6 अक्टूबर 2026
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महाराष्ट्र में 10 लाख ऑटो-टैक्सी चालकों को मराठी सिखाने का अभियान, 1.65 लाख से अधिक प्रशिक्षित

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महाराष्ट्र में 10 लाख ऑटो-टैक्सी चालकों को मराठी सिखाने का अभियान, 1.65 लाख से अधिक प्रशिक्षित

सारांश

महाराष्ट्र सरकार ने 10 लाख ऑटो-टैक्सी चालकों को मराठी सिखाने का अभियान छेड़ा है — बालासाहेब ठाकरे के नाम पर, गांधी जयंती से उनकी जयंती तक। साथ ही टू-व्हीलर के लिए अनिवार्य ईवी नीति भी लागू, ओला-उबर को 9 महीने की मोहलत।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र सरकार ने 10 लाख ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा अभियान शुरू किया।
अभियान 2 अक्टूबर 2026 से 23 जनवरी 2027 तक — गांधी जयंती से बालासाहेब ठाकरे की जयंती तक।
अब तक 1 लाख 65 हजार 800 चालकों को मराठी का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
मुंबई महानगर क्षेत्र में अकेले लगभग 5 लाख ऑटो-टैक्सी चालक कार्यरत हैं।
कैबिनेट ने टू-व्हीलर के लिए पूर्ण EV परिवर्तन का प्रस्ताव मंजूर किया; ओला, उबर जैसी कंपनियों को 9 महीने का अतिरिक्त समय।

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के लगभग 10 लाख ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों को मराठी भाषा से जोड़ने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया है। राज्य के मंत्री प्रताप सरनाईक ने 6 अक्टूबर 2026 को मीडिया से बातचीत में बताया कि यह अभियान 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) से शुरू होकर 23 जनवरी (शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की जयंती) तक चलेगा। अब तक 1 लाख 65 हजार 800 चालकों को मराठी का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

अभियान का स्वरूप और लक्ष्य

मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार, महाराष्ट्र में कार्यरत कुल 10 लाख ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों में से लगभग 5 लाख अकेले मुंबई महानगर क्षेत्र में हैं। उन्होंने कहा, 'हमने बालासाहेब ठाकरे के नाम पर यह मराठी भाषा अभियान शुरू किया है।' इस अभियान के तहत कोंकण मराठी साहित्य परिषद और मुंबई मराठी साहित्य संघ के प्रतिनिधि रिक्शा और टैक्सी चालकों को प्रशिक्षण सत्रों में आमंत्रित कर रहे हैं।

यह अभियान केवल भाषाई कौशल तक सीमित नहीं है — इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मुंबई और पूरे महाराष्ट्र में काम करने वाले चालक यात्रियों से मराठी में सहज संवाद कर सकें। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में हर वर्ष मराठी भाषा संरक्षण को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस होती रही है, और यह अभियान उसी व्यापक संदर्भ में आता है।

ईवी नीति: टू-व्हीलर के लिए अनिवार्य इलेक्ट्रिक परिवर्तन

मंत्री सरनाईक ने परिवहन क्षेत्र से जुड़े एक और महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरटीओ की बैठक में उन्होंने यह प्रस्ताव रखा था कि टू-व्हीलर पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहन (EV) में परिवर्तित होने चाहिए। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी भी दे दी थी।

हालाँकि, ओला और उबर जैसी राइड-हेलिंग कंपनियों ने तर्क दिया कि उनके पास पहले से पेट्रोल-चालित वाहनों का बड़ा बेड़ा है और वे इतनी तेज़ी से इलेक्ट्रिक में नहीं जा सकतीं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री की ओर से इन कंपनियों को 9 महीने का अतिरिक्त समय दे दिया गया है।

सरकार का दृष्टिकोण

महाराष्ट्र सरकार का मानना है कि मराठी भाषा को बढ़ावा देने और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने से दोहरा लाभ होगा — स्थानीय सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी और पर्यावरण पर परिवहन क्षेत्र का बोझ कम होगा। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई महानगरों में वायु प्रदूषण और भाषाई विविधता दोनों बड़े नीतिगत प्रश्न बने हुए हैं।

आगे की राह

अभियान 23 जनवरी 2027 तक जारी रहेगा और सरकार का लक्ष्य अधिकतम चालकों तक पहुँचना है। ईवी संक्रमण की समयसीमा पर भी कंपनियों के साथ संवाद जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के दोहरे अभियान — भाषा और पर्यावरण — की सफलता क्रियान्वयन की गति और निगरानी तंत्र पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी असली कसौटी यह होगी कि क्या प्रशिक्षण स्वैच्छिक रहता है या अनिवार्य — और क्या गैर-मराठी चालकों पर अनुचित दबाव नहीं बनता। दूसरी ओर, ईवी नीति में ओला-उबर को 9 महीने की छूट यह संकेत देती है कि बड़े व्यावसायिक हितों के सामने नीतिगत कठोरता नरम पड़ती है — जबकि छोटे चालकों के लिए ऐसी कोई रियायत का उल्लेख नहीं है। दोनों मसलों पर क्रियान्वयन की पारदर्शी निगरानी ज़रूरी है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र का मराठी भाषा अभियान क्या है?
यह महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू किया गया एक प्रशिक्षण अभियान है जिसके तहत राज्य के लगभग 10 लाख ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों को मराठी भाषा सिखाई जा रही है। अभियान 2 अक्टूबर 2026 से 23 जनवरी 2027 तक चलेगा और इसका नाम बालासाहेब ठाकरे के नाम पर रखा गया है।
अब तक कितने चालकों को मराठी सिखाई गई है?
मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार, अभियान के तहत अब तक 1 लाख 65 हजार 800 चालकों को मराठी का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। यह अभियान लगातार जारी है।
मुंबई में कितने ऑटो-टैक्सी चालक हैं?
मंत्री सरनाईक के अनुसार, महाराष्ट्र में कुल लगभग 10 लाख ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालक हैं, जिनमें से करीब 5 लाख अकेले मुंबई महानगर क्षेत्र में कार्यरत हैं।
महाराष्ट्र की ईवी नीति में ओला-उबर को क्या छूट मिली है?
कैबिनेट ने टू-व्हीलर के लिए पूर्ण इलेक्ट्रिक वाहन (EV) अपनाने का प्रस्ताव मंजूर किया था। ओला और उबर जैसी कंपनियों ने पेट्रोल वाहनों का हवाला देते हुए तत्काल बदलाव में असमर्थता जताई, जिसके बाद मुख्यमंत्री की ओर से इन कंपनियों को 9 महीने का अतिरिक्त समय दिया गया है।
इस अभियान में कौन-से साहित्यिक संगठन शामिल हैं?
कोंकण मराठी साहित्य परिषद और मुंबई मराठी साहित्य संघ इस अभियान में सहभागी हैं। ये संगठन रिक्शा और टैक्सी चालकों को प्रशिक्षण सत्रों में आमंत्रित कर मराठी सिखाने में मदद कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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