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मनोज पांडे का विपक्ष पर पलटवार: चुनाव अनुचित मानते हो तो पहले अपनी सरकारें छोड़ो

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मनोज पांडे का विपक्ष पर पलटवार: चुनाव अनुचित मानते हो तो पहले अपनी सरकारें छोड़ो

सारांश

यूपी मंत्री मनोज पांडे ने विपक्ष के चुनाव आयोग विरोधी प्रदर्शन को 'दोहरा चरित्र' बताया और सीधा सवाल दागा — अगर चुनाव ही गलत थे, तो हिमाचल, झारखंड, केरल, कर्नाटक की सरकारें और सपा के 37 सांसद पहले इस्तीफा दें। राहुल गांधी की रायबरेली जीत को भी घेरे में लिया।

मुख्य बातें

यूपी मंत्री मनोज पांडे ने 13 अक्टूबर 2026 को इंडिया गठबंधन और सपा पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाया।
पांडे की माँग — विपक्ष पहले हिमाचल प्रदेश, झारखंड, केरल व कर्नाटक की अपनी सरकारों से इस्तीफा दिलाए।
समाजवादी पार्टी के 37 सांसदों की जीत का उल्लेख कर पूछा — क्या वे भी सीट छोड़ेंगे?
राहुल गांधी की रायबरेली जीत का हवाला देकर उन्हें सबसे पहले इस्तीफा देने की चुनौती दी।
केरल कांग्रेस की मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को लेकर पोस्ट को 'शर्मनाक' बताया।
प्रदर्शनों से आम जनता, एंबुलेंस सेवाओं और व्यापारियों को नुकसान होने की आपत्ति जताई।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री मनोज पांडे ने 13 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में इंडिया गठबंधन और समाजवादी पार्टी पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि यदि विपक्ष को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में हुए चुनाव निष्पक्ष नहीं लगते, तो उसे पहले हिमाचल प्रदेश, झारखंड, केरल और कर्नाटक में बनी अपनी सरकारों और निर्वाचित सांसदों से इस्तीफा दिलाना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट की ओर निकाले गए मार्च और केरल कांग्रेस द्वारा मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को लेकर की गई पोस्ट को 'शर्मनाक' करार दिया।

मुख्य आरोप: दोहरे मापदंड

मंत्री पांडे ने कहा कि विपक्ष का रवैया स्पष्ट रूप से दोहरे चरित्र को दर्शाता है — जब चुनाव जीतते हैं तो प्रक्रिया स्वीकार्य होती है, और जब हारते हैं तो बेईमानी के आरोप लगाए जाते हैं। उन्होंने पूछा कि क्या चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोप केवल उन चुनावों पर लागू होते हैं जिनमें विपक्ष को पराजय मिली, या सभी चुनावों पर?

पांडे ने समाजवादी पार्टी के 37 सांसदों के उत्तर प्रदेश से चुने जाने का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि क्या पार्टी अब अपने सांसदों से भी इस्तीफा देने को कहेगी।

राहुल गांधी की रायबरेली जीत पर सवाल

मनोज पांडे ने राहुल गांधी की रायबरेली से जीत का सीधा जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनका अपना चुनाव निष्पक्ष था या नहीं। उनका तर्क था कि यदि विपक्ष चुनावों को अनुचित मानता है, तो राहुल गांधी को तार्किक रूप से सबसे पहले अपनी सदस्यता त्यागनी चाहिए।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब इंडिया गठबंधन के नेताओं ने दिल्ली में प्रदर्शन कर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए थे।

केरल कांग्रेस की पोस्ट पर नाराजगी

केरल कांग्रेस की ओर से मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के इस्तीफे की माँग करने वाली पोस्ट पर पांडे ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने इसे संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा पर हमला बताते हुए कहा कि न्यायपालिका के प्रति इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।

विरोध-प्रदर्शन पर आपत्ति

पांडे ने यह भी कहा कि इस तरह के प्रदर्शन आम जनता, एंबुलेंस सेवाओं और व्यापारियों के लिए परेशानी और नुकसान का कारण बनते हैं। उन्होंने विपक्ष को लोकतंत्र की बात करने से पहले अपने ऐतिहासिक आचरण पर नज़र डालने की नसीहत दी और याद दिलाया कि कांग्रेस ने अतीत में अनेक राज्य सरकारों को अस्थिर और बर्खास्त किया था।

गौरतलब है कि यह टकराव चुनाव आयोग की भूमिका और विश्वसनीयता पर केंद्रित उस व्यापक राष्ट्रीय बहस का हिस्सा है, जो हाल के चुनावी नतीजों के बाद तेज़ हुई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और सड़क — दोनों मंचों पर और अधिक गर्म होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हारे तो गलत' वाली बहस में दब नहीं जातीं? मुख्य न्यायाधीश को लेकर की गई पोस्ट निश्चित रूप से असंवैधानिक भाषा का उदाहरण है, जिसकी आलोचना उचित है। किंतु इस प्रकरण का उपयोग चुनावी पारदर्शिता की मूल माँग को खारिज करने के औज़ार के रूप में करना — यही वह बिंदु है जहाँ सत्तापक्ष की जवाबदेही भी दाँव पर लगती है।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनोज पांडे ने विपक्ष से इस्तीफे की माँग क्यों की?
मनोज पांडे ने तर्क दिया कि यदि विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में हुए चुनावों को निष्पक्ष नहीं मानता, तो उसे उन्हीं चुनावों में जीती अपनी सरकारें और सांसदों की सीटें भी छोड़नी चाहिए। उनका कहना था कि हार पर आरोप और जीत पर चुप्पी दोहरे मापदंड को दर्शाती है।
इंडिया गठबंधन के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च क्यों निकाला?
राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने दिल्ली में प्रदर्शन कर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया। यह प्रदर्शन चुनावी प्रक्रिया में कथित पक्षपात के आरोपों को लेकर था।
केरल कांग्रेस की पोस्ट पर क्या विवाद हुआ?
केरल कांग्रेस की ओर से मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के इस्तीफे से संबंधित एक पोस्ट की गई, जिस पर मनोज पांडे ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने इसे 'शर्मनाक' और न्यायपालिका की गरिमा के विरुद्ध बताया।
मनोज पांडे ने राहुल गांधी को लेकर क्या कहा?
पांडे ने राहुल गांधी की रायबरेली से जीत का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि वे चुनाव को गलत मानते हैं, तो उन्हें सबसे पहले अपनी लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि जो नेता उसी चुनाव प्रक्रिया से जीते हों, वे उसकी निष्पक्षता पर प्रश्न नहीं उठा सकते।
सपा के 37 सांसदों का संदर्भ क्यों आया?
मनोज पांडे ने उत्तर प्रदेश से समाजवादी पार्टी के 37 सांसदों के चुने जाने का जिक्र कर पूछा कि यदि चुनाव प्रक्रिया ही दोषपूर्ण थी, तो क्या सपा अपने सांसदों से भी इस्तीफा दिलाएगी। यह बिंदु विपक्ष के चुनावी नतीजे स्वीकारने और साथ ही आयोग पर आरोप लगाने की स्थिति पर कटाक्ष था।
राष्ट्र प्रेस
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