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राम जन्मभूमि ₹7 करोड़ दान विवाद: SIT गठन का महंत लोकेश दास ने किया स्वागत, ओपी राजभर ने अखिलेश पर साधा निशाना

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राम जन्मभूमि ₹7 करोड़ दान विवाद: SIT गठन का महंत लोकेश दास ने किया स्वागत, ओपी राजभर ने अखिलेश पर साधा निशाना

सारांश

राम जन्मभूमि से जुड़े ₹7 करोड़ के कथित दान गबन मामले में योगी सरकार ने 3 सदस्यीय SIT बनाई। महंत लोकेश दास ने जांच का स्वागत किया, जबकि मंत्री ओपी राजभर ने अखिलेश यादव और राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया। मामला धार्मिक संवेदनशीलता और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप दोनों से घिरा है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री राम जन्मभूमि के ₹7 करोड़ दान विवाद की जांच के लिए 3 सदस्यीय SIT का गठन किया।
SIT में आईएएस विजय विश्वास पंत , आईपीएस किरन एस और विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं।
ऋषिकेश के महंत लोकेश दास ने SIT जांच का स्वागत करते हुए कहा कि निष्कर्ष निकालने से पहले सच्चाई सामने आनी चाहिए।
मंत्री ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा — कहा कि वे राम मंदिर कभी नहीं गए और विरोध ही उनका एकमात्र एजेंडा है।
राजभर ने राहुल गांधी पर भी हमला बोला, 60 वर्षों की कांग्रेस सरकार में दलितों के लिए काम न करने का आरोप लगाया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री राम जन्मभूमि से जुड़े ₹7 करोड़ के कथित दान गबन विवाद की जांच के लिए 3 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। SIT में आईएएस विजय विश्वास पंत, आईपीएस किरन एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन को शामिल किया गया है। इस कदम को धार्मिक और राजनीतिक दोनों हलकों में गंभीरता से लिया जा रहा है।

महंत लोकेश दास का SIT जांच को समर्थन

ऋषिकेश के जगन्नाथ आश्रम के महंत लोकेश दास ने उत्तर प्रदेश सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा, 'श्री राम जन्मभूमि मामले में ₹7 करोड़ के दान से जुड़े आरोप गंभीर हैं। हम SIT जांच का स्वागत करते हैं और कोई भी निष्कर्ष निकालने से पहले जांच के ज़रिए सच्चाई सामने आनी चाहिए।'

महंत ने यह भी कहा कि जिस तरह से यह मामला सार्वजनिक रूप से उठाया जा रहा है, वह उचित नहीं है। उनके अनुसार, विपक्ष को बिना जांच के शोर मचाने की बजाय प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि पूर्व में भी SIT जांच के ज़रिए सच्चाई उजागर हुई है।

ओपी राजभर ने अखिलेश यादव को घेरा

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने इस विवाद पर समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। राजभर ने कहा, 'अखिलेश यादव आज तक राम मंदिर नहीं गए। 500 साल के संघर्ष के बाद भगवान राम का मंदिर बना और वे इसका विरोध कर रहे थे। जब वे अच्छे कामों का विरोध करते हैं, तो बुरे कामों के बारे में उनसे क्या उम्मीद की जाए — उनका मकसद सिर्फ विरोध करना है।'

राहुल गांधी पर भी निशाना

राजभर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 60 वर्षों तक देश पर शासन किया, लेकिन दलितों और वंचितों के लिए ठोस काम नहीं किया। उनके अनुसार, अब जब कांग्रेस सत्ता में नहीं है, तब दलित-न्याय की बात करना जनता को गुमराह करने का प्रयास है।

विवाद की पृष्ठभूमि

यह विवाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को प्राप्त दान के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है। आलोचकों का कहना है कि इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच ज़रूरी है, क्योंकि यह देश की धार्मिक आस्था से जुड़े एक अत्यंत संवेदनशील संस्थान की विश्वसनीयता का प्रश्न है। SIT के गठन के बाद अब सभी की निगाहें जांच के नतीजों पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता की होगी — खासकर तब जब जांच दल की नियुक्ति उसी सरकार ने की है जो राजनीतिक रूप से इस मुद्दे से जुड़ी है। विपक्ष के शोर को 'बेबुनियाद' कहना आसान है, लेकिन धार्मिक ट्रस्टों में वित्तीय जवाबदेही की माँग को राजनीतिक हमले की तरह पेश करना खुद एक रणनीति है। ओपी राजभर का अखिलेश और राहुल पर हमला मुद्दे को व्यक्तिगत बनाता है — यह जांच से ध्यान हटाने का जोखिम उठाता है। SIT के निष्कर्ष जब आएंगे, तभी तय होगा कि यह कदम जवाबदेही की दिशा में था या सिर्फ राजनीतिक दबाव का जवाब।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम जन्मभूमि ₹7 करोड़ दान विवाद क्या है?
यह विवाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को प्राप्त दान में कथित गबन से जुड़ा है, जिसमें ₹7 करोड़ की अनियमितता के आरोप लगे हैं। इन आरोपों की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 3 सदस्यीय SIT का गठन किया है।
SIT में कौन-कौन से अधिकारी शामिल हैं?
SIT में आईएएस विजय विश्वास पंत, आईपीएस किरन एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं। इस दल का गठन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर किया गया है।
महंत लोकेश दास ने SIT जांच पर क्या कहा?
ऋषिकेश के जगन्नाथ आश्रम के महंत लोकेश दास ने SIT जांच का स्वागत किया और कहा कि कोई भी निष्कर्ष निकालने से पहले जांच के ज़रिए सच्चाई सामने आनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि बिना जांच के शोर मचाना उचित नहीं है।
ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव आज तक राम मंदिर नहीं गए और 500 साल के संघर्ष के बाद बने मंदिर का विरोध करते रहे। उन्होंने कहा कि जो अच्छे कामों का विरोध करते हैं, उनसे बुरे कामों पर जवाबदेही की उम्मीद करना बेमानी है।
इस मामले में राहुल गांधी का नाम क्यों आया?
मंत्री ओपी राजभर ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 60 वर्षों के शासन में दलितों के लिए कुछ नहीं किया, और अब सत्ता से बाहर होने पर न्याय की बात करना जनता को गुमराह करने का प्रयास है। यह बयान राम जन्मभूमि विवाद की राजनीतिक बहस के संदर्भ में आया।
राष्ट्र प्रेस
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