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मुंबई में ब्रिक्स फ्रेंडशिप सिटीज कॉन्क्लेव 2026 शुरू, 15 शहरों के प्रतिनिधि जुटे; शिंदे बोले — 'शहर विकास के इंजन'

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मुंबई में ब्रिक्स फ्रेंडशिप सिटीज कॉन्क्लेव 2026 शुरू, 15 शहरों के प्रतिनिधि जुटे; शिंदे बोले — 'शहर विकास के इंजन'

सारांश

मुंबई में ब्रिक्स फ्रेंडशिप सिटीज कॉन्क्लेव 2026 का आगाज़ हुआ — 15 शहरों के प्रतिनिधि एक मंच पर। डिप्टी सीएम शिंदे ने साफ़ कहा: शहर विकास के इंजन हैं, समस्या नहीं। जलवायु, AI गवर्नेंस और परिवहन पर दो दिन चलेगा यह अंतरराष्ट्रीय संवाद।

मुख्य बातें

ब्रिक्स फ्रेंडशिप सिटीज कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन 11–12 अगस्त को मुंबई के फोर सीजन्स होटल में हो रहा है।
ब्रिक्स और साझेदार देशों के 15 शहरों के प्रतिनिधि सम्मेलन में शामिल हैं।
महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्घाटन सत्र में भाग लिया।
आयोजन 'मुंबई फर्स्ट' द्वारा केंद्र सरकार और महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से किया गया है।
मुख्य चर्चा विषय: जलवायु लचीलापन, शहरी परिवहन, AI आधारित गवर्नेंस और शहरों के बीच अंतरराष्ट्रीय सहयोग।

ब्रिक्स फ्रेंडशिप सिटीज कॉन्क्लेव 2026 का आगाज़ 11 अगस्त को मुंबई के फोर सीजन्स होटल में हुआ, जहाँ ब्रिक्स और साझेदार देशों के 15 शहरों के प्रतिनिधि सतत शहरी विकास के साझा समाधान तलाशने के लिए एकत्रित हुए। दो दिवसीय यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 12 अगस्त तक चलेगा और इसका आयोजन नागरिक संस्था 'मुंबई फर्स्ट' ने केंद्र सरकार तथा महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से किया है।

उद्घाटन और प्रमुख उपस्थिति

कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र में महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भाग लिया। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने इस अवसर पर 'मुंबई फर्स्ट' के प्रयासों की सराहना की और आयोजन को ऐतिहासिक बताया।

शिंदे का संबोधन: शहर हैं 'विकास के इंजन'

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने संबोधन में कहा, 'शहर सिर्फ ईंट और कंक्रीट की इमारतें नहीं होते — वे देश की आर्थिक प्रगति के ग्रोथ इंजन होते हैं।' उन्होंने जोर दिया कि शहरीकरण को समस्या नहीं, बल्कि एक बड़े अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। शिंदे ने आगे कहा कि आज दुनियाभर के शहरों के सामने एक जैसी चुनौतियाँ हैं, इसलिए उनके समाधान भी सीमाओं से परे जाकर खोजने होंगे। उन्होंने ब्रिक्स देशों के शहरों से आग्रह किया कि वे लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के ज़रिए 21वीं सदी के नागरिक-केंद्रित शहर बनाने के लिए अपने अनुभव, तकनीक और नवाचार एक-दूसरे के साथ साझा करें।

सम्मेलन के मुख्य विषय

दो दिवसीय कॉन्क्लेव में शहरी विकास से जुड़े चार प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श हो रहा है: जलवायु के प्रति लचीलापन और तटीय इलाकों में अनुकूलन, शहरी आवागमन और सार्वजनिक परिवहन, गवर्नेंस में डिजिटल बदलाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), तथा ब्रिक्स और सहयोगी देशों के बीच शहरों का आपसी सहयोग। यह ऐसे समय में आया है जब ब्रिक्स देशों में शहरीकरण की रफ़्तार तेज़ हो रही है और शहर आर्थिक विकास के प्रमुख चालक बन चुके हैं।

क्यों ज़रूरी है यह मंच

गौरतलब है कि ब्रिक्स देशों में तेज़ शहरीकरण के साथ-साथ जलवायु जोखिम, बुनियादी ढाँचे पर दबाव, असमानता और शासन से जुड़ी चुनौतियाँ भी बढ़ी हैं। इन्हीं साझा चुनौतियों के मद्देनज़र संवाद, ज्ञान-साझेदारी और सहयोग के लिए एक समन्वित अंतरराष्ट्रीय मंच की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। ब्रिक्स फ्रेंडशिप सिटीज कॉन्क्लेव 2026 इसी ज़रूरत का जवाब है।

आगे क्या

12 अगस्त को सम्मेलन के समापन सत्र में सतत, लचीले और समावेशी शहरी विकास के लिए एक साझा समाधान-उन्मुख दृष्टिकोण को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कॉन्क्लेव से निकले सुझाव भविष्य में ब्रिक्स देशों के शहरी नीति-निर्माण को दिशा दे सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इस संवाद से निकले सुझाव ज़मीन पर कितनी तेज़ी से उतरते हैं। ब्रिक्स देशों के शहर दशकों से एक-दूसरे के अनुभव साझा करने की बात करते आए हैं, पर क्रियान्वयन की रफ़्तार अक्सर घोषणाओं से पीछे रही है। मुंबई खुद तटीय जलवायु जोखिम और बुनियादी ढाँचे के दबाव का सामना कर रही है — ऐसे में यदि इस कॉन्क्लेव के नतीजे मेज़बान शहर की नीतियों में भी दिखें, तो यह आयोजन महज़ एक राजनयिक आयोजन से आगे जाएगा।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रिक्स फ्रेंडशिप सिटीज कॉन्क्लेव 2026 क्या है?
यह एक अंतरराष्ट्रीय शहरी विकास सम्मेलन है, जो 11–12 अगस्त 2026 को मुंबई के फोर सीजन्स होटल में आयोजित किया जा रहा है। इसमें ब्रिक्स और साझेदार देशों के 15 शहरों के प्रतिनिधि सतत, लचीले और समावेशी शहरी विकास पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
इस कॉन्क्लेव का आयोजन किसने किया है?
'मुंबई फर्स्ट' नागरिक संस्था ने केंद्र सरकार और महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से इस सम्मेलन का आयोजन किया है। यह संस्था मुंबई के शहरी विकास और नीति-निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाती है।
कॉन्क्लेव में किन विषयों पर चर्चा हो रही है?
सम्मेलन में चार प्रमुख विषयों पर चर्चा हो रही है — जलवायु के प्रति लचीलापन और तटीय अनुकूलन, शहरी आवागमन और सार्वजनिक परिवहन, गवर्नेंस में AI और डिजिटल बदलाव, तथा ब्रिक्स देशों के शहरों के बीच आपसी सहयोग।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कॉन्क्लेव में क्या कहा?
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि शहर देश की आर्थिक प्रगति के 'ग्रोथ इंजन' होते हैं और शहरीकरण को समस्या नहीं, अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने ब्रिक्स देशों के शहरों से अपने अनुभव, तकनीक और नवाचार साझा करने का आह्वान किया।
इस कॉन्क्लेव का महत्व क्यों है?
ब्रिक्स देशों में तेज़ शहरीकरण के साथ जलवायु जोखिम, बुनियादी ढाँचे पर दबाव और शासन की चुनौतियाँ बढ़ी हैं। यह कॉन्क्लेव इन साझा समस्याओं के समाधान के लिए एक सहयोगी अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करता है, जहाँ से निकले सुझाव भविष्य की शहरी नीतियों को दिशा दे सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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