5 अक्टूबर 2026
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नमो भारत कॉरिडोर का दौरा: राज्य मंत्री अजय टम्टा ने परखीं यात्री सुविधाएँ, ऋषिकेश विस्तार पर भी चर्चा

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नमो भारत कॉरिडोर का दौरा: राज्य मंत्री अजय टम्टा ने परखीं यात्री सुविधाएँ, ऋषिकेश विस्तार पर भी चर्चा

सारांश

राज्य मंत्री अजय टम्टा का नमो भारत कॉरिडोर दौरा महज़ औपचारिकता नहीं था — उन्होंने ट्रेन में यात्रा कर छात्रों से सीधी बात की, दुहाई डिपो और 'अपरिमित' सेंटर का निरीक्षण किया, और ऋषिकेश तक विस्तार की संभावनाएँ भी टटोलीं। प्रतिदिन एक लाख से अधिक यात्रियों वाला यह 82 किमी का कॉरिडोर अब बड़े नेटवर्क की ओर बढ़ रहा है।

मुख्य बातें

राज्य मंत्री अजय टम्टा ने 21 अगस्त 2026 को दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का व्यापक निरीक्षण किया।
कॉरिडोर की लंबाई 82 किलोमीटर ; प्रतिदिन एक लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं।
सराय काले खां स्टेशन पर मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन और हजरत निजामुद्दीन से जोड़ने वाले फुट ओवरब्रिज पर ट्रैवलेटर की सुविधा उपलब्ध।
मंत्री ने दुहाई डिपो और एनसीआरटीसी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस 'अपरिमित' का भी दौरा किया, जहाँ AR, VR और सिम्युलेटर तकनीक से प्रशिक्षण होता है।
कॉरिडोर को उत्तराखंड के ऋषिकेश तक विस्तार देने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
पूरा कॉरिडोर 22 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्र को समर्पित किया गया था।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के राज्य मंत्री अजय टम्टा ने 21 अगस्त 2026 को दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरे में उन्होंने यात्री सुविधाओं, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और संचालन में उपयोग की जा रही अत्याधुनिक तकनीकों की प्रत्यक्ष जाँच की। 82 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर प्रतिदिन एक लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं।

दौरे का क्रम और मुख्य पड़ाव

मंत्री टम्टा का दौरा सराय काले खां नमो भारत स्टेशन से शुरू हुआ, जहाँ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के डायरेक्टर (वर्क्स) के नेतृत्व में अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने उनका स्वागत किया। अधिकारियों ने उन्हें कॉरिडोर की विशेषताओं, टिकटिंग विकल्पों और इंटरऑपरेबिलिटी मॉडल के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

स्टेशन पर मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट इंटीग्रेशन की व्यवस्था भी दिखाई गई। उल्लेखनीय है कि सराय काले खां नमो भारत स्टेशन को हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से जोड़ने वाले फुट ओवरब्रिज पर ट्रैवलेटर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे दोनों स्टेशनों के बीच आवागमन सुगम हो गया है।

सराय काले खां से मुरादनगर तक की यात्रा

मंत्री ने भारत की पहली नमो भारत ट्रेन में सराय काले खां से मुरादनगर तक यात्रा की। इस दौरान उन्होंने यात्रियों से सीधी बातचीत की। कॉलेज छात्रों ने बताया कि नमो भारत ट्रेन से उनका रोज़ाना का सफर पहले की तुलना में काफी तेज़ और सुविधाजनक हो गया है तथा यात्रा के समय में भी उल्लेखनीय बचत हो रही है। यात्रियों ने भविष्य में विकसित होने वाले नए कॉरिडोर के प्रति भी अपनी उत्सुकता जाहिर की।

दुहाई डिपो और 'अपरिमित' सेंटर का निरीक्षण

इसके बाद मंत्री टम्टा ने गाजियाबाद के दुहाई स्थित एनसीआरटीसी डिपो का दौरा किया, जहाँ नमो भारत ट्रेनों के रखरखाव, निरीक्षण, परीक्षण और मेंटेनेंस से जुड़ी व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने ट्रेन ड्राइविंग सिम्युलेटर का भी निरीक्षण किया और सिमुलेशन-आधारित प्रशिक्षण प्रणाली का प्रदर्शन देखा।

