मराठा आरक्षण पर ₹500 करोड़ के आरोप: गिरीश महाजन बोले- जरांगे पाटिल को गलत जानकारी दी गई
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन ने 20 अक्टूबर 2026 को जलगांव में मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल द्वारा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर लगाए गए ₹500 करोड़ के कथित लेन-देन के आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद बताया। महाजन ने कहा कि इस बयान में कोई तथ्य या सच्चाई नहीं है और संभावना है कि जरांगे पाटिल को किसी ने गलत जानकारी दी हो।
आरोपों पर महाजन की सीधी प्रतिक्रिया
महाजन ने स्पष्ट किया कि जरांगे पाटिल ने बहुत बड़ा बयान दिया है, लेकिन जिस कथित घटना का हवाला दिया जा रहा है वह यदि ढाई से दो साल पहले हुई थी, तो इस पर अब बयान देने का कोई औचित्य नहीं बनता। उन्होंने कहा कि यदि चुनौती दी गई है, तो सबूत भी प्रस्तुत किए जाने चाहिए। भारतीय जनता पार्टी (BJP) का नाम इस आरोप में घसीटे जाने के कारण उन्हें सफाई देना ज़रूरी लगा।
मराठा आरक्षण का ऐतिहासिक संदर्भ
महाजन ने मराठा आरक्षण के मुद्दे पर विभिन्न सरकारों के कदमों का ब्यौरा दिया। उन्होंने कहा कि 2014 से 2019 के बीच देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री रहने के दौरान भी मराठा समाज को आरक्षण प्रदान किया गया था और समाज के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं। गौरतलब है कि यह मुद्दा वर्षों से महाराष्ट्र की राजनीति का केंद्रबिंदु रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री रहने के दौरान सर्वोच्च न्यायालय में चल रहे मामले पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण आरक्षण को लेकर कठिनाइयाँ उत्पन्न हुईं। बाद में एकनाथ शिंदे की सरकार ने फिर से आरक्षण दिया और सारथी संस्था के माध्यम से ज़रूरतमंद विद्यार्थियों एवं नौकरी के इच्छुक युवाओं को सुविधाएं उपलब्ध कराईं। महाजन ने यह भी बताया कि जरांगे पाटिल के आंदोलन के बाद मराठा समाज की कई माँगें स्वीकार की गईं और लोगों को उसका लाभ मिला।
किसानों को आर्थिक सहायता पर महाजन का भरोसा
किसानों को आर्थिक मदद के विषय पर महाजन ने स्पष्ट किया कि अभी दी जा रही राशि अग्रिम सहायता है। सूखे और फसलों को हुए भारी नुकसान के बाद खेतों का पंचनामा पूरा किया जा रहा है। सभी आँकड़े सामने आने और नुकसान का समुचित आकलन होने के बाद किसानों को पूरी सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों को देखते हुए शुरुआती मदद देने का निर्णय लिया गया है, ताकि किसान आर्थिक तंगी में त्योहार न मनाएं।
नासिक कुंभ मेले की तैयारियाँ
महाजन ने नासिक कुंभ मेले के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 31 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 2 मिनट पर ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसके साथ कुंभ की आधिकारिक शुरुआत होगी। इस समारोह में राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री, कुछ केंद्रीय नेताओं और देशभर से पधारने वाले साधु-संतों तथा महंतों के शामिल होने की बात कही गई है। यह आयोजन महाराष्ट्र की धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बड़ा महत्व रखता है।
यह ऐसे समय में आया है जब मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर राज्य की राजनीति में गरमाया हुआ है और महाराष्ट्र में आगामी राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए इस विवाद का असर व्यापक हो सकता है।