मेरठ से ऋषिकेश तक नमो भारत ट्रेन विस्तार पर सहमति, 150 किमी ट्रैक का सर्वे जल्द शुरू
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लगातार प्रयासों के बाद मेरठ के मोदीपुरम से ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला तक हाई-स्पीड नमो भारत ट्रेन (आरआरटीएस) के विस्तार को लेकर तीनों पक्षों — उत्तराखंड सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) — के बीच सहमति बन गई है। प्रस्तावित 150 किलोमीटर के ट्रैक की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए सर्वे शीघ्र आरंभ होने जा रहा है।
परियोजना की पृष्ठभूमि
इसी वर्ष फरवरी 2026 में दिल्ली से मेरठ के मोदीपुरम तक नमो भारत ट्रेन का संचालन शुरू हो चुका है। इस सफलता के बाद मुख्यमंत्री धामी इस नेटवर्क को उत्तराखंड तक विस्तार देने की माँग को लेकर सक्रिय रहे। उन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर इस परियोजना का औपचारिक प्रस्ताव सौंपा था।
गौरतलब है कि यह परियोजना मौजूदा दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर के स्वाभाविक विस्तार के रूप में देखी जा रही है, जो हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे प्रमुख धार्मिक-पर्यटन केंद्रों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जोड़ेगी।
प्रस्तावित मार्ग और नोडल अधिकारी
प्रस्तावित ट्रैक मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन से शुरू होकर मुजफ्फरनगर होते हुए उत्तराखंड में प्रवेश करेगा। इसके बाद यह रुड़की, हरिद्वार की हर की पैड़ी से गुजरते हुए ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला तक पहुँचेगा। कुल 150 किमी में से 72 किमी उत्तर प्रदेश में और 78 किमी उत्तराखंड में पड़ेगा।
परियोजना को गति देने के लिए उत्तराखंड सरकार ने अपर सचिव रीना जोशी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। एनसीआरटीसी ने भी अपना नोडल अधिकारी नामित कर दिया है, और उत्तर प्रदेश सरकार ने परियोजना पर सहमति दे दी है।
यात्रा समय में आएगी बड़ी कमी
वर्तमान में दिल्ली से ऋषिकेश का सड़क मार्ग से सफर लगभग पाँच से छह घंटे का है। नमो भारत ट्रेन की 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से यही दूरी मात्र ढाई से तीन घंटे में तय होगी। इससे तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और उत्तराखंड से दिल्ली आने-जाने वाले नियमित यात्रियों को एक आधुनिक, तेज़ और सुरक्षित परिवहन विकल्प मिलेगा।
मुख्यमंत्री धामी का बयान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, 'मेरठ से ऋषिकेश तक नमो भारत ट्रेन सेवा का विस्तार उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा। इससे तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को तेज, सुरक्षित एवं आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।' उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि बेहतर रेल और परिवहन अवसंरचना के माध्यम से उत्तराखंड में विकास तथा रोज़गार के नए अवसर सृजित हों।
आगे की राह
अब सर्वे पूरा होने के बाद डीपीआर तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर परियोजना की लागत और समयसीमा तय होगी। यह परियोजना उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन को नई गति देने के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था और रोज़गार पर भी दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकती है।