मेघालय की 'ट्रेसिंग द रूट्स' पहल: CM संगमा ने स्वदेशी विरासत दस्तावेज़ीकरण परियोजना की समीक्षा की
सारांश
मुख्य बातें
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने 7 अगस्त 2026 को राज्य की महत्वाकांक्षी 'ट्रेसिंग द रूट्स' पहल की प्रगति की समीक्षा की — यह एक अंतःविषयक अनुसंधान परियोजना है जिसका लक्ष्य मेघालय के स्वदेशी समुदायों के इतिहास, संस्कृति, भाषा और विरासत को वैज्ञानिक व अकादमिक शोध के माध्यम से दस्तावेज़ीकृत करना है। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने परियोजना-मार्गदर्शन समिति के साथ विस्तृत चर्चा की और कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा संचालित इस पहल के कार्यान्वयन रोडमैप का आकलन किया।
परियोजना का उद्देश्य और दायरा
इस परियोजना का मूल उद्देश्य पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक अनुसंधान पद्धतियों के साथ समन्वित कर मेघालय के स्वदेशी समुदायों की उत्पत्ति और ऐतिहासिक विकास की एक व्यापक, साक्ष्य-आधारित समझ तैयार करना है। अधिकारियों के अनुसार, परियोजना एक बहुविषयक दृष्टिकोण अपनाएगी जिसमें ऐतिहासिक अनुसंधान, मौखिक परंपराएँ, स्वदेशी ज्ञान प्रणालियाँ, भाषाविज्ञान, पुरातत्व, नृवंशविज्ञान और जहाँ उपयुक्त हो वहाँ आनुवंशिक अध्ययन भी शामिल होंगे।
यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत के कई राज्य अपनी जनजातीय पहचान और मौखिक इतिहास के संरक्षण को लेकर गंभीर हो रहे हैं। गौरतलब है कि मेघालय में खासी, गारो और जयंतिया जैसे प्रमुख स्वदेशी समुदाय निवास करते हैं, जिनकी सांस्कृतिक परंपराएँ अब तक मुख्यतः मौखिक रूप से ही संरक्षित रही हैं।
डिजिटल अभिलेखागार और दस्तावेज़ीकरण
ऐतिहासिक विकास के अध्ययन के अतिरिक्त, यह परियोजना पारंपरिक संस्थाओं, त्योहारों, भौतिक संस्कृति और स्वदेशी भाषाओं की जीवंतता का भी दस्तावेज़ीकरण करेगी। भावी पीढ़ियों के लिए स्थायी डिजिटल अभिलेखागार निर्मित किए जाएंगे, जो सांस्कृतिक संसाधनों और ऐतिहासिक अभिलेखों को सुरक्षित रखेंगे।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस पहल के लिए प्रारंभिक कार्य फरवरी से ही शुरू हो चुका है। इसमें अनुसंधान टीमों का गठन, परियोजना की रूपरेखा तैयार करना और अनुसंधान की प्रगति दर्ज करने, ज्ञान संसाधनों को संरक्षित करने तथा सार्वजनिक भागीदारी को सुगम बनाने के लिए समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करना शामिल है।
राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की योजना
राज्य सरकार तुलनात्मक ऐतिहासिक, भाषाई और सांस्कृतिक अनुसंधान के लिए प्रमुख राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग करने की योजना बना रही है। इस पहल से शोध प्रकाशन, शैक्षिक संसाधन और व्यापक डिजिटल भंडार तैयार होने की उम्मीद है, जो शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं और शैक्षणिक संस्थानों के लिए उपयोगी साबित होंगे।
मुख्यमंत्री संगमा का दृष्टिकोण
समीक्षा बैठक में संगमा ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य मेघालय की स्वदेशी विरासत की वैज्ञानिक रूप से विश्वसनीय और साक्ष्य-समर्थित समझ विकसित करना है, साथ ही मौखिक इतिहास और पारंपरिक सांस्कृतिक प्रथाओं की रक्षा करना है जो राज्य की पहचान का अभिन्न अंग हैं। राज्य सरकार के अनुसार, 'ट्रेसिंग द रूट्स' का दीर्घकालिक लक्ष्य सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करना और भावी पीढ़ियों के लिए ज्ञान का एक स्थायी भंडार बनाना है।