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महाराष्ट्र ATS का दूसरे दिन भी ऑपरेशन जारी: 5 जगह छापे, अंतरराष्ट्रीय WhatsApp ग्रुप की जांच

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महाराष्ट्र ATS का दूसरे दिन भी ऑपरेशन जारी: 5 जगह छापे, अंतरराष्ट्रीय WhatsApp ग्रुप की जांच

सारांश

महाराष्ट्र ATS का ऑपरेशन लगातार दूसरे दिन भी जारी है — पाँच स्थानों पर छापे, और एक अंतरराष्ट्रीय WhatsApp ग्रुप की जांच जिसमें पाकिस्तान व खाड़ी देशों के सदस्य बताए जा रहे हैं। कथित हिजबुल मुजाहिदीन कनेक्शन अभी तक साबित नहीं हुआ है।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र ATS का ऑपरेशन 14 अक्टूबर 2026 को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा।
राज्य के पाँच अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी और कई लोगों से पूछताछ।
जांच में एक अंतरराष्ट्रीय WhatsApp ग्रुप का पता चला, जिसमें कथित तौर पर पाकिस्तान और खाड़ी देशों के सदस्य शामिल हैं।
रत्नागिरी जिले के राजापुर के एक शिक्षक से सोमवार को घंटों पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ा गया।
ग्रुप का हिजबुल मुजाहिदीन से संभावित संबंध होने का संदेह, लेकिन अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं ।

महाराष्ट्र आतंकवाद-रोधी दस्ते (ATS) का ऑपरेशन 14 अक्टूबर 2026 को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। जांच एजेंसी ने राज्य के पाँच अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की और कई संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की। जांच का केंद्र बिंदु एक अंतरराष्ट्रीय WhatsApp ग्रुप है, जिसमें कथित तौर पर पाकिस्तान और खाड़ी देशों सहित विभिन्न देशों के सदस्य शामिल बताए जा रहे हैं।

मुख्य घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, रत्नागिरी जिले के राजापुर में रहने वाले एक शिक्षक से सोमवार को एटीएस ने कई घंटों तक पूछताछ की थी। पूछताछ के बाद शिक्षक को छोड़ दिया गया, लेकिन उनसे जुड़े WhatsApp ग्रुप की जांच जारी रही। यह ऑपरेशन महाराष्ट्र के कई ज़िलों तक फैला हुआ है।

जांच में सामने आया है कि संबंधित WhatsApp ग्रुप में धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों की भी मौजूदगी थी। बताया जा रहा है कि ग्रुप में मुख्य रूप से धार्मिक विषयों पर चर्चा होती थी। हालाँकि, एटीएस को संदेह है कि यह ग्रुप कथित तौर पर आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़ा हो सकता है।

जांच की स्थिति

एटीएस के सूत्रों के अनुसार, हिजबुल मुजाहिदीन से संभावित संबंध की अभी तक किसी ठोस साक्ष्य से पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसी फिलहाल ग्रुप के सदस्यों की पहचान, उनकी गतिविधियों और संभावित संपर्कों की जानकारी जुटाने में जुटी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।

गौरतलब है कि यह ऑपरेशन ऐसे समय में शुरू हुआ है जब राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियाँ सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिये संचालित कथित आतंकी नेटवर्क की निगरानी बढ़ा रही हैं। महाराष्ट्र ATS ने हाल के वर्षों में कई ऐसे मामलों में सफलतापूर्वक जांच की है जिनमें ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से संगठनों के बीच समन्वय के आरोप लगे थे।

आम जनता और सुरक्षा पर असर

एटीएस का यह ऑपरेशन रत्नागिरी सहित महाराष्ट्र के कई हिस्सों में एक साथ चलाया जा रहा है। छापेमारी वाले इलाकों में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है, लेकिन अधिकारियों ने किसी तनाव की स्थिति से इनकार किया है।

क्या होगा आगे

जांच एजेंसी ग्रुप से जुड़े सभी सदस्यों की डिजिटल गतिविधियों की बारीकी से पड़ताल कर रही है। सूत्रों के अनुसार, विदेशी कनेक्शन की जांच के लिए केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों से भी समन्वय किया जा रहा है। जांच की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय होगा कि गिरफ्तारियाँ होंगी या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

ध्यान देने वाली बात यह है कि अभी तक हिजबुल मुजाहिदीन से किसी ठोस संबंध की पुष्टि नहीं हुई है — जबकि एक शिक्षक को घंटों पूछताछ के बाद छोड़ा जा चुका है। बिना साबित हुए आरोपों के साथ पहचान उजागर होने का जोखिम उन लोगों के लिए गंभीर है जो केवल ग्रुप के सदस्य मात्र हैं। यह जांच इस बात की भी परीक्षा है कि क्या एजेंसियाँ धार्मिक चर्चा और आतंकी समन्वय के बीच की महीन रेखा को साक्ष्य-आधारित तरीके से तय कर पाती हैं।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र ATS का यह ऑपरेशन किस बारे में है?
महाराष्ट्र ATS एक अंतरराष्ट्रीय WhatsApp ग्रुप की जांच कर रही है जिसमें कथित तौर पर पाकिस्तान और खाड़ी देशों के सदस्य शामिल हैं। जांच एजेंसी को संदेह है कि यह ग्रुप आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़ा हो सकता है, हालाँकि अभी तक कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है।
महाराष्ट्र ATS ने अब तक कहाँ-कहाँ छापेमारी की है?
14 अक्टूबर 2026 तक ATS ने महाराष्ट्र के पाँच अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की है। इससे पहले रत्नागिरी जिले के राजापुर में भी जांच हुई, जहाँ एक शिक्षक से घंटों पूछताछ की गई थी।
रत्नागिरी के शिक्षक को क्यों पूछताछ के लिए बुलाया गया था?
अधिकारियों के अनुसार, रत्नागिरी जिले के राजापुर में रहने वाले शिक्षक का उस WhatsApp ग्रुप से संबंध था जिसकी ATS जांच कर रही है। घंटों की पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया और कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।
क्या WhatsApp ग्रुप का हिजबुल मुजाहिदीन से कोई संबंध साबित हुआ है?
नहीं, अभी तक इस कनेक्शन की पुष्टि के लिए कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया है। ATS को संदेह है, लेकिन जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
ATS ग्रुप के सदस्यों की डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल जारी रखे हुए है और विदेशी कनेक्शन की जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों से समन्वय किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही गिरफ्तारी या किसी अन्य कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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