21 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मनोज सिन्हा का SKUAST जम्मू में आह्वान: विदेशी नहीं, स्थानीय समस्याओं के समाधान खोजें युवा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मनोज सिन्हा का SKUAST जम्मू में आह्वान: विदेशी नहीं, स्थानीय समस्याओं के समाधान खोजें युवा

सारांश

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने SKUAST जम्मू में युवाओं को एक स्पष्ट संदेश दिया — नीदरलैंड या इज़राइल की नकल नहीं, अपने खेतों और किसानों की समस्याओं से उपजे समाधान चाहिए। 56 स्टार्टअप्स को सहयोग और 150 छात्रों को इनक्यूबेशन — जम्मू-कश्मीर की कृषि-उद्यमिता क्रांति ज़मीन पर उतर रही है।

मुख्य बातें

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 21 अगस्त 2026 को SKUAST जम्मू में नई आधारभूत सुविधाओं का उद्घाटन किया।
नई सुविधाओं में AI और मशीन लर्निंग केंद्र , मशरूम रिसर्च सेंटर , एडवांस्ड सेरीकल्चर लैब और उन्नति गर्ल्स हॉस्टल शामिल हैं।
JKCIP के तहत 'स्टार्टअप आउटरीच प्रोग्राम' लॉन्च; ग्रामीण किसानों और युवाओं को इनक्यूबेशन से जोड़ना लक्ष्य।
SKUAST अब तक 150 से अधिक छात्रों को इनक्यूबेशन के लिए चुन चुका है और 56 स्टार्टअप्स को सहयोग दे चुका है।
कृषि, मूल्य संवर्धन और ग्रामीण उद्यम में योगदान देने वाले 8 स्टार्टअप, FPO और सहकारी संस्थाओं को सम्मानित किया गया।
सिन्हा ने SHG और FPO के लिए वित्त, तकनीक और बाज़ार तक समान पहुँच पर ज़ोर दिया।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 21 अगस्त 2026 को जम्मू स्थित शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (SKUAST) में आयोजित कार्यक्रम में घाटी के युवाओं से आग्रह किया कि वे विदेशी मॉडलों की अंधी नकल छोड़कर अपने क्षेत्र की जलवायु, किसानों और स्थानीय चुनौतियों के अनुरूप मौलिक समाधान विकसित करें। उन्होंने कहा कि कृषि और संबद्ध क्षेत्र वैश्विक स्तर पर नवाचार की अगली बड़ी सीमा बनकर उभर रहे हैं, और जम्मू-कश्मीर के युवाओं को इस दिशा में नेतृत्व की भूमिका निभानी चाहिए।

नई आधारभूत सुविधाओं का उद्घाटन

उपराज्यपाल ने इस अवसर पर SKUAST जम्मू में कई नवनिर्मित सुविधाओं का उद्घाटन किया। इनमें उन्नति गर्ल्स हॉस्टल, कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग केंद्र, मशरूम रिसर्च एवं इनोवेशन सेंटर, एडवांस्ड सेरीकल्चर लैब और डिजिटल मीडिया एवं पब्लिकेशन सेंटर शामिल हैं। सिन्हा ने कहा कि ये केवल भवन नहीं, बल्कि क्षेत्र के नवप्रवर्तकों, उद्यमियों, वैज्ञानिकों और किसान परिवारों के प्रति शासन की प्रतिबद्धता के प्रतीक हैं।

स्टार्टअप आउटरीच प्रोग्राम की शुरुआत

कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर उद्यमिता एवं नवाचार कार्यक्रम (JKCIP) के तहत 'स्टार्टअप आउटरीच प्रोग्राम' का शुभारंभ भी किया गया, जिसमें जम्मू संभाग के शोधकर्ता, नवप्रवर्तक, युवा उद्यमी और किसान भाग लेने पहुँचे। मनोज सिन्हा ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन ग्रामीण किसानों और युवाओं तक पहुँचना है जो इनक्यूबेशन, मेंटरिंग और वेंचर कैपिटल जैसी अवधारणाओं से अभी तक अपरिचित हैं। उन्होंने जोर दिया कि किसानों की समस्याओं का सबसे सटीक समाधान वही लोग निकाल सकते हैं जिन्होंने उन्हें स्वयं जिया हो।

वैश्विक कृषि मॉडलों से प्रेरणा, नकल नहीं

उपराज्यपाल ने नीदरलैंड, इज़राइल, न्यूज़ीलैंड और ब्राज़ील के तकनीक-आधारित कृषि मॉडलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन देशों ने अपनी-अपनी स्थानीय चुनौतियों के अनुसार नवाचार किए — और यही जम्मू-कश्मीर के युवाओं को भी करना है। उन्होंने कहा, "अब समय आ गया है कि जम्मू-कश्मीर अपनी चुनौतियों के लिए खुद समाधान विकसित करे।" उन्होंने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर कोल्ड चेन, ग्रेडिंग और पैकेजिंग यूनिट, क्षेत्रीय ब्रांडिंग तथा डिजिटल मार्केटप्लेस जैसे क्षेत्रों में अवसर तलाशने की अपील की, ताकि जम्मू-कश्मीर के उत्पाद दिल्ली, दुबई और अन्य वैश्विक बाज़ारों तक पहुँच सकें।

