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महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक: शिक्षा मंत्री दादा भुसे का ऐलान — पुनर्परीक्षा मुफ्त, SIT जाँच शुरू

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महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक: शिक्षा मंत्री दादा भुसे का ऐलान — पुनर्परीक्षा मुफ्त, SIT जाँच शुरू

सारांश

महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक ने लाखों अभ्यर्थियों को झटका दिया — लेकिन सरकार ने त्वरित कदम उठाए। SIT गठित, 3 गिरफ्तार, बिहार-हरियाणा-दिल्ली में जाँच टीमें रवाना। शिक्षा मंत्री का वादा: पुनर्परीक्षा मुफ्त और पारदर्शी होगी।

मुख्य बातें

शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने महाराष्ट्र विधानसभा में घोषणा की कि टीईटी पुनर्परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
पेपर लीक मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार , पुलिस हिरासत में; SIT की अध्यक्षता पुलिस सह-आयुक्त (अपराध), ठाणे कर रहे हैं।
जाँच के लिए बिहार में 2 , हरियाणा में 1 और दिल्ली में 1 टीम रवाना।
आरोपियों पर MCOCA लगाने की कानूनी प्रक्रिया भी जारी।
अगले वर्ष से सभी प्रतियोगी परीक्षाएँ ऑनलाइन कराने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित होगी।

महाराष्ट्र विधानसभा में शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने 29 जून को टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) प्रश्नपत्र लीक मामले पर सरकार का पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि पुनर्परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, क्योंकि उनकी फीस पहले ही स्वीकार की जा चुकी है। इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और एक विशेष जाँच दल (SIT) गठित कर जाँच उसे सौंप दी गई है।

मामले में दर्ज धाराएँ और कानूनी कार्रवाई

शिक्षा मंत्री भुसे ने बताया कि पेपर लीक के संबंध में महाराष्ट्र प्रतियोगी परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 की धारा 11(1), (2), (3) तथा धारा 12(1), (2) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र विश्वविद्यालयों के मंडल और अन्य निर्दिष्ट परीक्षाओं में कदाचार रोकथाम अधिनियम 1982 की धारा 6 और 8 भी लगाई गई हैं।

मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि जो भी आरोपी इस मामले में दोषी पाए जाएँगे, उन पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) लगाने की संभावना की भी जाँच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।

SIT गठन और बहुराज्यीय जाँच

पुलिस महानिदेशक, महाराष्ट्र के आदेश पर पुलिस सह-आयुक्त (अपराध), ठाणे शहर की अध्यक्षता में एक विशेष जाँच दल (SIT) का गठन शनिवार को किया गया और मामला उन्हें स्थानांतरित कर दिया गया। SIT ने जाँच शुरू कर दी है।

पेपर लीक के तार अन्य राज्यों तक फैले होने की आशंका के चलते बिहार में दो टीमें, हरियाणा में एक टीम और दिल्ली में एक टीम रवाना की गई हैं। गिरफ्तार तीनों आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं।

पुनर्परीक्षा की व्यवस्था

शिक्षा मंत्री ने आश्वस्त किया कि टीईटी की पुनर्परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और अनुशासित माहौल में आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थियों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह परीक्षा रविवार को आयोजित होनी थी, जिसे पेपर लीक के बाद रद्द करना पड़ा।

ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली की ओर कदम

भुसे ने घोषणा की कि अगले वर्ष से टीईटी सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाएँ ऑनलाइन माध्यम से कराने के लिए आवश्यक बुनियादी ढाँचा तैयार करने हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी। यह समिति राज्य सरकार के सभी विभागों की परीक्षाओं को ऑनलाइन कराने की व्यवहार्यता का अध्ययन कर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगी।

आगे क्या होगा

SIT की जाँच और बहुराज्यीय टीमों की रिपोर्ट आने के बाद मामले की गहराई स्पष्ट होगी। MCOCA के तहत कार्रवाई की संभावना इस मामले को और गंभीर बनाती है। लाखों अभ्यर्थियों की नज़रें अब पुनर्परीक्षा की तारीख की घोषणा पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि पेपर लीक की जड़ें कहाँ हैं और क्या ऑनलाइन परीक्षा की समिति महज़ एक और घोषणा बनकर रह जाएगी। लाखों अभ्यर्थियों का करियर दाँव पर है — उनके लिए 'मुफ्त पुनर्परीक्षा' राहत है, पर न्याय नहीं।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक क्या है?
रविवार को आयोजित होने वाली महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले लीक हो गया, जिसके बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी। मामले में अब तक 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
टीईटी पुनर्परीक्षा कब होगी और क्या शुल्क देना होगा?
शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने घोषणा की है कि पुनर्परीक्षा पारदर्शी और अनुशासित माहौल में आयोजित की जाएगी और अभ्यर्थियों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। पुनर्परीक्षा की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।
SIT का गठन क्यों किया गया और उसकी अध्यक्षता कौन कर रहा है?
मामले की गंभीरता और व्यापकता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक, महाराष्ट्र के आदेश पर पुलिस सह-आयुक्त (अपराध), ठाणे शहर की अध्यक्षता में SIT गठित की गई है। SIT ने जाँच शुरू कर दी है और बहुराज्यीय टीमें भी रवाना की गई हैं।
आरोपियों पर MCOCA क्यों लगाया जा सकता है?
शिक्षा मंत्री के अनुसार, जो भी आरोपी दोषी पाए जाएँगे, उन पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) लगाने की संभावना की जाँच और कानूनी प्रक्रिया जारी है। यह कदम मामले की संगठित प्रकृति की ओर इशारा करता है।
भविष्य में टीईटी जैसी परीक्षाओं में धाँधली रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएँगे?
सरकार ने अगले वर्ष से सभी प्रतियोगी परीक्षाएँ ऑनलाइन माध्यम से कराने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने की घोषणा की है। यह समिति सभी विभागों की परीक्षाओं को ऑनलाइन करने की व्यवहार्यता का अध्ययन कर सिफारिशें देगी।
राष्ट्र प्रेस
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