदेश में पाल-गड़रिया समाज बोर्ड का होगा गठन, CM मोहन यादव का अहिल्याबाई पुण्यतिथि पर ऐलान

सारांश

मध्य प्रदेश के CM मोहन यादव ने अहिल्याबाई होल्कर की 231वीं पुण्यतिथि पर भोपाल में पाल-गड़रिया समाज बोर्ड गठन का ऐलान किया। यह कदम समाज को संस्थागत प्रतिनिधित्व और कल्याणकारी सुविधाएँ दिलाने की दिशा में उठाया गया है।

मुख्य बातें

CM मोहन यादव ने 13 अगस्त 2025 को भोपाल के रवींद्र भवन में पाल-गड़रिया समाज बोर्ड के गठन की घोषणा की।
यह ऐलान लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 231वीं पुण्यतिथि के अवसर पर किया गया।
बोर्ड का उद्देश्य पाल-गड़रिया समाज को समुचित प्रतिनिधित्व और कल्याणकारी सुविधाएँ देना है।
सरकार ने दूध उत्पादन और पशुपालन को प्रदेश की आर्थिक समृद्धि का अहम हिस्सा बताया।
राज्य सरकार ने इससे पहले राजवाड़ा में कैबिनेट बैठक कर भी अहिल्याबाई को श्रद्धांजलि दी थी।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 13 अगस्त 2025 को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित पुण्य स्मृति कार्यक्रम में घोषणा की कि राज्य सरकार शीघ्र ही पाल-गड़रिया समाज बोर्ड का गठन करेगी। यह ऐलान लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 231वीं पुण्यतिथि के अवसर पर किया गया। बोर्ड के गठन का उद्देश्य समाज के लोगों को समुचित प्रतिनिधित्व और कल्याणकारी सुविधाएँ सुनिश्चित करना है।

कार्यक्रम का आयोजन और मुख्य घोषणा

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रवींद्र भवन में दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि पाल-गड़रिया समाज गोपाल कृष्ण के वंशज हैं और सरकार इस समाज के सुख-दुख एवं कल्याण के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बोर्ड के गठन से समाज को संस्थागत प्रतिनिधित्व मिलेगा, जो अब तक उपलब्ध नहीं था।

अहिल्याबाई होल्कर को श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर को मालवा की ऐसी शासिका बताया जिन्होंने अपने शासनकाल में सुशासन के अनुकरणीय प्रतिमान स्थापित किए। उन्होंने कहा कि देवी अहिल्याबाई की सेवा, साधना, न्याय और त्याग की विरासत आज भी मध्यप्रदेश और देश को गौरवान्वित करती है। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने इससे पूर्व राजवाड़ा में कैबिनेट बैठक आयोजित कर भी देवी अहिल्याबाई को स्मरण किया था।

सरकार की प्राथमिकताएँ और विकास दृष्टि

यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' के मूलमंत्र के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के लिए दूध उत्पादन और पशुपालन को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसमें पाल-गड़रिया समाज की भूमिका ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण रही है।

आगे क्या होगा

राज्य सरकार के अनुसार, बोर्ड के गठन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाएगी, हालाँकि इसकी निश्चित समय-सीमा अभी घोषित नहीं की गई है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश सरकार विभिन्न सामाजिक समूहों के लिए संस्थागत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की दिशा में सक्रिय है। पाल-गड़रिया समाज के प्रतिनिधियों ने इस घोषणा का स्वागत किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार घोषणा को ठोस संस्थागत ढाँचे से जोड़ा गया है। समाज के हित तभी सुरक्षित होंगे जब बोर्ड को स्पष्ट शक्तियाँ, निधि और जवाबदेही तंत्र दिया जाए।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पाल-गड़रिया समाज बोर्ड क्या है और इसका गठन क्यों किया जा रहा है?
पाल-गड़रिया समाज बोर्ड मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित एक संस्थागत निकाय है जो पाल-गड़रिया समुदाय को प्रतिनिधित्व और कल्याणकारी सुविधाएँ देगा। CM मोहन यादव ने 13 अगस्त 2025 को इसके गठन की घोषणा की, ताकि समाज के लोगों की समस्याओं का संस्थागत समाधान हो सके।
यह घोषणा किस अवसर पर और कहाँ की गई?
यह घोषणा भोपाल के रवींद्र भवन में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 231वीं पुण्यतिथि पर आयोजित पुण्य स्मृति कार्यक्रम में की गई। CM मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और वहाँ यह ऐलान किया।
पाल-गड़रिया समाज का मध्य प्रदेश में क्या महत्व है?
पाल-गड़रिया समाज को गोपाल कृष्ण के वंशज माना जाता है और यह समुदाय पारंपरिक रूप से पशुपालन और दूध उत्पादन से जुड़ा है। CM यादव ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक समृद्धि में दूध उत्पादन और पशुपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसमें इस समाज की भूमिका अहम है।
बोर्ड का गठन कब तक होगा?
CM मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार 'शीघ्र ही' बोर्ड का गठन करेगी, लेकिन कोई निश्चित तिथि या समय-सीमा अभी घोषित नहीं की गई है। इसकी विधिवत प्रक्रिया और अधिसूचना आगामी हफ्तों में अपेक्षित है।
देवी अहिल्याबाई होल्कर की पुण्यतिथि पर सरकार ने और क्या किया?
राज्य सरकार ने इंदौर के राजवाड़ा में कैबिनेट बैठक आयोजित कर देवी अहिल्याबाई होल्कर को श्रद्धांजलि दी थी। भोपाल के रवींद्र भवन में पुण्य स्मृति कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें CM ने उनकी सेवा, साधना और सुशासन की विरासत को याद किया।
राष्ट्र प्रेस
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