PM मोदी शुक्रवार को बनासकांठा से भेजेंगे पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त, UP के 2.24 करोड़ किसानों को मिलेंगे ₹4,482 करोड़
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2026 को गुजरात के बनासकांठा से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) की 24वीं किस्त जारी करेंगे, जिससे देशभर के 9.34 करोड़ किसानों के बैंक खातों में ₹18,680 करोड़ से अधिक की राशि का सीधा हस्तांतरण होगा। अकेले उत्तर प्रदेश के 2.24 करोड़ से अधिक किसानों को डीबीटी के माध्यम से ₹4,482.19 करोड़ सीधे उनके खातों में मिलेंगे।
क्या है PM-KISAN योजना और कितना मिलता है लाभ
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवार के एक सदस्य को प्रतिवर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में प्रदान की जाती है। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा होती है, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त होती है। योजना का उद्देश्य कृषि संबंधी खर्चों और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में किसानों की वित्तीय सहायता करना है।
उत्तर प्रदेश के किसानों को मिला सर्वाधिक लाभ
आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, यूपी के किसानों के खातों में 23वीं किस्त तक कुल ₹1,03,461.76 करोड़ की राशि भेजी जा चुकी है। 24वीं किस्त के रूप में ₹4,482.19 करोड़ जारी होने के बाद यह संचयी राशि बढ़कर ₹1,07,943.95 करोड़ हो जाएगी। यह आँकड़ा दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश देशभर में PM-KISAN का सबसे बड़ा लाभार्थी राज्य बना हुआ है।
योजना की पृष्ठभूमि और विस्तार
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 24 फरवरी 2019 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से PM-KISAN योजना की औपचारिक शुरुआत की थी। तब से यह योजना केंद्र सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों की आधारशिला बन चुकी है। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने जून 2026 में पश्चिम बंगाल से योजना की एक पिछली किस्त जारी की थी। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाने को लेकर लगातार कदम उठा रही हैं।
आगे की राह
पीएम के एक क्लिक के साथ शुक्रवार को देशभर के 9.34 करोड़ किसानों के खातों में एक साथ राशि स्थानांतरित होगी। अधिकारियों के अनुसार, डीबीटी प्रणाली यह सुनिश्चित करती है कि फंड का हस्तांतरण तत्काल और पारदर्शी तरीके से हो। आगामी रबी सीजन को देखते हुए यह किस्त किसानों के लिए समय पर वित्तीय सहायता के रूप में आएगी।