हिंदुत्व की आत्मा सहिष्णुता है — भागवत के बयान पर CM फडणवीस का समर्थन
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 30 अगस्त को नागपुर में मीडिया से बात करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान का परोक्ष समर्थन किया और कहा कि हिंदुत्व का मूल सार सहिष्णुता है। फडणवीस ने स्पष्ट किया कि वे भागवत के वक्तव्यों पर सीधी टिप्पणी नहीं करते, किंतु उनके पीछे का सैद्धांतिक आधार पूरी तरह सही है।
मुख्यमंत्री का पूरा बयान
फडणवीस ने कहा, 'सबसे पहले तो हम मोहन भागवत ने जो कहा है उस पर कभी टिप्पणी नहीं करते। हालांकि इसके पीछे का सिद्धांत बिल्कुल सही है क्योंकि हिंदुत्व का सार सहिष्णुता है।' उन्होंने आगे जोड़ा कि हिंदू सभ्यता दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है और इसके जीवित रहने का कारण यह है कि इसने अपने मूल सिद्धांतों को मजबूत बनाए रखा।
फडणवीस ने कहा, 'दुनिया भर से आक्रमणों के बावजूद हमने उन्हें सहिष्णुता के साथ सहा और कई आक्रमणकारी भी हमारी सांस्कृतिक संरचना में घुल-मिल गए। जग भर के ठुकराए हुए लोगों को भारत ने न केवल अपनाया, बल्कि अपनी संस्कृति का हिस्सा बनाया।'
सहिष्णुता की परिभाषा
मुख्यमंत्री ने सहिष्णुता की व्याख्या करते हुए कहा, 'सहिष्णुता का अर्थ यह नहीं है कि मार खाना है, इसका अर्थ है कि सबको साथ लेकर चलना, सबके साथ हमारा समभाव हो और सभी धर्मों को हम इज्जत दें।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई हमला करे तो उसका प्रतिकार होना चाहिए, परंतु हिंदू स्वयं कभी आक्रामक नहीं होता।
भागवत का न्यूयॉर्क में मूल बयान
गौरतलब है कि RSS प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क में आयोजित 'वन वर्ल्ड, वन ह्यूमैनिटी' कार्यक्रम में 30 देशों के 180 से अधिक प्रतिभागियों को संबोधित किया था। इस दौरान मुसलमानों के प्रति RSS के दृष्टिकोण पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने 2018 में दिल्ली में हुई मुस्लिम प्रतिभागियों के साथ बातचीत को याद किया।
भागवत ने कहा था, 'तब मैंने कहा था — नहीं। वह हिंदू नहीं है। अगर कोई हिंदू सोचता है कि भारत में कोई मुसलमान नहीं होना चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रहेगा। अगर आप खुद को हिंदू कहना चाहते हैं, तो आपको यह मानना होगा कि सभी रास्ते एक ही ओर ले जाते हैं। हर इंसान की एक गरिमा है। इंसानों में कोई भेद नहीं है।'
गोरेवाड़ा जू सफारी का दौरा
इसी दिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मंत्री गणेश नाइक ने नागपुर के गोरेवाड़ा जू सफारी का निरीक्षण किया। सफारी के बाद दोनों नेता हिंदूहृदयसम्राट स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे गोरेवाड़ा इंटरनेशनल जूलॉजिकल पार्क में चिड़ियाघर के विकास, वन्यजीव संरक्षण और सफारी व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक करने वाले थे।
आगे क्या
भागवत के इस बयान और फडणवीस के समर्थन से हिंदुत्व की समावेशी व्याख्या पर राष्ट्रीय विमर्श एक बार फिर केंद्र में आ गया है। यह ऐसे समय में आया है जब देश में धार्मिक सहिष्णुता और बहुलवाद पर बहस तेज है।