PM मोदी ने जाम्बिया के राष्ट्रपति हिचिलेमा को दी पुनर्निर्वाचन पर बधाई, भारत-जाम्बिया साझेदारी मज़बूत करने का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 अगस्त 2026 को जाम्बिया के राष्ट्रपति हाकाइंडे हिचिलेमा को दूसरी बार राष्ट्रपति पद पर निर्वाचित होने पर हार्दिक बधाई दी। मोदी ने कहा कि भारत, जाम्बिया के साथ अपनी बहुआयामी साझेदारी को अत्यंत महत्व देता है और हिचिलेमा के नेतृत्व में दोनों देशों के संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने का प्रयास जारी रहेगा।
मोदी का बधाई संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'राष्ट्रपति हाकाइंडे हिचिलेमा को जाम्बिया का राष्ट्रपति दोबारा चुने जाने पर हार्दिक बधाई। भारत जाम्बिया के साथ अपनी बहुआयामी साझेदारी को बहुत महत्व देता है और उनके नेतृत्व में दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने के लिए साथ मिलकर काम करने की उम्मीद करता हूं।' यह संदेश जाम्बिया के निर्वाचन आयोग द्वारा आधिकारिक परिणाम घोषित किए जाने के तुरंत बाद आया।
जाम्बिया चुनाव परिणाम
जाम्बिया निर्वाचन आयोग (ECZ) ने मंगलवार को राष्ट्रपति चुनाव के आधिकारिक नतीजे घोषित करते हुए हाकाइंडे हिचिलेमा को विजेता घोषित किया। आयोग की अध्यक्ष म्वांगाला ज़ालौमिस ने राजधानी लुसाका स्थित राष्ट्रीय चुनाव परिणाम केंद्र में नतीजों की घोषणा की।
आयोग के अनुसार, सत्तारूढ़ यूनाइटेड पार्टी फॉर नेशनल डेवलपमेंट (UPND) के उम्मीदवार हिचिलेमा को 29 लाख से अधिक वैध मत प्राप्त हुए, जो कुल डाले गए मतों के 50 प्रतिशत से अधिक हैं। इस बहुमत के साथ उन्होंने संविधान के प्रावधानों के तहत बिना किसी रनऑफ चुनाव के सीधी जीत के लिए आवश्यक बहुमत हासिल कर लिया। आयोग ने स्पष्ट किया कि कुछ निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम उस समय लंबित थे, परंतु इससे समग्र चुनाव परिणाम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
मतगणना के दौरान हिंसा
मतगणना प्रक्रिया पूरी तरह निर्बाध नहीं रही। कुछ मतदान केंद्रों पर हिंसा और मतपत्र चोरी की घटनाओं के कारण शुक्रवार को गिनती अस्थायी रूप से रोकनी पड़ी। सुरक्षा स्थिति सामान्य होने के बाद मतगणना पुनः आरंभ की गई। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब जाम्बिया में चुनावी प्रक्रिया के दौरान व्यवधान देखा गया हो — 2021 के चुनावों में भी छिटपुट हिंसा की खबरें आई थीं।
हिचिलेमा का राजनीतिक सफर
हाकाइंडे हिचिलेमा पहली बार अगस्त 2021 में जाम्बिया के राष्ट्रपति बने थे, जब उन्होंने आम चुनाव में निर्णायक जीत हासिल की थी। यह उनकी छठी राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी थी। इस बार का पुनर्निर्वाचन उनकी राजनीतिक स्थिरता और जनाधार की पुष्टि करता है।
भारत-जाम्बिया संबंध
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और जाम्बिया के बीच राजनयिक संबंध 1964 में जाम्बिया की स्वतंत्रता के तुरंत बाद स्थापित हुए थे। पिछले छह दशकों में भारत जाम्बिया के लिए एक विश्वसनीय विकास साझेदार के रूप में उभरा है। दोनों देशों के संबंध आपसी सम्मान और पारस्परिक लाभ की नींव पर टिके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अफ्रीकी देशों के साथ अपनी कूटनीतिक और आर्थिक साझेदारी को व्यापक रूप से विस्तार दे रहा है।