दिल्ली में मेडिकल सीटें बढ़ाएगी सरकार: IGH और GGSH में 300 नई MBBS सीटें, PG में भी विस्तार
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने सोमवार, 17 अगस्त 2026 को घोषणा की कि दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी में चिकित्सा शिक्षा क्षमता को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। इस योजना के तहत स्नातक (यूजी), स्नातकोत्तर (पीजी) और सुपर-स्पेशलिटी (एसएस) स्तर पर मेडिकल सीटों का विस्तार किया जाएगा। यह कदम सरकारी अस्पतालों में प्रशिक्षित डॉक्टरों और विशेषज्ञों की कमी को दूर करने की दिशा में उठाया जा रहा है।
ग्रीनफील्ड योजना: दो नए मेडिकल कॉलेजों में 300 MBBS सीटें
ग्रीनफील्ड योजना के अंतर्गत इंदिरा गांधी अस्पताल (IGH), द्वारका और गुरु गोविंद सिंह अस्पताल (GGSH) से संबद्ध निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों में 150-150 MBBS सीटें प्रस्तावित हैं। इस प्रकार दोनों संस्थानों से मिलाकर कुल 300 नई यूजी सीटें जुड़ेंगी। ये दोनों कॉलेज अभी निर्माण के चरण में हैं।
ब्राउनफील्ड विस्तार: मौजूदा संस्थानों में क्षमता वृद्धि
ब्राउनफील्ड योजना के तहत डॉ. बीएसए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में MBBS की सीट क्षमता 125 से बढ़ाकर 200 करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज (MAIDS) में BDS की सीटें 50 से बढ़ाकर 70 की जाएंगी। यह विस्तार मौजूदा बुनियादी ढाँचे का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेगा।
स्नातकोत्तर और दंत चिकित्सा PG सीटों में भी इज़ाफा
स्नातकोत्तर शिक्षा के मोर्चे पर मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (MAMC) में PG सीटें 260 से बढ़ाकर 295 — यानी 35 सीटों की वृद्धि — का प्रस्ताव है। MAIDS में PG सीटें 22 से बढ़ाकर 42 की जाएंगी। इसके अतिरिक्त बीएसए मेडिकल कॉलेज में 24 सीटों वाले नए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम भी प्रस्तावित हैं।
सरकार का तीन-आयामी दृष्टिकोण
स्वास्थ्य मंत्री सिंह ने बताया कि सरकार ने एक तीन-आयामी रोडमैप अपनाया है — ग्रीनफील्ड परियोजनाएँ, मौजूदा संस्थानों का ब्राउनफील्ड विस्तार, और स्नातकोत्तर एवं उन्नत चिकित्सा कार्यक्रमों का विस्तार। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पहल केवल सीटों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य प्रशिक्षित डॉक्टरों, विशेषज्ञों और सुपर-विशेषज्ञों का एक स्थायी समूह तैयार करना है।
मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता और आगे की राह
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह विस्तार मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत पर्याप्त और उच्च प्रशिक्षित मानव संसाधनों द्वारा समर्थित स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बुनियादी ढाँचा, संकाय और रोगी देखभाल संबंधी आवश्यकताएँ भी सीट विस्तार के साथ-साथ सुनिश्चित की जाएंगी। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब देशभर में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटों की कमी एक गंभीर नीतिगत चुनौती बनी हुई है।