महाराष्ट्र का लंदन टेक मिशन पूरा: 'क्वांटम सिटी' और यूके-महाराष्ट्र एआई कॉरिडोर की नींव रखी
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र सरकार के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने 7 और 8 अक्टूबर 2026 को लंदन में क्वांटम कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और निवेश पर केंद्रित एक रणनीतिक दो दिवसीय मिशन सफलतापूर्वक संपन्न किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य मुंबई को भारत की प्रमुख क्वांटम और एआई राजधानी के रूप में स्थापित करना है — जिसके लिए 'क्वांटम सिटी' और यूके-महाराष्ट्र क्वांटम कॉरिडोर की आधारशिला तैयार की जा रही है।
मिशन की पृष्ठभूमि और संरचना
ग्लोबल इंडिया बिजनेस कॉरिडोर (जीआईबीसी यूके) द्वारा आयोजित इस मिशन ने महाराष्ट्र को लंदन में आयोजित 'द सिटी क्वांटम एंड एआई समिट' में एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया। राज्य के प्रतिनिधिमंडल में उद्योग विभाग के प्रधान सचिव पी. अनबलगन और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मुख्य निवेश सलाहकार कौस्तुभ धवसे शामिल थे।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत के कई राज्य वैश्विक डीप-टेक निवेश आकर्षित करने की होड़ में हैं। महाराष्ट्र की यह पहल उस दिशा में एक सुनियोजित कूटनीतिक कदम मानी जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम: 13 द्विपक्षीय बैठकें
दो दिनों के दौरान प्रतिनिधियों ने वैश्विक सीईओ, निवेशकों और सार्वजनिक संस्थानों के प्रमुखों के साथ 13 द्विपक्षीय बैठकें कीं, जिनका उद्देश्य महाराष्ट्र में एडवांस्ड डीप-टेक परिचालन और निवेश लाना था।
इन बैठकों में जिन प्रमुख तकनीकी पहलों पर चर्चा हुई, उनमें शामिल हैं — मुंबई क्वांटम सुविधा, एआई अनुसंधान और इंफ्रास्ट्रक्चर, औद्योगिक एवं गवर्नेंस अनुप्रयोग, इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षा समाधान, तथा कार्यबल और स्टार्ट-अप सहायता।
प्रस्तावित परियोजनाएँ और तकनीकी लक्ष्य
इस मिशन के तहत कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार की गई। इनमें मुंबई में एक समर्पित क्वांटम कंप्यूटिंग हब की स्थापना, टिकाऊ और कम ऊर्जा खपत वाले डेटा सेंटर, सुरक्षित भूमिगत परिवहन निर्माण के लिए क्वांटम सेंसिंग टूल का उपयोग, तथा महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा के लिए एडवांस्ड साइबर सिक्योरिटी सिस्टम शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, निवेशकों की मंजूरी प्रक्रिया को सरल बनाने हेतु एआई प्रणालियों की तैनाती, एमएसएमई को वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने के लिए एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग सेंटर, और टेक्नोलॉजी स्टार्टअप के लिए विशेष वर्कफोर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं इनक्यूबेशन सहायता की भी परिकल्पना की गई है।
लंदन-मुंबई वित्त चैनल पर चर्चा
सिटी ऑफ लंदन कॉर्पोरेशन के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत में लंदन और मुंबई के बीच एक संस्थागत वित्त चैनल विकसित करने पर विचार-विमर्श हुआ। इस चैनल का उद्देश्य महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए धन जुटाना होगा।
गौरतलब है कि लंदन वैश्विक वित्तीय केंद्रों में से एक है, और यदि यह चैनल साकार होता है, तो महाराष्ट्र को दीर्घकालिक संस्थागत पूंजी तक पहुँच मिल सकती है।
आर्थिक संभावनाएँ और आगे का रास्ता
जीआईबीसी के नियोजन-स्तरीय अनुमान के अनुसार, यदि प्रस्तावित परियोजनाओं को औपचारिक वित्तपोषण मिल जाता है और वे पूरी तरह परिचालन में आ जाती हैं, तो यह पहल 10 वर्षों की अवधि में लगभग ₹20,000 करोड़ की कुल आर्थिक गतिविधि सृजित कर सकती है। इसमें प्रत्यक्ष और सहायक मिलाकर 8,000 तक रोज़गार पैदा करने की क्षमता भी बताई गई है।
हालाँकि, जीआईबीसी ने स्पष्ट किया है कि ये आँकड़े केवल नियोजन-उद्देश्य के लिए उदाहरण हैं और ये अभी पक्की प्रतिबद्ध पूंजी या सुनिश्चित रोज़गार को नहीं दर्शाते। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यदि यह कॉरिडोर पूरी तरह साकार होता है, तो स्थानीय इंजीनियरों, शोधकर्ताओं और उद्यमियों को व्यापक वैश्विक पहुँच मिलेगी और महाराष्ट्र की प्रशासनिक दक्षता तथा तकनीकी क्षमताएँ भी सुदृढ़ होंगी।