मराठा आरक्षण पर हुसैन दलवई: 'असली ओबीसी के अधिकारों की भी रक्षा ज़रूरी'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने मुंबई में 24 अक्टूबर 2026 को मराठा आरक्षण आंदोलन, ₹500 करोड़ के कथित मामले और अन्य सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मराठा समाज के गरीब तबके को शिक्षा, रोज़गार और कृषि सहायता मिलनी चाहिए, परंतु यदि उन्हें आरक्षण में शामिल किया गया, तो वास्तविक ओबीसी समुदाय के हक पर सवाल उठेगा।
मराठा आरक्षण और ओबीसी अधिकारों पर दलवई का रुख
दलवई ने कहा, 'मराठा समाज में जो गरीब हैं, उनको शिक्षा मिलनी चाहिए, नौकरी मिलनी चाहिए, खेती के लिए मदद मिलनी चाहिए — यहाँ तक ठीक है। लेकिन रिज़र्वेशन में वे आएंगे, तो जो सच में ओबीसी हैं, उनका क्या होगा?' उनका यह वक्तव्य एक्टिविस्ट मनोज जरांगे पाटिल के दावों के संदर्भ में आया, जिन्हें दलवई ने 'गलत' करार दिया और कहा कि मामले की ठीक ढंग से जाँच होनी चाहिए।
गौरतलब है कि मराठा आरक्षण की माँग महाराष्ट्र में वर्षों से राजनीतिक विवाद का केंद्र रही है। ओबीसी संगठनों की यह चिंता लंबे समय से सामने आती रही है कि मराठाओं को ओबीसी श्रेणी में शामिल करने से उनका कोटा प्रभावित होगा।
₹500 करोड़ मामले पर जाँच की माँग
दलवई ने ₹500 करोड़ के कथित मामले का भी उल्लेख किया और कहा, 'एक करोड़ में शून्य कितने लगते हैं, वह पहले देखिए। इसकी जाँच होनी चाहिए।' उन्होंने इस मसले पर पारदर्शिता की माँग की और इसे नज़रअंदाज़ न करने की अपील की।
एकनाथ शिंदे को नसीहत
दलवई ने पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को सलाह दी कि वे अपने वर्तमान राजनीतिक गठबंधन पर पुनर्विचार करें। उन्होंने कहा, 'मैं एकनाथ शिंदे को कहूँगा कि आप जिस पार्टी के साथ गए हैं, वो क्या हैं — आहिस्ता-आहिस्ता आपको समझ में आ जाएगा। उन्हें फिर से शिवसेना में जाकर उसे मज़बूत बनाना चाहिए।'
पश्चिम बंगाल में ईसाइयों पर हमले और अल्पसंख्यक सवाल
पश्चिम बंगाल में ईसाई समुदाय पर कथित हमलों के संदर्भ में दलवई ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'BJP ने जो माहौल बनाया है, उसकी वजह से लोगों पर अन्याय और अत्याचार किया जा रहा है।' उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता पर उंगली उठाने को 'बिल्कुल गलत' बताया।
मुसलमानों से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने कहा कि कब्रिस्तान, दरगाह और मस्जिदों को लेकर जो परिस्थितियाँ उत्पन्न हो रही हैं, उन पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी तो बोलते हैं, लेकिन दूसरे स्तर के नेता मुखर नहीं हैं। उन्होंने कांग्रेस से मुस्लिम नेतृत्व को साथ लेकर संवाद करने का आग्रह किया।
अन्य मुद्दे: नेहा बोरा और सुशील कुमार शिंदे
नेहा बोरा को हिरासत में लिए जाने पर दलवई ने कहा कि यह 'गलत' है और उच्च न्यायालय को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए। कांग्रेस नेता सुशील कुमार शिंदे के BJP से संभावित जुड़ाव की चर्चाओं पर उन्होंने कहा, 'उनका कांग्रेस पर पूरी तरह भरोसा है। वे BJP के साथ जाएंगे, मुझे विश्वास नहीं होता।' यह बयान उस समय आया है जब महाराष्ट्र में राजनीतिक दलबदल और गठबंधन-पुनर्गठन की चर्चाएँ लगातार तेज़ हैं।