महिला उद्यमिता और समावेशी विकास पर बल

मनोज सिन्हा ने महिला उद्यमिता को उद्यमिता क्रांति की अनिवार्य शर्त बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की समान और सक्रिय भागीदारी के बिना कोई भी उद्यमिता आंदोलन अधूरा रहेगा। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों (SHG) और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को वित्त, तकनीक और बाज़ार तक समान पहुँच दिलाने पर विशेष ज़ोर दिया। इस अवसर पर कृषि, मूल्य संवर्धन और ग्रामीण उद्यम में उल्लेखनीय योगदान देने वाले आठ स्टार्टअप, FPO और सहकारी संस्थाओं को सम्मानित किया गया और कृषि एवं नवाचार से संबंधित चार प्रकाशनों का विमोचन किया गया।

SKUAST की उपलब्धियाँ और आगे की राह

उपराज्यपाल ने बताया कि SKUAST जम्मू अब तक 150 से अधिक छात्रों को आइडिया इनक्यूबेशन के लिए चुन चुका है और 56 स्टार्टअप्स को सक्रिय सहयोग प्रदान कर चुका है। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "आपकी डिग्री आपकी मंजिल नहीं, बल्कि सफलता की उड़ान का रनवे है।" उन्होंने विश्वविद्यालय की सफलता को स्नातकों की संख्या नहीं, बल्कि नए विचारों, स्थापित उद्यमों और किसान परिवारों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों से मापने की बात कही। यह आयोजन जम्मू-कश्मीर में कृषि-आधारित उद्यमिता को नई दिशा देने की व्यापक कोशिश का हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 56 स्टार्टअप्स और 150 इनक्यूबेटेड आइडियाज़ में से कितने व्यावसायिक रूप से टिकाऊ बने हैं — यह आँकड़ा सार्वजनिक नहीं किया गया। जम्मू-कश्मीर में कृषि-उद्यमिता की राह में बिजली आपूर्ति की अनिश्चितता, कोल्ड चेन की कमी और बाज़ार संपर्क की सीमाएँ अभी भी बड़ी बाधाएँ हैं, जिनका ज़िक्र भाषण में नहीं था। नीदरलैंड और इज़राइल के मॉडलों की 'प्रेरणा' लेने की बात तब तक अधूरी है जब तक भूमि उपयोग नीति, सिंचाई अवसंरचना और किसान ऋण तक पहुँच जैसे ढाँचागत मुद्दों पर ठोस कदम न उठाए जाएँ।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनोज सिन्हा ने SKUAST जम्मू में युवाओं को क्या संदेश दिया?
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 21 अगस्त 2026 को SKUAST जम्मू में युवाओं से कहा कि वे विदेशी कृषि मॉडलों की नकल न करें, बल्कि जम्मू-कश्मीर की अपनी जलवायु, किसानों और स्थानीय समस्याओं के अनुरूप मौलिक समाधान तैयार करें। उन्होंने कहा कि कृषि नवाचार वैश्विक स्तर पर अगली बड़ी सीमा है और जम्मू-कश्मीर के युवाओं को इसमें नेतृत्व करना चाहिए।
SKUAST जम्मू में कौन-सी नई सुविधाएँ उद्घाटित की गईं?
21 अगस्त 2026 को SKUAST जम्मू में उन्नति गर्ल्स हॉस्टल, कृषि में AI और मशीन लर्निंग केंद्र, मशरूम रिसर्च एवं इनोवेशन सेंटर, एडवांस्ड सेरीकल्चर लैब और डिजिटल मीडिया एवं पब्लिकेशन सेंटर का उद्घाटन किया गया। ये सुविधाएँ कृषि शोध और उद्यमिता को नई गति देने के उद्देश्य से स्थापित की गई हैं।
स्टार्टअप आउटरीच प्रोग्राम क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
JKCIP के तहत शुरू किया गया 'स्टार्टअप आउटरीच प्रोग्राम' उन ग्रामीण किसानों और युवाओं तक पहुँचने की कोशिश है जो इनक्यूबेशन, मेंटरिंग और वेंचर कैपिटल से अपरिचित हैं। इसमें जम्मू संभाग के शोधकर्ता, नवप्रवर्तक, युवा उद्यमी और किसान शामिल हैं।
SKUAST जम्मू ने अब तक कितने स्टार्टअप्स को सहयोग दिया है?
SKUAST जम्मू अब तक 150 से अधिक छात्रों को आइडिया इनक्यूबेशन के लिए चुन चुका है और 56 स्टार्टअप्स को सक्रिय सहयोग प्रदान कर चुका है। उपराज्यपाल ने विश्वविद्यालय से इन प्रयासों का और विस्तार करने का आग्रह किया।
महिला उद्यमिता पर उपराज्यपाल ने क्या कहा?
मनोज सिन्हा ने कहा कि महिलाओं की समान और सक्रिय भागीदारी के बिना कोई भी उद्यमिता क्रांति पूरी नहीं हो सकती। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों (SHG) और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को वित्त, तकनीक और बाज़ार तक समान पहुँच सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले