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MBBS सीटें बढ़कर 1,40,214 हुईं: केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का ऐलान, NEET अभ्यर्थियों को राहत

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MBBS सीटें बढ़कर 1,40,214 हुईं: केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का ऐलान, NEET अभ्यर्थियों को राहत

सारांश

देश में MBBS की कुल सीटें बढ़कर 1,40,214 हो गई हैं — 13,186 नई सीटें 836 मेडिकल कॉलेजों में जोड़ी गई हैं। NEET-UG काउंसलिंग के बीच यह घोषणा लाखों अभ्यर्थियों के लिए राहत लेकर आई है। कर्नाटक में अकेले 1,650 नई सीटें मंजूर हुई हैं।

मुख्य बातें

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 29 सितंबर को 13,186 नई MBBS सीटों की घोषणा की।
देशभर में MBBS की कुल सीटें बढ़कर 1,40,214 हो गई हैं, जो 836 मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध होंगी।
कर्नाटक में 1,650 नई सीटें मंजूर; राज्य की कुल MBBS सीटें 15,745 हुईं।
तमिलनाडु , बिहार और उत्तर प्रदेश में भी बड़ी संख्या में नई सीटें जोड़ी गई हैं।
यह विस्तार शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रभावी होगा और NEET-UG काउंसलिंग में शामिल होगा।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार, 29 सितंबर को घोषणा की कि देशभर में 13,186 नई MBBS सीटें जोड़ी गई हैं, जिससे कुल MBBS सीटों की संख्या 1,40,214 हो गई है। यह सीटें देश के 836 मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध होंगी और शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रभावी होंगी। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब NEET-UG की काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया जारी है।

मुख्य घटनाक्रम

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के अनुसार, अकेले कर्नाटक में 1,650 नई MBBS सीटों को मंजूरी दी गई है, जिससे राज्य में MBBS की कुल सीटों की संख्या बढ़कर 15,745 हो गई है। इसके अलावा तमिलनाडु, बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी बड़ी संख्या में नई सीटें जोड़ी गई हैं। मंत्री ने कहा कि इस कदम से क्षेत्रीय संतुलन को भी बढ़ावा मिलेगा।

गौरतलब है कि यह विस्तार ऐसे समय में हुआ है जब लाखों NEET अभ्यर्थी प्रवेश प्रक्रिया के अगले चरणों में बेहतर विकल्पों की तलाश में थे। नई सीटों के जुड़ने से उन छात्रों को सीधी राहत मिलेगी जो पिछले चरणों में सीट पाने से चूक गए थे।

सरकार की प्रतिक्रिया

प्रह्लाद जोशी ने इस उपलब्धि को भारत के चिकित्सा शिक्षा तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। मंत्री ने यह भी कहा कि देश का मेडिकल एजुकेशन इकोसिस्टम लगातार मजबूत हो रहा है और इस कदम से एक सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवा तंत्र तैयार करने में मदद मिलेगी।

आम जनता और छात्रों पर असर

MBBS सीटों में यह वृद्धि सीधे तौर पर उन लाखों छात्रों को प्रभावित करती है जो हर वर्ष NEET-UG परीक्षा देते हैं। अधिक सीटें उपलब्ध होने से डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश की संभावनाएँ व्यापक होंगी। साथ ही, देश में डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से दूर-दराज के क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना भी संभव हो सकेगा।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत में प्रति 1,000 जनसंख्या पर डॉक्टरों का अनुपात विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुशंसित मानकों से कम बताया जाता है। इस लिहाज से चिकित्सा शिक्षा का विस्तार दीर्घकालिक सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

क्षेत्रीय विस्तार की भूमिका

कर्नाटक के अलावा तमिलनाडु, बिहार और उत्तर प्रदेश में नई सीटों के जुड़ने से यह संकेत मिलता है कि सरकार केवल दक्षिण भारत तक सीमित न रहकर उत्तर और पूर्वी भारत में भी चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। यह क्षेत्रीय असमानता को कम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा सकता है।

क्या होगा आगे

शैक्षणिक सत्र 2026-27 से ये नई सीटें NEET-UG काउंसलिंग में शामिल होंगी। NEET अभ्यर्थी जो अभी प्रवेश प्रक्रिया के अगले चरणों में हैं, उन्हें इन अतिरिक्त सीटों का सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन कॉलेजों में बुनियादी ढाँचा और शिक्षण गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए, तो यह विस्तार दीर्घकाल में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए परिणामकारी साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या इन नए कॉलेजों में शिक्षण गुणवत्ता, अस्पताल सुविधाएँ और फैकल्टी की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। भारत में मेडिकल काउंसिल के इतिहास में सीटें बढ़ाने और गुणवत्ता नियंत्रण के बीच का अंतर बार-बार उजागर हुआ है। यदि नई सीटें कमज़ोर बुनियादी ढाँचे वाले संस्थानों में जोड़ी गई हैं, तो मात्रात्मक लाभ गुणात्मक नुकसान में बदल सकता है। सरकार को सीटों की संख्या के साथ-साथ राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) द्वारा गुणवत्ता सत्यापन का पारदर्शी ढाँचा भी सामने रखना चाहिए।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देश में MBBS की कुल सीटें अब कितनी हो गई हैं?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की घोषणा के अनुसार, 13,186 नई सीटें जोड़े जाने के बाद देशभर में MBBS की कुल सीटों की संख्या 1,40,214 हो गई है। ये सीटें 836 मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध होंगी।
कर्नाटक में MBBS की कितनी नई सीटें मंजूर हुई हैं?
कर्नाटक में 1,650 नई MBBS सीटों को मंजूरी दी गई है, जिससे राज्य में MBBS की कुल सीटों की संख्या बढ़कर 15,745 हो गई है।
NEET-UG 2026-27 अभ्यर्थियों को इन नई सीटों का लाभ कब मिलेगा?
ये नई सीटें शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रभावी होंगी और चल रही NEET-UG काउंसलिंग प्रक्रिया के अगले चरणों में शामिल होंगी। इससे उन अभ्यर्थियों को सीधा लाभ मिलेगा जो अभी प्रवेश प्रक्रिया में हैं।
किन राज्यों में नई MBBS सीटें जोड़ी गई हैं?
कर्नाटक के अलावा तमिलनाडु, बिहार और उत्तर प्रदेश में भी बड़ी संख्या में नई MBBS सीटें जोड़ी गई हैं। सरकार के अनुसार इससे क्षेत्रीय संतुलन को भी बढ़ावा मिलेगा।
MBBS सीटें बढ़ाने का दीर्घकालिक उद्देश्य क्या है?
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य देश में डॉक्टर तैयार करने की क्षमता बढ़ाना, युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा के अवसरों का विस्तार करना और दूर-दराज के क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित करना है।
राष्ट्र प्रेस
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