मनोज सिन्हा का SKUAST जम्मू में आह्वान: विदेशी नहीं, स्थानीय समस्याओं के समाधान खोजें युवा
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 21 अगस्त 2026 को जम्मू स्थित शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (SKUAST) में आयोजित कार्यक्रम में घाटी के युवाओं से आग्रह किया कि वे विदेशी मॉडलों की अंधी नकल छोड़कर अपने क्षेत्र की जलवायु, किसानों और स्थानीय चुनौतियों के अनुरूप मौलिक समाधान विकसित करें। उन्होंने कहा कि कृषि और संबद्ध क्षेत्र वैश्विक स्तर पर नवाचार की अगली बड़ी सीमा बनकर उभर रहे हैं, और जम्मू-कश्मीर के युवाओं को इस दिशा में नेतृत्व की भूमिका निभानी चाहिए।
नई आधारभूत सुविधाओं का उद्घाटन
उपराज्यपाल ने इस अवसर पर SKUAST जम्मू में कई नवनिर्मित सुविधाओं का उद्घाटन किया। इनमें उन्नति गर्ल्स हॉस्टल, कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग केंद्र, मशरूम रिसर्च एवं इनोवेशन सेंटर, एडवांस्ड सेरीकल्चर लैब और डिजिटल मीडिया एवं पब्लिकेशन सेंटर शामिल हैं। सिन्हा ने कहा कि ये केवल भवन नहीं, बल्कि क्षेत्र के नवप्रवर्तकों, उद्यमियों, वैज्ञानिकों और किसान परिवारों के प्रति शासन की प्रतिबद्धता के प्रतीक हैं।
स्टार्टअप आउटरीच प्रोग्राम की शुरुआत
कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर उद्यमिता एवं नवाचार कार्यक्रम (JKCIP) के तहत 'स्टार्टअप आउटरीच प्रोग्राम' का शुभारंभ भी किया गया, जिसमें जम्मू संभाग के शोधकर्ता, नवप्रवर्तक, युवा उद्यमी और किसान भाग लेने पहुँचे। मनोज सिन्हा ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन ग्रामीण किसानों और युवाओं तक पहुँचना है जो इनक्यूबेशन, मेंटरिंग और वेंचर कैपिटल जैसी अवधारणाओं से अभी तक अपरिचित हैं। उन्होंने जोर दिया कि किसानों की समस्याओं का सबसे सटीक समाधान वही लोग निकाल सकते हैं जिन्होंने उन्हें स्वयं जिया हो।
वैश्विक कृषि मॉडलों से प्रेरणा, नकल नहीं
उपराज्यपाल ने नीदरलैंड, इज़राइल, न्यूज़ीलैंड और ब्राज़ील के तकनीक-आधारित कृषि मॉडलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन देशों ने अपनी-अपनी स्थानीय चुनौतियों के अनुसार नवाचार किए — और यही जम्मू-कश्मीर के युवाओं को भी करना है। उन्होंने कहा, "अब समय आ गया है कि जम्मू-कश्मीर अपनी चुनौतियों के लिए खुद समाधान विकसित करे।" उन्होंने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर कोल्ड चेन, ग्रेडिंग और पैकेजिंग यूनिट, क्षेत्रीय ब्रांडिंग तथा डिजिटल मार्केटप्लेस जैसे क्षेत्रों में अवसर तलाशने की अपील की, ताकि जम्मू-कश्मीर के उत्पाद दिल्ली, दुबई और अन्य वैश्विक बाज़ारों तक पहुँच सकें।
महिला उद्यमिता और समावेशी विकास पर बल
मनोज सिन्हा ने महिला उद्यमिता को उद्यमिता क्रांति की अनिवार्य शर्त बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की समान और सक्रिय भागीदारी के बिना कोई भी उद्यमिता आंदोलन अधूरा रहेगा। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों (SHG) और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को वित्त, तकनीक और बाज़ार तक समान पहुँच दिलाने पर विशेष ज़ोर दिया। इस अवसर पर कृषि, मूल्य संवर्धन और ग्रामीण उद्यम में उल्लेखनीय योगदान देने वाले आठ स्टार्टअप, FPO और सहकारी संस्थाओं को सम्मानित किया गया और कृषि एवं नवाचार से संबंधित चार प्रकाशनों का विमोचन किया गया।
SKUAST की उपलब्धियाँ और आगे की राह
उपराज्यपाल ने बताया कि SKUAST जम्मू अब तक 150 से अधिक छात्रों को आइडिया इनक्यूबेशन के लिए चुन चुका है और 56 स्टार्टअप्स को सक्रिय सहयोग प्रदान कर चुका है। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "आपकी डिग्री आपकी मंजिल नहीं, बल्कि सफलता की उड़ान का रनवे है।" उन्होंने विश्वविद्यालय की सफलता को स्नातकों की संख्या नहीं, बल्कि नए विचारों, स्थापित उद्यमों और किसान परिवारों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों से मापने की बात कही। यह आयोजन जम्मू-कश्मीर में कृषि-आधारित उद्यमिता को नई दिशा देने की व्यापक कोशिश का हिस्सा है।