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मेरठ से ऋषिकेश तक नमो भारत ट्रेन विस्तार पर सहमति, 150 किमी ट्रैक का सर्वे जल्द शुरू

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मेरठ से ऋषिकेश तक नमो भारत ट्रेन विस्तार पर सहमति, 150 किमी ट्रैक का सर्वे जल्द शुरू

सारांश

मेरठ से ऋषिकेश तक नमो भारत ट्रेन का विस्तार अब सिर्फ माँग नहीं — तीन सरकारों की सहमति के साथ 150 किमी ट्रैक का सर्वे शुरू होने को है। दिल्ली से ऋषिकेश का सफर ढाई घंटे में, तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए नया युग।

मुख्य बातें

उत्तराखंड , उत्तर प्रदेश और एनसीआरटीसी के बीच मेरठ मोदीपुरम से ऋषिकेश लक्ष्मणझूला तक नमो भारत ट्रेन विस्तार पर सहमति बनी।
प्रस्तावित ट्रैक की कुल लंबाई 150 किलोमीटर — 72 किमी उत्तर प्रदेश में, 78 किमी उत्तराखंड में।
डीपीआर के लिए सर्वे जल्द शुरू होगा; उत्तराखंड ने अपर सचिव रीना जोशी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया।
ट्रेन की रफ्तार 160 किमी/घंटा ; दिल्ली से ऋषिकेश का सफर 5-6 घंटे से घटकर ढाई-तीन घंटे होगा।
मार्ग में मुजफ्फरनगर , रुड़की , हरिद्वार हर की पैड़ी प्रमुख पड़ाव।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लगातार प्रयासों के बाद मेरठ के मोदीपुरम से ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला तक हाई-स्पीड नमो भारत ट्रेन (आरआरटीएस) के विस्तार को लेकर तीनों पक्षों — उत्तराखंड सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) — के बीच सहमति बन गई है। प्रस्तावित 150 किलोमीटर के ट्रैक की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए सर्वे शीघ्र आरंभ होने जा रहा है।

परियोजना की पृष्ठभूमि

इसी वर्ष फरवरी 2026 में दिल्ली से मेरठ के मोदीपुरम तक नमो भारत ट्रेन का संचालन शुरू हो चुका है। इस सफलता के बाद मुख्यमंत्री धामी इस नेटवर्क को उत्तराखंड तक विस्तार देने की माँग को लेकर सक्रिय रहे। उन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर इस परियोजना का औपचारिक प्रस्ताव सौंपा था।

गौरतलब है कि यह परियोजना मौजूदा दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर के स्वाभाविक विस्तार के रूप में देखी जा रही है, जो हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे प्रमुख धार्मिक-पर्यटन केंद्रों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जोड़ेगी।

प्रस्तावित मार्ग और नोडल अधिकारी

प्रस्तावित ट्रैक मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन से शुरू होकर मुजफ्फरनगर होते हुए उत्तराखंड में प्रवेश करेगा। इसके बाद यह रुड़की, हरिद्वार की हर की पैड़ी से गुजरते हुए ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला तक पहुँचेगा। कुल 150 किमी में से 72 किमी उत्तर प्रदेश में और 78 किमी उत्तराखंड में पड़ेगा।

परियोजना को गति देने के लिए उत्तराखंड सरकार ने अपर सचिव रीना जोशी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। एनसीआरटीसी ने भी अपना नोडल अधिकारी नामित कर दिया है, और उत्तर प्रदेश सरकार ने परियोजना पर सहमति दे दी है।

यात्रा समय में आएगी बड़ी कमी

वर्तमान में दिल्ली से ऋषिकेश का सड़क मार्ग से सफर लगभग पाँच से छह घंटे का है। नमो भारत ट्रेन की 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से यही दूरी मात्र ढाई से तीन घंटे में तय होगी। इससे तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और उत्तराखंड से दिल्ली आने-जाने वाले नियमित यात्रियों को एक आधुनिक, तेज़ और सुरक्षित परिवहन विकल्प मिलेगा।

मुख्यमंत्री धामी का बयान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, 'मेरठ से ऋषिकेश तक नमो भारत ट्रेन सेवा का विस्तार उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा। इससे तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को तेज, सुरक्षित एवं आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।' उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि बेहतर रेल और परिवहन अवसंरचना के माध्यम से उत्तराखंड में विकास तथा रोज़गार के नए अवसर सृजित हों।

आगे की राह

अब सर्वे पूरा होने के बाद डीपीआर तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर परियोजना की लागत और समयसीमा तय होगी। यह परियोजना उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन को नई गति देने के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था और रोज़गार पर भी दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा डीपीआर और वित्तपोषण के चरण में होगी — भारत में कई बड़े रेल कॉरिडोर सर्वे के बाद वर्षों तक फाइलों में दबे रहे हैं। हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे धार्मिक नगरों में भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंजूरी अतिरिक्त जटिलताएँ पैदा कर सकती हैं। यह परियोजना तीन राज्य-स्तरीय इकाइयों के समन्वय पर निर्भर है, जो क्रियान्वयन को और चुनौतीपूर्ण बनाती है। बिना स्पष्ट समयसीमा और बजट प्रावधान के, यह घोषणा अभी 'इरादे' के स्तर पर है — 'परियोजना' के स्तर पर नहीं।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेरठ से ऋषिकेश नमो भारत ट्रेन विस्तार क्या है?
यह मौजूदा दिल्ली-मेरठ मोदीपुरम आरआरटीएस नेटवर्क को 150 किमी आगे ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला तक बढ़ाने की परियोजना है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और एनसीआरटीसी के बीच इस पर सहमति बन चुकी है और डीपीआर के लिए सर्वे जल्द शुरू होगा।
इस ट्रेन से यात्रा समय कितना कम होगा?
160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली नमो भारत ट्रेन से दिल्ली से ऋषिकेश का सफर मौजूदा 5-6 घंटे (सड़क मार्ग) से घटकर मात्र ढाई से तीन घंटे रह जाएगा।
प्रस्तावित ट्रैक का मार्ग क्या होगा?
ट्रैक मेरठ के मोदीपुरम से शुरू होकर मुजफ्फरनगर, रुड़की, हरिद्वार की हर की पैड़ी होते हुए ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला तक जाएगा। कुल 150 किमी में 72 किमी उत्तर प्रदेश में और 78 किमी उत्तराखंड में पड़ेगा।
परियोजना में अभी तक क्या कदम उठाए गए हैं?
उत्तराखंड सरकार ने अपर सचिव रीना जोशी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है और एनसीआरटीसी ने भी अपना नोडल अधिकारी नामित किया है। अब डीपीआर तैयार करने के लिए सर्वे शुरू होना अगला कदम है।
इस परियोजना से किसे फायदा होगा?
हरिद्वार और ऋषिकेश आने वाले तीर्थयात्री, पर्यटक और दिल्ली-एनसीआर व उत्तराखंड के बीच नियमित आवागमन करने वाले लोग सबसे अधिक लाभान्वित होंगे। साथ ही मुजफ्फरनगर और रुड़की जैसे मध्यवर्ती शहरों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
राष्ट्र प्रेस
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