मराठी सीखने को एक साल: मुंबई के ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों ने फडणवीस सरकार के फैसले का किया स्वागत
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र सरकार ने 28 अगस्त 2026 को राज्य भर के ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और कैब ड्राइवरों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की है कि राज्य में कार्यरत सभी गैर-मराठी ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों को बोलचाल की मराठी भाषा सीखने के लिए एक वर्ष की मोहलत दी जाएगी। इस अवधि के दौरान चालकों के लिए विशेष कक्षाएँ भी आयोजित की जाएँगी।
ड्राइवरों की प्रतिक्रिया
सरकार के इस फैसले का मुंबई के ऑटो और टैक्सी चालकों ने खुले दिल से स्वागत किया है। एक अनुभवी ऑटो चालक ने कहा, 'यह बहुत अच्छी बात है। मैं 24 साल से गाड़ी चला रहा हूँ और मुझे कभी कोई परेशानी नहीं हुई। अगर मुझे मराठी नहीं आती, तो यात्री खुद ही हिंदी में बात करने लगते हैं, लेकिन मराठी सीखना अच्छी बात है।'
उत्तर प्रदेश से आए एक टैक्सी चालक ने कहा, 'सरकार ने जो मराठी सीखने की समय सीमा बढ़ाई है, वह बहुत अच्छा फैसला है। हम इतने समय में आराम से मराठी सीख जाएँगे।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि फिलहाल अधिकांश यात्री हिंदी में संवाद कर लेते हैं, इसलिए काम में कोई बड़ी बाधा नहीं आती।
पुराने चालकों का अनुभव
लंबे समय से टैक्सी चला रहे एक वरिष्ठ चालक ने बताया कि वर्षों के अनुभव से उन्हें मराठी समझ में तो आती है, लेकिन बोलने में कभी-कभी कठिनाई होती है। उन्होंने कहा, 'एक साल का समय काफी है, हम कोशिश करेंगे कि अच्छे से बोलना भी सीख लें।' एक अन्य चालक ने स्वीकार किया कि वे अक्सर 'टूटी-फूटी मराठी' बोलते हैं, जिस पर यात्री हिंदी में जवाब दे देते हैं। उन्होंने कहा, 'अगर सरकार कह रही है तो हम सीख लेंगे — इससे हमारा ही फायदा है।'
मराठी भाषा विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर लंबे समय से बहस जारी है। राज्य में बड़ी संख्या में उत्तर भारत, विशेषकर उत्तर प्रदेश और बिहार से आए प्रवासी श्रमिक ऑटो-टैक्सी क्षेत्र में काम करते हैं। स्थानीय मराठी संगठन लंबे समय से माँग करते रहे हैं कि सार्वजनिक परिवहन में कार्यरत चालकों को मराठी में संवाद करने में सक्षम होना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में भाषाई पहचान और प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों पर बहस तेज़ हो रही है।
सरकार की योजना और आगे का रास्ता
सरकार के अनुसार, एक वर्ष की इस अवधि में गैर-मराठी चालकों के लिए भाषा कक्षाएँ आयोजित की जाएँगी ताकि वे कामकाज लायक मराठी सीख सकें। यह कदम चालकों को दंडित करने की बजाय उन्हें अवसर देने की दिशा में है — जिसे स्वयं ड्राइवरों ने सकारात्मक रूप से लिया है। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन कक्षाओं का क्रियान्वयन किस प्रकार होता है और कितने चालक इसका लाभ उठा पाते हैं।