महाराष्ट्र में मछली पकड़ने पर 15 अगस्त तक पाबंदी, मत्स्य मंत्री नितेश राणे ने गोवा से माँगा सहयोग
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र सरकार ने समुद्री मछलियों के प्रजनन काल की सुरक्षा के लिए तटीय क्षेत्रों में मछली पकड़ने पर लगे प्रतिबंध को 15 अगस्त 2026 तक बढ़ा दिया है। राज्य के मत्स्य मंत्री नितेश राणे ने इस फैसले की जानकारी गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत को फोन पर दी और अंतर-राज्यीय सहयोग का आग्रह किया। डॉ. सावंत ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
प्रतिबंध का दायरा और अवधि
महाराष्ट्र की तटरेखा से 12 समुद्री मील (लगभग 24 किलोमीटर) के भीतर व्यावसायिक और यंत्रीकृत नौकाओं द्वारा मछली पकड़ना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यह पाबंदी केंद्र सरकार के उस मानक प्रतिबंध से आगे तक विस्तारित है जो 31 जुलाई को समाप्त हो चुका था। इस प्रकार महाराष्ट्र ने अपनी समुद्री जैव-विविधता की रक्षा के लिए स्वतंत्र रूप से प्रतिबंध की अवधि बढ़ाई है।
किसे मिली छूट, किस पर रोक
प्रतिबंध से पारंपरिक मछुआरों को राहत दी गई है — अधिकृत छोटी और बिना मोटर वाली नावों से तट के निकट स्थानीय जल में मछली पकड़ने की अनुमति बनी हुई है। वहीं, यंत्रीकृत नौकाओं को 1 अगस्त से 12 समुद्री मील से परे खुले समुद्र में गहरे पानी में मछली पकड़ने की छूट है।
गोवा से सहयोग का आग्रह
मत्स्य मंत्री नितेश राणे ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर जानकारी दी कि उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से टेलीफोन पर बातचीत की। उन्होंने गोवा सरकार से अनुरोध किया कि प्रतिबंध की इस अवधि में यह सुनिश्चित किया जाए कि गोवा के मछुआरे महाराष्ट्र के समुद्री क्षेत्र में प्रवेश न करें। डॉ. सावंत ने इस अनुरोध पर सहमति जताई और पूर्ण सहयोग का वचन दिया, जिसके लिए मंत्री राणे ने उनका आभार व्यक्त किया।
प्रतिबंध का उद्देश्य
महाराष्ट्र सरकार के अनुसार, इस पाबंदी का मुख्य लक्ष्य समुद्री जीवों को प्रजनन का पर्याप्त समय देना और मत्स्य भंडार को पुनर्जीवित करना है। गौरतलब है कि अत्यधिक मछली पकड़ने से तटीय मछली भंडार पर दबाव बढ़ता है, और इस तरह के मौसमी प्रतिबंध दीर्घकालिक रूप से मछुआरों की आजीविका को सुरक्षित करने में सहायक होते हैं। सरकार का मानना है कि प्रजनन काल में संरक्षण से आगे चलकर मछुआरों को बेहतर उत्पादन और मुनाफा मिलेगा।
आगे की राह
यह अंतर-राज्यीय समन्वय तटीय मत्स्य प्रबंधन में एक सकारात्मक उदाहरण है। 15 अगस्त के बाद प्रतिबंध हटने पर व्यावसायिक मछली पकड़ने की गतिविधियाँ पुनः शुरू हो सकेंगी, और मछुआरा समुदाय को पुनर्जीवित मत्स्य भंडार का लाभ मिलने की उम्मीद है।