4 अगस्त 2026
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महाराष्ट्र में मछली पकड़ने पर 15 अगस्त तक पाबंदी, मत्स्य मंत्री नितेश राणे ने गोवा से माँगा सहयोग

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महाराष्ट्र में मछली पकड़ने पर 15 अगस्त तक पाबंदी, मत्स्य मंत्री नितेश राणे ने गोवा से माँगा सहयोग

सारांश

महाराष्ट्र ने समुद्री प्रजनन काल की रक्षा के लिए मछली पकड़ने का प्रतिबंध 15 अगस्त तक बढ़ाया — केंद्र की समय-सीमा से आगे। मत्स्य मंत्री नितेश राणे ने गोवा के CM प्रमोद सावंत से सीधी बात कर सुनिश्चित किया कि गोवा के मछुआरे महाराष्ट्र के समुद्री क्षेत्र में न घुसें।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र सरकार ने तटीय क्षेत्रों में मछली पकड़ने पर प्रतिबंध 15 अगस्त 2026 तक बढ़ाया।
प्रतिबंध राज्य की तटरेखा से 12 समुद्री मील (लगभग 24 किलोमीटर ) के भीतर व्यावसायिक और यंत्रीकृत नौकाओं पर लागू।
मत्स्य मंत्री नितेश राणे ने गोवा CM डॉ.
प्रमोद सावंत से फोन पर बात कर गोवा के मछुआरों को महाराष्ट्र क्षेत्र में प्रवेश न देने का आग्रह किया।
सावंत ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
पारंपरिक मछुआरों को प्रतिबंध से छूट; यंत्रीकृत नौकाएँ 1 अगस्त से 12 समुद्री मील से परे गहरे समुद्र में जा सकती हैं।
केंद्र सरकार का मानक प्रतिबंध 31 जुलाई को समाप्त हो चुका था; महाराष्ट्र ने इसे स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ाया।

महाराष्ट्र सरकार ने समुद्री मछलियों के प्रजनन काल की सुरक्षा के लिए तटीय क्षेत्रों में मछली पकड़ने पर लगे प्रतिबंध को 15 अगस्त 2026 तक बढ़ा दिया है। राज्य के मत्स्य मंत्री नितेश राणे ने इस फैसले की जानकारी गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत को फोन पर दी और अंतर-राज्यीय सहयोग का आग्रह किया। डॉ. सावंत ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

प्रतिबंध का दायरा और अवधि

महाराष्ट्र की तटरेखा से 12 समुद्री मील (लगभग 24 किलोमीटर) के भीतर व्यावसायिक और यंत्रीकृत नौकाओं द्वारा मछली पकड़ना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यह पाबंदी केंद्र सरकार के उस मानक प्रतिबंध से आगे तक विस्तारित है जो 31 जुलाई को समाप्त हो चुका था। इस प्रकार महाराष्ट्र ने अपनी समुद्री जैव-विविधता की रक्षा के लिए स्वतंत्र रूप से प्रतिबंध की अवधि बढ़ाई है।

किसे मिली छूट, किस पर रोक

प्रतिबंध से पारंपरिक मछुआरों को राहत दी गई है — अधिकृत छोटी और बिना मोटर वाली नावों से तट के निकट स्थानीय जल में मछली पकड़ने की अनुमति बनी हुई है। वहीं, यंत्रीकृत नौकाओं को 1 अगस्त से 12 समुद्री मील से परे खुले समुद्र में गहरे पानी में मछली पकड़ने की छूट है।

गोवा से सहयोग का आग्रह

मत्स्य मंत्री नितेश राणे ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर जानकारी दी कि उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से टेलीफोन पर बातचीत की। उन्होंने गोवा सरकार से अनुरोध किया कि प्रतिबंध की इस अवधि में यह सुनिश्चित किया जाए कि गोवा के मछुआरे महाराष्ट्र के समुद्री क्षेत्र में प्रवेश न करें। डॉ. सावंत ने इस अनुरोध पर सहमति जताई और पूर्ण सहयोग का वचन दिया, जिसके लिए मंत्री राणे ने उनका आभार व्यक्त किया।

प्रतिबंध का उद्देश्य

महाराष्ट्र सरकार के अनुसार, इस पाबंदी का मुख्य लक्ष्य समुद्री जीवों को प्रजनन का पर्याप्त समय देना और मत्स्य भंडार को पुनर्जीवित करना है। गौरतलब है कि अत्यधिक मछली पकड़ने से तटीय मछली भंडार पर दबाव बढ़ता है, और इस तरह के मौसमी प्रतिबंध दीर्घकालिक रूप से मछुआरों की आजीविका को सुरक्षित करने में सहायक होते हैं। सरकार का मानना है कि प्रजनन काल में संरक्षण से आगे चलकर मछुआरों को बेहतर उत्पादन और मुनाफा मिलेगा।

आगे की राह

यह अंतर-राज्यीय समन्वय तटीय मत्स्य प्रबंधन में एक सकारात्मक उदाहरण है। 15 अगस्त के बाद प्रतिबंध हटने पर व्यावसायिक मछली पकड़ने की गतिविधियाँ पुनः शुरू हो सकेंगी, और मछुआरा समुदाय को पुनर्जीवित मत्स्य भंडार का लाभ मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बाध्यकारी तंत्र नहीं। पिछले वर्षों में भी ऐसे अनुरोध होते रहे हैं, फिर भी सीमा उल्लंघन की शिकायतें आती रही हैं। जब तक संयुक्त गश्त या सत्यापन-योग्य निगरानी प्रणाली नहीं बनती, यह सहयोग कागज़ी ही रहेगा।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र में मछली पकड़ने पर पाबंदी कब तक है?
महाराष्ट्र सरकार ने तटीय क्षेत्रों में मछली पकड़ने पर प्रतिबंध 15 अगस्त 2026 तक बढ़ा दिया है। यह केंद्र सरकार के उस मानक प्रतिबंध से आगे है जो 31 जुलाई को समाप्त हो चुका था।
महाराष्ट्र के मत्स्य प्रतिबंध का दायरा क्या है?
राज्य की तटरेखा से 12 समुद्री मील (लगभग 24 किलोमीटर) के भीतर व्यावसायिक और यंत्रीकृत नौकाओं से मछली पकड़ना प्रतिबंधित है। पारंपरिक मछुआरों को छूट दी गई है और यंत्रीकृत नौकाएँ 1 अगस्त से 12 समुद्री मील से परे गहरे समुद्र में जा सकती हैं।
नितेश राणे ने गोवा से सहयोग क्यों माँगा?
मत्स्य मंत्री नितेश राणे ने गोवा CM डॉ. प्रमोद सावंत से अनुरोध किया कि प्रतिबंध अवधि में गोवा के मछुआरे महाराष्ट्र के समुद्री क्षेत्र में प्रवेश न करें। इसका उद्देश्य महाराष्ट्र के जल क्षेत्र में मत्स्य संरक्षण को प्रभावी बनाना है।
गोवा के मुख्यमंत्री ने इस पर क्या कहा?
गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने मत्स्य मंत्री नितेश राणे के अनुरोध पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
यह प्रतिबंध मछुआरों के लिए क्यों जरूरी है?
महाराष्ट्र सरकार के अनुसार, प्रजनन काल में प्रतिबंध से समुद्री जीवों को प्रजनन का समय मिलता है और मत्स्य भंडार पुनर्जीवित होता है। इससे दीर्घकालिक रूप से मछुआरों को बेहतर उत्पादन और आजीविका सुनिश्चित होती है।
राष्ट्र प्रेस
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