17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मेघालय में 2.8 तीव्रता का भूकंप, पश्चिम खासी हिल्स में 10 किमी गहराई पर केंद्रित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मेघालय में 2.8 तीव्रता का भूकंप, पश्चिम खासी हिल्स में 10 किमी गहराई पर केंद्रित

सारांश

मेघालय के पश्चिम खासी हिल्स में रविवार सुबह 2.8 तीव्रता का हल्का भूकंप आया, केंद्र 10 किमी गहराई पर। चेरापूंजी से 77 किमी दूर महसूस हुए इस कंपन से कोई क्षति नहीं हुई। उत्तर-पूर्व भारत भूकंपीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है।

मुख्य बातें

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने 31 मई 2026 को मेघालय में 2.8 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया।
भूकंप का केंद्र पश्चिम खासी हिल्स जिले में 10 किलोमीटर की गहराई पर, चेरापूंजी से 77 किमी WNW दिशा में था।
स्थानीय लोगों ने हल्का कंपन महसूस किया; किसी जान-माल की क्षति की सूचना नहीं।
उसी दिन तड़के ताजिकिस्तान में 5.2 तीव्रता का भूकंप भी दर्ज किया गया, गहराई 120 किमी ।
उत्तर-पूर्व भारत भारतीय और यूरेशियन प्लेटों के टकराव क्षेत्र में होने के कारण भूकंपीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है।

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने 31 मई 2026 को मेघालय के पश्चिम खासी हिल्स जिले में 2.8 तीव्रता का हल्का भूकंप दर्ज किया। यह कंपन रविवार सुबह 6 बजकर 50 मिनट IST पर महसूस किया गया और इसकी गहराई 10 किलोमीटर थी। अभी तक किसी जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।

भूकंप का केंद्र और तकनीकी विवरण

NCS के आँकड़ों के अनुसार, भूकंप का अधिकेंद्र अक्षांश 25.488 उत्तर और देशांतर 90.995 पूर्व पर स्थित था। यह स्थान चेरापूंजी से लगभग 77 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम (WNW) दिशा में पड़ता है। 10 किलोमीटर की उथली गहराई के बावजूद तीव्रता कम होने के कारण प्रभाव सीमित रहा।

स्थानीय प्रभाव और राहत

स्थानीय निवासियों ने हल्का कंपन अनुभव किया, परंतु किसी भी क्षेत्र से भवन क्षति या हताहत की रिपोर्ट सामने नहीं आई। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार स्थिति सामान्य है और किसी आपातकालीन प्रतिक्रिया की आवश्यकता नहीं पड़ी।

उसी दिन ताजिकिस्तान में भी भूकंप

उल्लेखनीय है कि इसी दिन तड़के — 31 मई 2026, रात 2 बजकर 45 मिनट 57 सेकंड IST — NCS ने ताजिकिस्तान में 5.2 तीव्रता का मध्यम भूकंप भी दर्ज किया। उस भूकंप का केंद्र अक्षांश 38.187 उत्तर और देशांतर 73.742 पूर्व पर 120 किलोमीटर की गहराई में था और यह फैजाबाद (अफगानिस्तान) से लगभग 305 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व (ENE) दिशा में था।

उत्तर-पूर्व भारत की भूकंपीय संवेदनशीलता

भूकंप विज्ञान के दृष्टिकोण से मेघालय सहित समूचा उत्तर-पूर्वी भारत — असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर — अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। यह इलाका भारतीय टेक्टॉनिक प्लेट और यूरेशियन प्लेट के टकराव क्षेत्र में स्थित है, जिससे यहाँ छोटे-बड़े भूकंप आते रहते हैं। गौरतलब है कि 1897 में इसी क्षेत्र में 8.1 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था, जिसे इतिहास के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में गिना जाता है। वर्तमान 2.8 तीव्रता का झटका उस ऐतिहासिक संदर्भ में नियमित भूकंपीय गतिविधि का हिस्सा है। विशेषज्ञों के अनुसार इस क्षेत्र में निगरानी और आपदा तैयारी निरंतर बनाए रखना आवश्यक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु उत्तर-पूर्व भारत की भूकंपीय पृष्ठभूमि में इसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए। 1897 के 8.1 तीव्रता के महाभूकंप से लेकर आज तक यह क्षेत्र बार-बार कंपित होता रहा है, फिर भी आपदा-प्रतिरोधी निर्माण मानकों का क्रियान्वयन यहाँ अपेक्षाकृत धीमा रहा है। छोटे झटके बड़े भूकंप के अग्रदूत नहीं होते — यह वैज्ञानिक रूप से सिद्ध नहीं है — लेकिन ये घटनाएँ प्रशासन को तैयारी की याद दिलाती हैं। असली सवाल यह है कि क्या स्थानीय भवन संहिताएँ और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र इस सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र के अनुरूप हैं।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेघालय में आज कितनी तीव्रता का भूकंप आया?
31 मई 2026 को मेघालय के पश्चिम खासी हिल्स जिले में 2.8 तीव्रता का हल्का भूकंप आया। यह कंपन सुबह 6 बजकर 50 मिनट IST पर दर्ज किया गया और इसकी गहराई 10 किलोमीटर थी।
भूकंप का केंद्र कहाँ था और चेरापूंजी से कितनी दूर?
भूकंप का अधिकेंद्र अक्षांश 25.488 उत्तर और देशांतर 90.995 पूर्व पर स्थित था। यह चेरापूंजी से लगभग 77 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम (WNW) दिशा में था।
क्या इस भूकंप से कोई नुकसान हुआ?
अभी तक किसी जान-माल की क्षति की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है। स्थानीय लोगों ने केवल हल्का कंपन महसूस किया और स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
उत्तर-पूर्व भारत में भूकंप इतने सामान्य क्यों हैं?
मेघालय सहित उत्तर-पूर्वी भारत भारतीय और यूरेशियन टेक्टॉनिक प्लेटों के टकराव क्षेत्र में स्थित है, जिससे यहाँ भूकंपीय गतिविधि अत्यधिक सक्रिय रहती है। यह क्षेत्र भारत के सर्वाधिक भूकंप-संभावित जोन में आता है।
मेघालय में अब तक का सबसे बड़ा भूकंप कब आया था?
1897 में मेघालय में 8.1 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था, जिसे इतिहास के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में गिना जाता है और इसमें हजारों लोग प्रभावित हुए थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले