PM मोदी ने ताशकंद में देखा भारतीय संस्कृति का बढ़ता प्रभाव, शास्त्री को दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अगस्त को उज्बेकिस्तान का सफल दौरा पूरा कर किर्गिस्तान की ओर प्रस्थान किया। ताशकंद यात्रा को याद करते हुए उन्होंने कहा कि इस दौरे ने स्पष्ट किया कि उज्बेकिस्तान में भारत की संस्कृति, इतिहास, भाषाओं और विचारों के प्रति आम लोगों का लगाव निरंतर गहरा होता जा रहा है।
महात्मा गांधी सेंटर का दौरा
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर साझा किए अपने पोस्ट में ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज के महात्मा गांधी सेंटर की यात्रा को 'खास और रोचक' बताया। उन्होंने लिखा, 'भारत से जुड़े अध्ययन (इंडोलॉजी) का एक जीवंत और सक्रिय माहौल देखने को मिला। भारत के बारे में जानने और समझने के लिए छात्रों और शिक्षकों में गहरा उत्साह नजर आया।'
मोदी ने यह भी बताया कि महात्मा गांधी के जीवन और विचारों पर व्यापक और सराहनीय कार्य हो रहा है, जबकि तमिल भाषा और संस्कृति के प्रति भी बढ़ती रुचि देखी गई। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि वहाँ के छात्रों ने उनकी लिखी कुछ कविताओं की पंक्तियाँ सुनाईं, जिसे उन्होंने 'बहुत ही खास अनुभव' करार दिया।
शास्त्री मेमोरियल पर श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री मोदी ने ताशकंद में शास्त्री मेमोरियल पर पहुँचकर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। एक्स पर उन्होंने लिखा, 'ताशकंद में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। हम एक ऐसे महान राजनेता को याद करते हैं जिनकी राष्ट्र के प्रति अटूट प्रतिबद्धता पीढ़ियों को प्रेरित करती रहती है।'
गौरतलब है कि लाल बहादुर शास्त्री ने 9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966 तक भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया था और उन्होंने लोकप्रिय राष्ट्रीय नारा 'जय जवान, जय किसान' दिया था। ताशकंद ही वह नगर है जहाँ उनका निधन हुआ था, इसलिए यह श्रद्धांजलि विशेष ऐतिहासिक महत्व रखती है।
राष्ट्रपति मिर्जियोयेव से द्विपक्षीय वार्ता
प्रधानमंत्री मोदी ने ताशकंद के राष्ट्रपति भवन में उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। इस बैठक में व्यापार और निवेश, महत्वपूर्ण खनिज, रक्षा और सुरक्षा, नवाचार और स्टार्टअप, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और यूपीआई, स्वास्थ्य सेवा और फार्मास्यूटिकल्स, कृषि, शिक्षा, पर्यटन, अंतरिक्ष तथा जन-संबंधों पर व्यापक चर्चा हुई।
विशेष रूप से, प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान से भारत को यूरेनियम की आपूर्ति के लिए दीर्घकालिक समझौते की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत किया और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।
भारतीय समुदाय का गर्मजोशी भरा स्वागत
ताशकंद प्रवास के दौरान वहाँ बसे भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री मोदी का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। दौरे के समापन पर मोदी ने एक्स पर लिखा, 'उज्बेकिस्तान का धन्यवाद!' — जो दोनों देशों के बीच बढ़ती मित्रता का प्रतीक माना जा रहा है।
आगे का सफर
उज्बेकिस्तान दौरा पूरा करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी अपनी मध्य एशिया यात्रा के अगले चरण में किर्गिस्तान पहुँचे। यह दौरा भारत की मध्य एशियाई देशों के साथ कनेक्टिविटी और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।