ममता बनर्जी की सोशल मीडिया पर अभी भी 'मुख्यमंत्री' की टैग, विधानसभा भंग होने के बाद भी नहीं बदला प्रोफाइल
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी ने 8 मई 2026 तक अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल नहीं बदली है, जबकि पश्चिम बंगाल की 17वीं विधानसभा भंग हो चुकी है और वे आधिकारिक तौर पर राज्य की 'पूर्व मुख्यमंत्री' बन चुकी हैं। उनके आधिकारिक फेसबुक और 'एक्स' हैंडल पर अभी भी 'माननीय मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल' का टैग बरकरार है, जो संवैधानिक वास्तविकता से मेल नहीं खाता।
विधानसभा भंग होने की पृष्ठभूमि
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने 7 मई 2026 को 17वीं विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने के बाद संविधान के अनुच्छेद 174 (2)(बी) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए विधानसभा को भंग कर दिया। लोकभवन, कोलकाता से जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया।
2026 चुनाव में TMC की करारी हार
2026 विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की — 293 में से 207 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। इसके विपरीत, TMC केवल 80 सीटों तक सिमट कर रह गई। यह ऐसे समय में आया है जब ममता बनर्जी 2011 से लगातार सत्ता पर काबिज थीं और 2021 में तीसरी बार मुख्यमंत्री बनी थीं। इस बार न केवल TMC सत्ता से बाहर हुई, बल्कि ममता बनर्जी को स्वयं भवानीपुर सीट पर व्यक्तिगत हार का सामना करना पड़ा।
ममता का पद छोड़ने से इनकार और आरोप
चुनावी हार के बाद ममता बनर्जी ने BJP और चुनाव आयोग (ECI) पर '100 सीट की चोरी' का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ने से इनकार कर दिया था — और यही रुख उनकी सोशल मीडिया प्रोफाइल में भी प्रतिबिंबित होता है, जहाँ अभी भी 'मुख्यमंत्री' का टैग बना हुआ है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी नेता ने पद जाने के बाद सोशल मीडिया पर पुराना पदनाम बनाए रखा हो, लेकिन विधानसभा के औपचारिक विघटन के बाद इसे संवैधानिक मर्यादा के विरुद्ध माना जा रहा है।
आगे क्या होगा
पश्चिम बंगाल में अब नई विधानसभा के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। BJP अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के चयन की कवायद में जुटी है। राज्य में सत्ता का यह बदलाव 15 वर्षों बाद हो रहा है, जो पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़े युग के अंत का संकेत है।