दिल्ली को बनाएंगे चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान का राष्ट्रीय केंद्र: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

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दिल्ली को बनाएंगे चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान का राष्ट्रीय केंद्र: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

सारांश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी के चिकित्सा संस्थानों के एकीकरण की घोषणा की, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और चिकित्सा शिक्षा में वृद्धि की उम्मीद है। यह पहल एमबीबीएस और पोस्ट ग्रेजुएट सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि का अवसर प्रदान करेगी।

Key Takeaways

  • चिकित्सा संस्थानों का एकीकरण स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करेगा।
  • एमबीबीएस और पीजी सीटों में वृद्धि की जाएगी।
  • राजधानी को राष्ट्रीय चिकित्सा शिक्षा का केंद्र बनाने का लक्ष्य।
  • छात्रों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और शोध के अवसर मिलेंगे।
  • नई फैकल्टी और संसाधनों का बेहतर उपयोग।

नई दिल्ली, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को घोषणा की कि राजधानी के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के एकीकरण से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि चिकित्सा शिक्षा को भी महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त होगा, जिससे एमबीबीएस और पोस्ट ग्रेजुएट सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि संभव होगी।

दिल्ली सरकार गुरु तेग बहादुर अस्पताल (जीटीबी), दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (डीएससीआई) और राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल (आरजीएसएसएच) को एकीकृत करके एम्स मॉडल के आधार पर एक स्वायत्त संस्थान विकसित करने की योजना बना रही है। इसके साथ ही इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज (इहबास) को राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान-2 (निमहंस-2) के रूप में विकसित करने का प्रयास भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना का एक मुख्य उद्देश्य पोस्ट ग्रेजुएट सीटों में व्यापक वृद्धि करना है ताकि अधिक से अधिक डॉक्टरों को विशेषज्ञ प्रशिक्षण मिल सके और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार किया जा सके। इसके अंतर्गत राजीव गांधी अस्पताल, दिल्ली कैंसर इंस्टीट्यूट और जीटीबी अस्पताल में समान विषयों और विभागों को एकीकृत किया जाएगा।

वर्तमान में कई विभाग अलग-अलग संस्थानों में कार्यरत हैं, जिसके कारण उपलब्ध संसाधनों और मानवबल का पूर्ण उपयोग नहीं हो पा रहा है। एकीकरण के पश्चात इन सभी विभागों के फैकल्टी (एसिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, प्रोफेसर) को एक साथ जोड़कर उनकी क्षमता के अनुसार पीजी सीटों में वृद्धि की जाएगी। चिकित्सा नियमों के अनुसार, एक एसोसिएट प्रोफेसर दो पीजी सीट और एक प्रोफेसर तीन पीजी सीटों का समर्थन कर सकता है, इसलिए फैकल्टी का एकीकरण सीटों में स्वचालित वृद्धि का कारण बनेगा।

विभाग के अनुसार, रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी और एनेस्थीसिया जैसे विषयों में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। रेडियोलॉजी में जहाँ पहले सीटों की संख्या सीमित या शून्य थी, वहीं एकीकरण के बाद यह संख्या करीब 22 तक पहुँच सकती है। पैथोलॉजी में सीटों की संख्या लगभग 26 और एनेस्थीसिया में लगभग 48 तक बढ़ने का अनुमान है। यह वृद्धि केवल विभागों के एकीकरण से ही नहीं, बल्कि खाली पदों को भरने से भी संभव होगी, क्योंकि वर्तमान में कई अस्पतालों में फैकल्टी की नियुक्तियाँ पूरी नहीं हुई हैं।

अतिरिक्त रूप से, कुछ विशेष विभाग ऐसे हैं जहाँ वर्तमान में पीजी सीटें उपलब्ध नहीं हैं, जैसे दिल्ली कैंसर इंस्टीट्यूट और राजीव गांधी अस्पताल के कुछ विशिष्ट विभाग। एकीकरण के बाद इन विभागों में नए डॉक्टरों की नियुक्ति कर पीजी कोर्स शुरू किए जाएंगे। दिल्ली कैंसर इंस्टीट्यूट में रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, न्यूक्लियर मेडिसिन, कैंसर रिसर्च और आईसीयू जैसे विभागों में लगभग 26 नई पीजी सीटें जोड़ी जा सकती हैं। वहीं राजीव गांधी अस्पताल में हृदय रोग और हृदय शल्य चिकित्सा (कार्डियक सर्जरी) जैसे विभागों में भी लगभग 14 नई सीटों की संभावना है।

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि बिस्तरों की संख्या, मरीजों की संख्या और फैकल्टी बढ़ने से भविष्य में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने की संभावनाएँ भी मजबूत होंगी। इसके लिए हॉस्टल, आधुनिक प्रयोगशालाएँ, लेक्चर थिएटर और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं के विकास की योजना बनाई जाएगी, ताकि छात्रों को बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करना नहीं है, बल्कि चिकित्सा शिक्षा का विस्तार और अनुसंधान को बढ़ावा देना भी है। यह पहल दिल्ली को चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य राजधानी में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाना है। संस्थानों के एकीकरण से उपलब्ध संसाधनों, फैकल्टी और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों का बेहतर उपयोग संभव होगा, जिससे छात्रों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और शोध के बेहतर अवसर मिलेंगे।

Point of View

बल्कि चिकित्सा शिक्षा को भी नए आयाम प्रदान करता है। ऐसे में यह योजना देश की चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक सकारात्मक दिशा में अग्रसर होती दिखती है।
NationPress
22/03/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली के चिकित्सा संस्थानों का एकीकरण कब होगा?
दिल्ली की मुख्यमंत्री ने इसे हाल ही में घोषित किया, लेकिन विशेष तिथियों का उल्लेख नहीं किया गया है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और चिकित्सा शिक्षा में वृद्धि करना है।
एकीकरण से कितनी नई पीजी सीटें जुड़ेंगी?
एकीकरण के बाद कई विभागों में नई पीजी सीटों की संख्या में वृद्धि की जाएगी, जैसे रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी और एनेस्थीसिया।
क्या यह योजना दिल्ली को राष्ट्रीय स्तर का केंद्र बनाएगी?
हाँ, यह पहल दिल्ली को चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान में राष्ट्रीय स्तर का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
छात्रों को क्या लाभ मिलेगा?
छात्रों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और शोध के बेहतर अवसर मिलेंगे, जिससे उनकी चिकित्सा शिक्षा में सुधार होगा।
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