मैथिली ठाकुर के ₹13 करोड़ की रोल्स रॉयस विवाद पर कंगना रनौत बोलीं — 'हम अच्छी ज़िंदगी क्यों नहीं जी सकते?'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार की लोक गायिका और भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक मैथिली ठाकुर को 20 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया पर उस समय ट्रोल किया गया, जब वह कथित तौर पर ₹13 करोड़ की रोल्स रॉयस लग्जरी कार में नज़र आईं। इस विवाद में अब अभिनेत्री और BJP सांसद कंगना रनौत भी कूद पड़ी हैं और ट्रोलर्स को कड़ा जवाब दिया है।
विवाद की जड़: हलफनामा और लग्जरी कार
सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने मैथिली ठाकुर के 2025 के विधानसभा चुनाव के हलफनामे का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने अपनी संपत्ति में एक होंडा एक्टिवा और कुल ₹3 करोड़ की नेट वर्थ दर्ज की थी। इसके बाद उनका ₹13 करोड़ की रोल्स रॉयस में दिखना ट्रोलिंग का कारण बना। हालाँकि, उस वाहन की स्वामित्व की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
कंगना रनौत का पलटवार
सांसद कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'कुछ लोगों को तब बुरा लगता है जब वे राजनेताओं को अच्छी ज़िंदगी जीते हुए देखते हैं। अभी हमारे एक युवा विधायक को लग्जरी कार इस्तेमाल करने के लिए ट्रोल किया जा रहा है। हम भले ही समाज सेवा करते हों लेकिन हमारा अपना करियर, ज़िंदगी और लोकप्रियता भी है।'
कंगना ने आगे कहा, 'हम निस्वार्थ भाव से जनहित में काम करते हैं लेकिन कुछ लोगों को हमारी अच्छी ज़िंदगी देखकर तकलीफ होती है। क्यों नहीं? हम अच्छी ज़िंदगी क्यों नहीं जी सकते? हमें जनता के पैसे में कोई दिलचस्पी नहीं है लेकिन हमसे यह उम्मीद करना कि हम हमेशा गरीब और बेजान ज़िंदगी जिएँ, बिल्कुल बेतुका है।'
कौन हैं मैथिली ठाकुर?
मैथिली ठाकुर (26 वर्ष) बिहार के दरभंगा जिले की अलीनगर विधानसभा सीट से BJP विधायक हैं और बिहार विधानसभा की सबसे युवा विधायकों में गिनी जाती हैं। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्हें 84,915 वोट मिले थे, जबकि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के उम्मीदवार बिनोद मिश्रा दूसरे स्थान पर रहे थे।
संगीत की दुनिया में मैथिली ठाकुर की पहचान एक बहुभाषी शास्त्रीय व लोक गायिका के रूप में है। वह हिंदी, मैथिली, भोजपुरी, बंगाली, उर्दू, मराठी, पंजाबी, तमिल और अंग्रेज़ी सहित अनेक भाषाओं में गीत गाती हैं।
सोशल मीडिया पर बहस का स्वरूप
यह विवाद ऐसे समय में आया है जब सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों की जीवनशैली और उनके चुनावी हलफनामों के बीच की खाई को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज़ होती जा रही है। आलोचकों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की घोषित संपत्ति और दिखावटी जीवनशैली के बीच की विसंगति सार्वजनिक जवाबदेही का मुद्दा है, जबकि कंगना जैसे समर्थकों का तर्क है कि चुनाव जीतने से पहले की व्यावसायिक सफलता को राजनीतिक भ्रष्टाचार के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
आगे क्या
वाहन के स्वामित्व को लेकर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण अभी तक सामने नहीं आया है। मैथिली ठाकुर के कार्यालय की ओर से इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया दर्ज नहीं की गई है। यह देखना बाकी है कि क्या विवाद आगे किसी आधिकारिक जाँच या विधानसभा में चर्चा का रूप लेता है।