PM मोदी का बनासकांठा में विपक्ष पर हमला: 'अफरातफरी फैलाकर मोदी को बदनाम करने की थी साजिश'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 अक्टूबर 2026 को गुजरात के बनासकांठा में विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों का इरादा देश में अफरातफरी फैलाकर उन्हें बदनाम करने का था। इस कार्यक्रम में पीएम ने कृषि, पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी केंद्र सरकार की उपलब्धियों का भी विस्तार से उल्लेख किया।
विपक्ष पर सीधा प्रहार
पीएम मोदी ने कहा कि देश का हर किसान और हर नौजवान विकसित भारत बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है, लेकिन कुछ लोगों को यह रास नहीं आ रहा। उन्होंने कहा, 'ये ऐसे लोग हैं जो देश को मुश्किल में देखना चाहते हैं। इनका प्लान देश में अफरातफरी फैलाने का था ताकि मोदी को बदनाम कर सकें।'
इसका उदाहरण देते हुए मोदी ने ईरान और खाड़ी देशों के आसपास चल रहे तनाव का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि जब भारत एकजुट होकर इसका सामना कर रहा था, तब इन लोगों ने अफवाहें फैलाईं और किसानों को खाद की कमी का डर दिखाया। यह गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच विपक्ष पर इस तरह का सीधा आरोप राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
खाद सब्सिडी पर सरकार का दावा
पीएम ने दावा किया कि सरकार ने किसानों के लिए खाद की कमी नहीं होने दी। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया की एक बोरी ₹3,000 में मिलती है, जबकि भारत के किसानों को वही बोरी ₹300 से कम में उपलब्ध कराई जा रही है।
इसी तरह डीएपी खाद की अंतरराष्ट्रीय कीमत ₹5,000 से ऊपर पहुँच चुकी है, लेकिन भारतीय किसानों को यह ₹1,350 में मिल रही है। मोदी ने कहा कि देश यह मदद इसलिए कर रहा है ताकि किसान सशक्त बने।
कृषि और तकनीक: सरकार की उपलब्धियाँ
पीएम ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में सरकार ने कृषि में विज्ञान और तकनीक का व्यापक समावेश किया है। सॉइल हेल्थ कार्ड योजना के तहत अब तक 26 करोड़ से अधिक कार्ड किसानों को वितरित किए जा चुके हैं, जिससे किसानों को यह जानने में सहूलियत हुई है कि उनके खेत को कौन-सी खाद और कितनी मात्रा में चाहिए।
जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए बीते वर्षों में बीजों की लगभग 3,000 नई किस्में किसानों को उपलब्ध कराई गई हैं, जो जलवायु के अनुकूल हैं।
पशुपालन और दुग्ध उत्पादन में बदलाव
पीएम मोदी ने बताया कि राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत देशी नस्लों के वैज्ञानिक प्रजनन और संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है, और बनासकांठा में बना रिसर्च सेंटर इस मिशन को और मजबूती देगा। उन्होंने यह भी कहा कि पशुओं के मुफ्त टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 150 करोड़ टीके लगाए जा चुके हैं और 8 करोड़ से अधिक किसानों के पशुओं को इसका लाभ मिला है।
दुग्ध उत्पादकता के संदर्भ में उन्होंने बताया कि वर्ष 2013-14 में प्रति गाय या भैंस औसत दूध उत्पादन 5 लीटर प्रतिदिन से कम था, जो अब बढ़कर करीब 8 लीटर हो गया है। भारत दुनिया में दुग्ध उत्पादकता की वृद्धि दर में अग्रणी होने का दावा सरकार की ओर से किया गया।
अन्य घोषणाएँ और आगे की राह
कार्यक्रम में दो बायो-सीएनजी प्लांट का भी शिलान्यास किया गया। फल-सब्जी किसानों के लिए क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत 12 क्लस्टर स्वीकृत किए गए, जिनमें टमाटर, हरी मिर्च, अंगूर, केला, प्याज, संतरा, अनार और कोको जैसी फसलें शामिल हैं। इन परियोजनाओं पर सब्सिडी दी जाएगी।
गुजरात को दो नई रेल सेवाएँ — अहमदाबाद-साबरमती-वाराणसी एक्सप्रेस और मेहसाणा-बेचराजी-साबरमती मेमू ट्रेन — भी इस अवसर पर मिलीं। पीएम ने युवाओं से रन फॉर यूनिटी में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।