10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

महायुति सरकार का किसानों-महिलाओं पर दांव: शिंदे बोले — ₹36,585 करोड़ कर्जमाफी, लाडकी बहिन जारी रहेगी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
महायुति सरकार का किसानों-महिलाओं पर दांव: शिंदे बोले — ₹36,585 करोड़ कर्जमाफी, लाडकी बहिन जारी रहेगी

सारांश

मानसून सत्र से एक दिन पहले उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने महायुति की उपलब्धियों की झड़ी लगाई — ₹36,585 करोड़ कर्जमाफी, लाडकी बहिन की गारंटी, ₹90,000 करोड़ निवेश और विपक्ष पर तीखा हमला। असली परीक्षा सदन के भीतर होगी।

मुख्य बातें

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 21 जून 2026 को मानसून सत्र पूर्व प्रेस कॉन्फ्रेंस में महायुति की उपलब्धियाँ गिनाईं।
महायुति ने ₹36,585 करोड़ की कर्जमाफी और 2022 में ₹15,000 करोड़ का राहत पैकेज दिया; समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को ₹50,000 बोनस।
लाडकी बहिन योजना बंद नहीं होगी; केवल अपात्र लाभार्थियों पर कार्रवाई।
₹23,487 करोड़ की मेट्रो परियोजनाएँ और ₹76,000 करोड़ की वधावन बंदरगाह परियोजना को मंजूरी।
₹90,000 करोड़ के औद्योगिक निवेश से लगभग 20,000 रोजगार सृजित होने की उम्मीद।
शिंदे ने विपक्ष से बहिष्कार छोड़कर सदन में रचनात्मक चर्चा में भाग लेने की अपील की।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 21 जून 2026 को मुंबई में मानसून सत्र की पूर्व संध्या पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि महायुति सरकार ने किसानों, महिलाओं, मजदूरों, युवाओं और आम नागरिकों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य के इतिहास में अभूतपूर्व फैसले लिए हैं। उन्होंने ₹36,585 करोड़ की कर्जमाफी योजना और लाडकी बहिन योजना को सरकार की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में गिनाया।

किसानों के लिए क्या किया सरकार ने

शिंदे ने कहा कि महायुति सरकार ने राज्य के इतिहास में पहली बार इतने बड़े स्तर पर किसानों को आर्थिक सहायता दी है। सरकार ने ₹36,585 करोड़ की कर्जमाफी योजना लागू की और 2022 में ₹15,000 करोड़ का अतिरिक्त राहत पैकेज भी दिया। समय पर फसल ऋण चुकाने वाले किसानों को ₹50,000 का प्रोत्साहन बोनस भी प्रदान किया गया।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) के निर्धारित मानकों से अधिक सहायता दी गई और पात्रता सीमा को दो हेक्टेयर तक बढ़ाया गया। घोंघों के प्रकोप, लगातार बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को भी मुआवजा दिया गया। शिंदे ने कहा, 'राज्य के खजाने पर पहला अधिकार किसानों का है — उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।'

एल-नीनो प्रभाव का हवाला देते हुए उन्होंने किसानों को बुवाई में जल्दबाजी न करने और कृषि विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी, ताकि दोबारा बुवाई जैसी समस्याओं से बचा जा सके।

लाडकी बहिन योजना बंद नहीं होगी

उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि लाडकी बहिन योजना बंद नहीं होगी और पात्र महिलाओं को इसका लाभ मिलता रहेगा। उन्होंने कहा कि कार्रवाई केवल उन मामलों में की जा रही है, जहाँ अपात्र व्यक्तियों ने गलत तरीके से लाभ लिया है। 'योग्य लाडकी बहिनों को किसी भी स्थिति में योजना से वंचित नहीं किया जाएगा' — यह उनका स्पष्ट आश्वासन था।

बुनियादी ढाँचे में बड़े निवेश

शिंदे ने बताया कि मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक परियोजना का उद्घाटन हो चुका है। विरार-अलीबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर और ₹23,487 करोड़ की मेट्रो परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में 3,500 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण जारी है और ग्रामीण जलापूर्ति नीति भी लागू की गई है।

केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र के लिए ₹76,000 करोड़ की वधावन बंदरगाह परियोजना को मंजूरी दी है, जिसे विश्वस्तरीय बंदरगाह के रूप में विकसित किया जाएगा। ₹90,000 करोड़ के औद्योगिक निवेश को बढ़ावा दिया गया है, जिससे लगभग 20,000 रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। 424 शहरों को लाभ पहुँचाने वाली पुनर्वास नीति पर भी काम चल रहा है और सरकारी विभागों की संख्या बढ़ाकर 46 कर दी गई है।

विपक्ष पर निशाना

विपक्ष के बहिष्कार की राजनीति पर तीखा प्रहार करते हुए शिंदे ने कहा कि विधानसभा सत्र जनता के मुद्दों पर चर्चा के लिए होता है, लेकिन विपक्ष इसे राजनीतिक हथियार बना रहा है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बावजूद युद्धविराम हो गया, लेकिन विपक्ष का बहिष्कार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा।' उन्होंने विपक्ष से सदन में आकर रचनात्मक बहस में हिस्सा लेने की अपील की।

शिंदे ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ही किसानों, बारिश और अन्य मुद्दों पर विस्तृत आँकड़े पेश कर चुके हैं, जो सरकार की पारदर्शी कार्यशैली को दर्शाता है। विधान परिषद चुनाव में विपक्षी उम्मीदवारों के नाम वापस लेने का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष को आत्ममंथन की जरूरत है।

आगे क्या

मानसून सत्र में सरकार किसानों की समस्याओं, विकास परियोजनाओं और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा चाहती है। राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नीति भी लागू की जाएगी, जो 'विकसित भारत' के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सहायक होगी। कर्जमाफी योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया जारी है और अच्छे मानसून की उम्मीद के साथ सरकार किसानों को राहत देने के प्रति आश्वस्त दिख रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों एक साथ। लेकिन ₹36,585 करोड़ की कर्जमाफी की घोषणा और उसके वास्तविक क्रियान्वयन के बीच का अंतर अभी भी स्पष्ट नहीं है। ₹90,000 करोड़ के निवेश से केवल 20,000 रोजगार की उम्मीद — यह अनुपात सवाल उठाता है कि पूँजी-गहन परियोजनाएँ आम मजदूर तक कितनी पहुँचती हैं। लाडकी बहिन पर 'अपात्रों पर कार्रवाई' का बयान राजनीतिक रूप से संवेदनशील है और विपक्ष इसे सत्र में मुद्दा बना सकता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महायुति सरकार की किसान कर्जमाफी योजना क्या है?
महायुति सरकार ने महाराष्ट्र में ₹36,585 करोड़ की कर्जमाफी योजना लागू की है। इसके अतिरिक्त 2022 में ₹15,000 करोड़ का राहत पैकेज और समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को ₹50,000 का प्रोत्साहन बोनस भी दिया गया है।
लाडकी बहिन योजना बंद होगी या नहीं?
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट किया है कि लाडकी बहिन योजना बंद नहीं होगी। पात्र महिलाओं को इसका लाभ मिलता रहेगा; कार्रवाई केवल उन मामलों में हो रही है जहाँ अपात्र व्यक्तियों ने गलत तरीके से लाभ लिया है।
महाराष्ट्र में कौन-कौन सी बड़ी बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ मंजूर हुई हैं?
महाराष्ट्र में ₹23,487 करोड़ की मेट्रो परियोजनाएँ, विरार-अलीबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर और ₹76,000 करोड़ की वधावन बंदरगाह परियोजना को मंजूरी मिली है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में 3,500 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण भी जारी है।
महाराष्ट्र मानसून सत्र 2026 में क्या मुद्दे उठने की उम्मीद है?
सरकार मानसून की तैयारियों, किसानों की समस्याओं, विकास परियोजनाओं और जनकल्याण योजनाओं पर चर्चा करना चाहती है। विपक्ष लाडकी बहिन योजना में कार्रवाई और कर्जमाफी के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठा सकता है।
महाराष्ट्र में औद्योगिक निवेश से कितने रोजगार मिलेंगे?
शिंदे के अनुसार ₹90,000 करोड़ के औद्योगिक निवेश को बढ़ावा दिया गया है, जिससे लगभग 20,000 रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। इसके अलावा राज्य में AI नीति भी लागू की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 सप्ताह पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले