ममता बनर्जी की बैठक से 60 विधायक नापाट, 2 जून का प्रदर्शन खतरे में: शिवसेना नेता कृष्णा हेगड़े
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना नेता कृष्णा हेगड़े ने 1 जून को मुंबई में कहा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी की हालिया विधायक बैठक में 60 विधायक अनुपस्थित रहे, जो इस बात का संकेत है कि दल के भीतर उनकी पकड़ कमज़ोर पड़ रही है। हेगड़े के अनुसार, इसी कारण 2 जून को प्रस्तावित TMC के प्रदर्शन पर भी संशय के बादल मंडरा रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
हेगड़े ने बताया कि ममता बनर्जी ने TMC सांसदों पर हुए कथित हमलों के विरोध में विधायकों की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में सांसद कल्याण बनर्जी और अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमलों का मुद्दा उठाया जाना था। लेकिन बैठक से 60 विधायकों की अनुपस्थिति ने पार्टी की आंतरिक एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हेगड़े ने आरोप लगाया कि TMC के कई विधायक अब पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी से मिल रहे हैं और विकास कार्यों के लिए फंड की माँग कर रहे हैं। उनके अनुसार, यह रुझान दर्शाता है कि TMC विधायक अब अपनी राजनीतिक दिशा पर पुनर्विचार कर रहे हैं।
प्रदर्शन रद्द होने की आशंका
हेगड़े ने कहा कि ममता बनर्जी खुद असमंजस में हैं — उन्हें यह स्पष्ट नहीं है कि उनके विधायक और सांसद उनके साथ खड़े हैं या नहीं। इसीलिए, उनके अनुसार, 2 जून को पश्चिम बंगाल में प्रस्तावित प्रदर्शन को रद्द किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त समर्थन के अभाव में यह आंदोलन व्यावहारिक रूप से संभव नहीं दिखता।
राहुल गांधी पर निशाना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा ममता बनर्जी को समर्थन देने के बयान पर हेगड़े ने कहा कि राहुल गांधी कभी TMC को भ्रष्ट बताते हैं, तो कभी उनका समर्थन करते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी ने स्वयं ममता बनर्जी को भ्रष्ट करार दिया था।
सीबीएसई की 12वीं कक्षा की ऑन-स्क्रीन मार्किंग को लेकर राहुल गांधी के फर्जीवाड़े के आरोप पर हेगड़े ने कहा कि वे बिना सबूत के आरोप लगाते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सब कुछ सामान्य है और एक तकनीकी समिति भी जाँच कर रही है।
शिवसेना नेता मनीषा कायंदे की प्रतिक्रिया
शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने कर्नाटक के मनोनीत मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के आईपीएल फाइनल संबंधी बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि खेल में राजनीति नहीं लानी चाहिए।
लाड़की बहिन योजना पर कायंदे ने माना कि कुछ मामलों में दिक्कतें सामने आई हैं — संपन्न महिलाएँ भी इस योजना का लाभ उठा रही हैं, जबकि यह लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंद महिलाओं तक पहुँचना चाहिए।
ममता बनर्जी के आंदोलन पर कायंदे ने कहा कि बंगाल में TMC के कार्यकाल में हिंसा बढ़ी थी और अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार में कानून-व्यवस्था सुधर रही है। उन्होंने कहा कि जनता ने ममता बनर्जी के कुशासन को नकार दिया है और TMC विधायक भी अब यह सोच रहे हैं कि जब सत्ता नहीं है तो क्या उनके साथ रहना उचित है।
आगे क्या
यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि 2 जून को TMC का प्रस्तावित प्रदर्शन होता है या रद्द किया जाता है। विधायकों की बैठक से दूरी और सुवेंदु अधिकारी से मुलाकातों की खबरें TMC के आंतरिक समीकरणों पर आने वाले दिनों में और रोशनी डालेंगी।