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शोभा करंदलाजे का आरोप: विपक्ष ने महिला आरक्षण बिल गिराने की साजिश की

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शोभा करंदलाजे का आरोप: विपक्ष ने महिला आरक्षण बिल गिराने की साजिश की

सारांश

महिला आरक्षण संशोधन बिल के गिरने पर केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक गठबंधन ने जानबूझकर आधी आबादी को आरक्षण से वंचित किया। जानिए इस विवाद के पीछे की सच्चाई।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण संशोधन बिल का गिरना एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना है।
केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने विपक्ष पर साजिश का आरोप लगाया है।
इस विवाद में इंडिया ब्लॉक का नाम भी शामिल है।
महिलाओं को राजनीतिक शक्ति देने का यह एक प्रयास है।
कांग्रेस ने अपनी महिला विरोधी छवि को मजबूत किया है।

बेंगलुरु, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण संशोधन बिल के गिरने पर एनडीए लगातार विपक्ष पर साजिश के आरोप लगा रहा है। इस संदर्भ में केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा है कि इंडिया ब्लॉक गठबंधन ने जानबूझकर संसद में आधी आबादी को आरक्षण से वंचित रखा।

बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष ने महिला आरक्षण संशोधन बिल और परिसीमन बिल को जानबूझकर गिराया।

उन्होंने प्रश्न उठाया कि मैं मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और पूरे इंडिया गठबंधन से पूछना चाहती हूं कि महिला आरक्षण संशोधन बिल और परिसीमन बिल में क्या गलत था। महिलाओं को आरक्षण देना और लोकसभा की सीटों को बढ़ाकर 850 करना, इसमें समस्या क्या है? जब आरक्षण लागू होगा, तब यह 543 सीटों के दायरे में ही रहेगा। कुछ पुरुषों को यह अनुचित लग सकता है, लेकिन सीटों की संख्या बढ़ाने से विपक्ष को क्या परेशानी है?

शोभा करंदलाजे ने कहा कि विपक्ष ने महिला आरक्षण संशोधन बिल को नहीं, बल्कि दक्षिण भारत को हराया है।

उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में बार-बार कहा था कि इससे दक्षिण या किसी अन्य के साथ अन्याय नहीं होगा, फिर भी विपक्ष महत्वपूर्ण बिल के खिलाफ गया, जो कि दक्षिण भारत के साथ स्पष्ट अन्याय है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का यह षड्यंत्र देश को टुकड़ों में बांटने का है। राहुल गांधी चाहते हैं कि देश एकजुट न रहे, बल्कि लोग आपस में लड़ते रहें। इसलिए उन्होंने बिल का विरोध किया। महिला आरक्षण संशोधन बिल कोई चुनावी मुद्दा नहीं है, बल्कि भविष्य का मुद्दा है, लेकिन जिस तरह से इसका विरोध किया गया, वह विपक्ष की बड़ी साजिश को दर्शाता है।

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने भी कहा कि महिला आरक्षण संशोधन बिल एक ऐतिहासिक कदम था। इसका विरोध करके कांग्रेस पार्टी ने अपनी महिला विरोधी छवि को और मजबूत किया है। अब देश की महिलाएं कांग्रेस पार्टी का असली चेहरा पहचान चुकी हैं और सही समय पर जवाब देने का मन बना चुकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इस विषय को एक नया मोड़ देते हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि विपक्ष ने वास्तव में कोई साजिश की या यह राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का हिस्सा है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण संशोधन बिल क्या है?
महिला आरक्षण संशोधन बिल का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण प्रदान करना है।
क्यों कहा जा रहा है कि विपक्ष ने साजिश की?
केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे का आरोप है कि विपक्ष ने जानबूझकर महिला आरक्षण संशोधन बिल को गिराया।
महिला आरक्षण का क्या महत्व है?
महिला आरक्षण का महत्व है कि यह महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में समानता प्रदान करता है।
इस विवाद का राजनीतिक प्रभाव क्या होगा?
इस विवाद का राजनीतिक प्रभाव आगामी चुनावों में महिला मतदाताओं पर पड़ेगा।
क्या विपक्ष ने वास्तव में बिल गिराने की योजना बनाई थी?
यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन शोभा करंदलाजे के आरोप इस विषय पर एक नई बहस को जन्म देते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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