मंत्री ने एनसीआरटीसी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस 'अपरिमित' का भी दौरा किया, जहाँ ऑगमेंटेड रियलिटी, वर्चुअल रियलिटी और सिम्युलेटर जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग प्रशिक्षण, परिचालन दक्षता और अनुसंधान एवं विकास के लिए किया जा रहा है। उन्हें नमो भारत स्टेशन का वर्चुअल वॉकथ्रू भी दिखाया गया। इस अवसर पर मंत्री ने डिपो परिसर में पौधारोपण भी किया।

ऋषिकेश तक विस्तार और पर्यावरणीय लाभ

दौरे के दौरान मंत्री टम्टा ने मौजूदा कॉरिडोर को उत्तराखंड के ऋषिकेश तक विस्तार देने की संभावनाओं के बारे में भी जानकारी ली। एनसीआरटीसी अधिकारियों ने बताया कि यह कॉरिडोर सड़क यातायात का दबाव घटाने, जाम कम करने और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। साथ ही लोगों को निजी वाहनों की जगह तेज़, सुरक्षित और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

कॉरिडोर की पृष्ठभूमि और आगे की राह

गौरतलब है कि 22 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित किया था। यह कॉरिडोर देश के शहरी और क्षेत्रीय यातायात नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। मंत्री ने यात्री सुविधा, बेहतर पहुँच और समावेशी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए एनसीआरटीसी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति देने वाला महत्वपूर्ण माध्यम है। ऋषिकेश विस्तार की संभावनाओं पर आगे की चर्चा इस कॉरिडोर के भविष्य को और व्यापक बना सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अजय टम्टा का ट्रेन में यात्रियों से सीधी बातचीत करना और ऋषिकेश विस्तार पर जानकारी लेना संकेत देता है कि नमो भारत नेटवर्क का विस्तार एजेंडे पर है। असली सवाल यह है कि 22 फरवरी 2026 को उद्घाटन के बाद से एक लाख दैनिक यात्रियों का आँकड़ा कितनी तेज़ी से बढ़ रहा है और क्या मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन का वादा ज़मीन पर उतना ही सुगम है जितना प्रेजेंटेशन में दिखता है। ऋषिकेश विस्तार यदि आकार लेता है, तो यह दिल्ली-एनसीआर से आगे पहाड़ी राज्य तक रैपिड रेल की पहली कड़ी होगी — और उसकी व्यावसायिक व्यवहार्यता की जाँच अभी बाकी है।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नमो भारत कॉरिडोर क्या है और इसकी लंबाई कितनी है?
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर भारत की पहली क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट प्रणाली है, जिसकी कुल लंबाई 82 किलोमीटर है। इसे 22 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को समर्पित किया था और यह प्रतिदिन एक लाख से अधिक यात्रियों को सेवा प्रदान करता है।
राज्य मंत्री अजय टम्टा ने नमो भारत कॉरिडोर के दौरे में क्या देखा?
मंत्री टम्टा ने सराय काले खां स्टेशन पर मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट इंटीग्रेशन, हजरत निजामुद्दीन से जोड़ने वाले ट्रैवलेटर युक्त फुट ओवरब्रिज, दुहाई डिपो की रखरखाव व्यवस्था और 'अपरिमित' सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में AR व VR तकनीक का निरीक्षण किया। उन्होंने सराय काले खां से मुरादनगर तक ट्रेन में यात्रा भी की।
नमो भारत कॉरिडोर को ऋषिकेश तक कब तक विस्तारित किया जाएगा?
21 अगस्त 2026 के दौरे के दौरान मंत्री टम्टा ने उत्तराखंड के ऋषिकेश तक विस्तार की संभावनाओं पर जानकारी ली। हालाँकि, इस विस्तार की कोई आधिकारिक समय-सीमा या अनुमोदन अभी घोषित नहीं किया गया है।
सराय काले खां नमो भारत स्टेशन पर यात्रियों के लिए क्या विशेष सुविधाएँ हैं?
सराय काले खां स्टेशन पर मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट इंटीग्रेशन की व्यवस्था है, जो विभिन्न सार्वजनिक परिवहन साधनों को जोड़ती है। इसके अलावा हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से जोड़ने वाले फुट ओवरब्रिज पर ट्रैवलेटर लगाया गया है, जिससे दोनों स्टेशनों के बीच इंटरचेंज अधिक सुविधाजनक हो गया है।
नमो भारत कॉरिडोर से पर्यावरण को क्या लाभ हो रहा है?
एनसीआरटीसी अधिकारियों के अनुसार, यह कॉरिडोर सड़क यातायात का दबाव घटाने, जाम कम करने और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने में सहायक है। यह लोगों को निजी वाहनों की जगह तेज़, सुरक्षित और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है।
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