महाराष्ट्र कैबिनेट ने मोदी के 25 साल की जनसेवा पर पारित किया अभिनंदन प्रस्ताव, किसानों को दीवाली से पहले ₹5,000 की राहत
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र सरकार की मंत्रिपरिषद ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों की जनसेवा और शासन-नेतृत्व के अवसर पर सर्वसम्मति से एक अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया। इसी बैठक में सूखे और फसल नुकसान से जूझ रहे राज्य के किसानों को दीवाली से पूर्व ₹5,000 की आर्थिक सहायता देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
अभिनंदन प्रस्ताव में क्या कहा गया
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि प्रस्ताव में प्रधानमंत्री मोदी के शासन-प्रमुख के रूप में 25 वर्षों के कार्यकाल और राष्ट्रसेवा के योगदान का विस्तार से उल्लेख किया गया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि मोदी ने गरीबों और वंचित वर्गों को अपनी नीतियों के केंद्र में रखा तथा स्वयं को 'प्रधानमंत्री' नहीं, बल्कि 'प्रधानसेवक' के रूप में परिभाषित किया।
फडणवीस के अनुसार, प्रस्ताव में सेवा, समर्पण और कर्मयोग को मोदी की कार्यशैली के मूल आधार के रूप में रेखांकित किया गया है। साथ ही वस्तु एवं सेवा कर (GST) के ज़रिए लागू 'वन नेशन, वन टैक्स' व्यवस्था, रक्षा क्षमता विस्तार, राष्ट्रीय सुरक्षा सुदृढ़ीकरण, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण तथा गरीबों को आवास, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने के प्रयासों का भी उल्लेख है।
किसानों के लिए ₹5,000 की राहत राशि
मुख्यमंत्री फडणवीस ने घोषणा की कि महाराष्ट्र सरकार दीवाली से पहले सूखे और फसल क्षति से प्रभावित किसानों के बैंक खातों में सीधे ₹5,000 की आर्थिक सहायता हस्तांतरित करेगी। इस पहल का उद्देश्य त्योहारी मौसम में किसान परिवारों की दैनिक ज़रूरतें पूरी करने में मदद करना है।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार पहले राज्य की 265 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित कर चुकी थी। बुधवार की बैठक में 40 और तहसीलों को इस सूची में जोड़ा गया, जिससे राज्य में कुल सूखाग्रस्त तहसीलों की संख्या बढ़कर 305 हो गई है।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
इस महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तथा राज्य मंत्रिपरिषद के अन्य वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे। यह बैठक ऐसे समय में आई है जब राज्य में सूखे की स्थिति गंभीर बनी हुई है और किसान आर्थिक दबाव में हैं।
आम जनता और किसानों पर असर
राज्य की 305 सूखाग्रस्त तहसीलों के किसानों को दीवाली से पूर्व यह राशि मिलने से उन्हें तत्काल आर्थिक सहारा मिलेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि सूखे और फसल नुकसान की दोहरी मार झेल रहे किसानों के लिए त्योहारी समय में यह प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण तात्कालिक राहत का काम करेगा, हालाँकि दीर्घकालिक कृषि संकट के समाधान के लिए व्यापक नीतिगत कदमों की ज़रूरत बनी रहेगी।
आगे की कार्रवाई में सहायता वितरण की समयसीमा और पात्र किसानों की पहचान की प्रक्रिया पर राज्य सरकार जल्द विस्तृत दिशानिर्देश जारी करने की तैयारी में है।