पीएम मोदी ने पेरू की नव निर्वाचित राष्ट्रपति केको फुजीमोरी को दी बधाई, द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने की जताई प्रतिबद्धता
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जुलाई को पेरू की नव निर्वाचित राष्ट्रपति केको फुजीमोरी को उनकी ऐतिहासिक चुनावी जीत पर बधाई दी और भारत-पेरू द्विपक्षीय साझेदारी को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई अपनी पोस्ट में मोदी ने इस जीत को दोनों देशों के संबंधों के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत बताया।
पीएम मोदी का संदेश
मोदी ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'पेरू के साथ अपनी घनिष्ठ मित्रता को भारत अत्यंत महत्व देता है और विभिन्न क्षेत्रों में हमारी द्विपक्षीय साझेदारी को और सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। मैं आपको एक सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं देता हूं और हमारे दोनों देशों के लोगों के हित में हमारे संबंधों को और अधिक गहरा करने हेतु आपके साथ मिलकर कार्य करने की आशा करता हूं।' यह संदेश भारत की लैटिन अमेरिका में कूटनीतिक सक्रियता का हिस्सा है।
केको फुजीमोरी की ऐतिहासिक जीत
दिवंगत राष्ट्रपति अल्बर्टो फुजीमोरी की 51 वर्षीय बेटी केको फुजीमोरी ने 7 जून को हुए राष्ट्रपति पद के रनऑफ चुनाव में वामपंथी उम्मीदवार रोबर्टो सांचेज को पराजित किया। पेरू की एंडियाना न्यूज एजेंसी के अनुसार, 1.8 करोड़ से अधिक पड़े मतों में से फुजीमोरी की पार्टी फुएरजा पॉपुलर को 50.135 प्रतिशत और सांचेज की टुगैदर फॉर पेरू पार्टी को 49.865 प्रतिशत मत मिले — जीत का अंतर 50,000 से भी कम वोटों का रहा। यह केको की चौथी राष्ट्रपति चुनाव में पहली जीत है; इससे पहले वे तीन बार हार चुकी थीं।
आधिकारिक घोषणा और विवाद
पेरू की राष्ट्रीय निर्वाचन जूरी (जेएनई) ने विवादित मतपत्रों की समीक्षा में कई सप्ताह लगाए और 3 जुलाई को आधिकारिक रूप से केको फुजीमोरी को विजेता घोषित किया। जीत की घोषणा के बाद फुजीमोरी ने एक्स पर लिखा, 'चुनावी प्रक्रिया के सम्पन्न होने और जेएनई द्वारा परिणामों की आधिकारिक घोषणा के बाद, मैं उन लाखों पेरूवासियों के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करती हूं जिन्होंने मुझ पर भरोसा जताया।'
पेरू की राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि पेरू में पिछले दस वर्षों में आठ राष्ट्रपति बदल चुके हैं — यह देश बढ़ते अपराध, जबरन वसूली करने वाले गिरोहों और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा है। इसी पृष्ठभूमि में फुजीमोरी ने अपने पिता की तर्ज पर सख्त शासन का वादा करते हुए 'व्यवस्था और उम्मीद' बहाल करने का संकल्प जताया। हालांकि, चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने अपनी छवि को कुछ नरम भी किया। यह जीत लैटिन अमेरिका में फिर से उभरते दक्षिणपंथ की एक और सफलता के रूप में देखी जा रही है।
आगे की राह
फुजीमोरी ने संकेत दिया है कि वे सोशल मीडिया के माध्यम से नई सरकार की तैयारियों और प्रगति की जानकारी नागरिकों से साझा करती रहेंगी। उन्होंने कहा, 'अब एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है। हम इस जिम्मेदारी को विनम्रता और कर्तव्यबोध के साथ निभाने का संकल्प लेते हैं।' पीएम मोदी की बधाई के साथ, भारत-पेरू संबंधों में नई ऊर्जा आने की संभावना है।