30 अक्टूबर 2026
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पीएम मोदी का बनासकांठा में किसानों को संदेश: 5 योजनाओं से ₹50 लाख करोड़ का लाभ

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पीएम मोदी का बनासकांठा में किसानों को संदेश: 5 योजनाओं से ₹50 लाख करोड़ का लाभ

सारांश

बनासकांठा की जनसभा में पीएम मोदी ने 10 करोड़ किसानों के खाते में ₹18,000 करोड़ से अधिक भेजे और पाँच योजनाओं — किसान निधि, खाद सब्सिडी, एमएसपी, फसल बीमा और कुसुम — के जरिए ₹50 लाख करोड़ के लाभ का हिसाब पेश किया। साथ ही दो नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई।

मुख्य बातें

पीएम मोदी ने 30 अक्टूबर 2026 को गुजरात के बनासकांठा में विशाल जनसभा को संबोधित किया।
पीएम किसान सम्मान निधि की नई किस्त के तहत करीब 10 करोड़ किसानों के खाते में ₹18,000 करोड़ से अधिक हस्तांतरित किए गए।
गुजरात के 50 लाख से अधिक किसानों को ₹1,000 करोड़ से अधिक की राशि प्राप्त हुई।
सरकार ने 5 योजनाओं — किसान निधि (₹4.5 लाख करोड़), खाद सब्सिडी (₹16 लाख करोड़), एमएसपी (₹24 लाख करोड़), फसल बीमा (₹2 लाख करोड़ से अधिक) और कुसुम — के जरिए कुल ₹50 लाख करोड़ के बराबर लाभ का दावा किया।
पीएम कुसुम योजना के तहत 12 लाख सोलर पंप वितरित, जिससे 800 करोड़ लीटर से अधिक डीजल की बचत।
अहमदाबाद (साबरमती)-वाराणसी एक्सप्रेस और मेहसाणा-बेचराजी-साबरमती मेमू ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 अक्टूबर 2026 को गुजरात के बनासकांठा में आयोजित एक विशाल जनसभा में किसानों को 'विकसित भारत के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक' बताया। इस अवसर पर उन्होंने कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया और पीएम किसान सम्मान निधि की नई किस्त के तहत देशभर के करीब 10 करोड़ किसानों के खाते में ₹18,000 करोड़ से अधिक की राशि हस्तांतरित की।

मुख्य घटनाक्रम

बनासकांठा में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद (साबरमती)-वाराणसी एक्सप्रेस और मेहसाणा-बेचराजी-साबरमती मेमू ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। सभा का माहौल असाधारण रहा — मोदी ने कहा कि यदि गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स को पहले सूचित किया होता, तो चौपाइयों पर बैठी इस विशाल जनसभा का रिकॉर्ड अवश्य दर्ज होता। उन्होंने मां अंबा की पावन धरती पर आने को सौभाग्य बताया और नवरात्र के पावन अवसर का उल्लेख किया।

पाँच योजनाओं से किसानों को ₹50 लाख करोड़ का लाभ

प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में सरकारी निवेश का विस्तृत ब्यौरा देते हुए पाँच प्रमुख योजनाओं का उल्लेख किया जिनके जरिए किसानों को सामूहिक रूप से ₹50 लाख करोड़ के बराबर का लाभ मिला है।

पहली — पीएम किसान सम्मान निधि: योजना के तहत अब तक करीब ₹4.5 लाख करोड़ सीधे छोटे किसानों के बैंक खातों में पहुँचे हैं। मोदी ने कहा कि देश में 85 प्रतिशत से अधिक किसान छोटे हैं, जिनकी जरूरतों को स्वतंत्रता के बाद दशकों तक अनदेखा किया गया।

दूसरी — खाद सब्सिडी: वैश्विक अनिश्चितता के बीच खाद की कीमतों में उछाल आने के बावजूद सरकार ने किसानों पर यह बोझ नहीं डाला। इस मद में सरकार ने करीब ₹16 लाख करोड़ व्यय किए।

तीसरी — न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP): पीएम मोदी ने दावा किया कि पिछली सरकारें एमएसपी के मामले में किसानों से वादाखिलाफी करती रहीं, जबकि उनकी सरकार ने यह प्रतिबद्धता पूरी की। पिछले 12 वर्षों में गेहूँ और धान के किसानों को एमएसपी के रूप में ₹24 लाख करोड़ मिले हैं।

चौथी — पीएम फसल बीमा योजना: पिछले 12 वर्षों में फसल बीमा के अंतर्गत किसानों को ₹2 लाख करोड़ से अधिक का मुआवजा मिल चुका है। मोदी ने इसे किसानों के लिए एक 'सुरक्षा कवच' बताया।

पाँचवीं — सिंचाई एवं पीएम कुसुम योजना: पीएम कुसुम योजना के तहत अब तक 12 लाख सोलर पंप वितरित किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि यदि ये सोलर पंप उपलब्ध न होते, तो किसानों को 800 करोड़ लीटर से अधिक डीजल की अतिरिक्त खरीद करनी पड़ती।

गुजरात के किसानों पर असर

गुजरात के 50 लाख से अधिक किसानों को आज की किस्त से लाभ मिला है और उनके खातों में ₹1,000 करोड़ से अधिक की राशि जमा हुई है। मोदी ने कहा कि कृषि बजट पहले की तुलना में 5 गुना से अधिक हो चुका है, जो कृषि क्षेत्र के प्रति सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है।

क्या होगा आगे

यह कार्यक्रम ऐसे समय में आया है जब रबी सीजन की बुवाई का दौर शुरू हो रहा है और किसानों को नकदी सहायता की विशेष जरूरत होती है। गौरतलब है कि पीएम किसान सम्मान निधि की यह किस्त ऐसे वक्त जारी हुई है जब आगामी राज्य चुनावों की सरगर्मियाँ भी तेज हैं। सरकार का कहना है कि खेती सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सभ्यता की आत्मा है — और इसी दृष्टि से नीतियाँ बनाई जा रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें अलग-अलग योजनाओं के व्यय, बचत और मुआवजे को एक ही पैमाने पर जोड़ा गया है — जो तुलना को सीधा नहीं बनाता। एमएसपी के मोर्चे पर दावा उस बहस को नजरअंदाज करता है जो कानूनी गारंटी की माँग को लेकर वर्षों से जारी है। पीएम कुसुम जैसी योजनाएँ निःसंदेह सकारात्मक हैं, पर ग्रामीण कृषि ऋण, जलवायु जोखिम और घटते भूजल जैसी संरचनात्मक चुनौतियाँ किसी एक जनसभा में नहीं सुलझतीं। असली कसौटी यह है कि किसानों की वास्तविक शुद्ध आय में स्वतंत्र सर्वेक्षणों के आधार पर कितना सुधार हुआ है।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम किसान सम्मान निधि की नई किस्त में कितनी राशि मिली है?
30 अक्टूबर 2026 को जारी नई किस्त में देशभर के करीब 10 करोड़ किसानों के खाते में ₹18,000 करोड़ से अधिक की राशि भेजी गई है। गुजरात के 50 लाख से अधिक किसानों को इसमें से ₹1,000 करोड़ से अधिक प्राप्त हुए।
पीएम मोदी ने बनासकांठा में किन 5 योजनाओं का जिक्र किया?
प्रधानमंत्री ने पीएम किसान सम्मान निधि, खाद सब्सिडी, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), पीएम फसल बीमा योजना और पीएम कुसुम (सिंचाई-सोलर पंप) योजना का उल्लेख किया। उनके अनुसार इन पाँचों के जरिए किसानों को ₹50 लाख करोड़ के बराबर का लाभ मिला है।
पीएम कुसुम योजना का किसानों को क्या फायदा हुआ?
पीएम कुसुम योजना के तहत अब तक 12 लाख सोलर पंप किसानों को दिए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री के अनुसार इन पंपों की वजह से 800 करोड़ लीटर से अधिक डीजल की बचत हुई है, जिससे सिंचाई लागत में उल्लेखनीय कमी आई।
बनासकांठा कार्यक्रम में कौन-सी नई ट्रेन सेवाएँ शुरू हुईं?
प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद (साबरमती)-वाराणसी एक्सप्रेस और मेहसाणा-बेचराजी-साबरमती मेमू ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। ये दोनों सेवाएँ गुजरात की कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में उठाए गए कदम हैं।
MSP के मामले में सरकार का क्या दावा है?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में गेहूँ और धान के किसानों को एमएसपी के रूप में ₹24 लाख करोड़ उनके खातों में पहुँचाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकारों के विपरीत, उनकी सरकार ने एमएसपी का वादा पूरा किया है।
राष्ट्र प्रेस
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