30 अगस्त 2026
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भागवत के बयान पर सपा का पलटवार: 'आरएसएस अपनी विचारधारा के कारण अल्पसंख्यकों के खिलाफ'

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भागवत के बयान पर सपा का पलटवार: 'आरएसएस अपनी विचारधारा के कारण अल्पसंख्यकों के खिलाफ'

सारांश

सपा प्रवक्ता धर्मेंद्र सिंह ने एक साथ कई मोर्चों पर निशाना साधा — भागवत के 'सहिष्णुता' वाले न्यूयॉर्क बयान को संघ की घरेलू विचारधारा से विरोधाभासी बताया, हल्द्वानी 'शुद्धिकरण' को दलित-विरोधी मानसिकता का प्रमाण कहा, और एनडीए के आंतरिक टकराव को 'डबल इंजन की टक्कर' करार दिया।

मुख्य बातें

सपा प्रवक्ता धर्मेंद्र सिंह ने 30 अगस्त को कहा कि आरएसएस अपनी विचारधारा के कारण अल्पसंख्यकों के खिलाफ रहा है।
मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क में कहा था कि मुसलमानों को भारत से बाहर करने की सोच रखने वाला हिंदू नहीं हो सकता।
हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा-स्थल के कथित 'शुद्धिकरण' को सपा ने दलित-विरोधी मानसिकता का उदाहरण बताया।
सपा ने एनडीए के आंतरिक मतभेदों — चिराग पासवान , जीतन राम मांझी , संजय निषाद के बीच — को 'डबल इंजन की टक्कर' कहा।
कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं के 8 सितंबर के प्रदर्शन को सपा ने कांग्रेस का आंतरिक मामला बताया।

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता धर्मेंद्र सिंह ने 30 अगस्त को लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क वाले बयान, हल्द्वानी 'शुद्धिकरण' विवाद और एनडीए के आंतरिक तनाव समेत कई अहम मुद्दों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। सपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि संघ की वैचारिक जड़ें ही अल्पसंख्यकों के विरुद्ध माहौल बनाने के लिए जिम्मेदार हैं।

भागवत के न्यूयॉर्क बयान पर सपा का रुख

न्यूयॉर्क में आयोजित 'एक दुनिया, एक मानवता' कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि भारत की पहचान विविधता में एकता से है और जो हिंदू यह सोचता है कि भारत में मुसलमान नहीं होने चाहिए, वह हिंदू नहीं हो सकता। इस बयान पर धर्मेंद्र सिंह ने कहा, 'जो व्यक्ति ऐसी सोच रखता है, वह हिंदू नहीं हो सकता, लेकिन आरएसएस का हो सकता है। आरएसएस अपनी विचारधारा के कारण ही भारत में अल्पसंख्यकों के खिलाफ रहा है।'

सपा प्रवक्ता ने यह भी कहा कि संघ ने लगातार लव जिहाद और धर्म परिवर्तन जैसे मुद्दे उठाए हैं और लोगों को उनके पहनावे व खान-पान की आदतों से पहचानने की बात भी कही है। उनके अनुसार, 'अमेरिका जाकर ऐसे बयान देना और देश में नफरत फैलाना — ये दोनों बातें एक साथ नहीं चल सकतीं।'

हल्द्वानी 'शुद्धिकरण' विवाद और दलित अपमान का आरोप

हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद उस स्थल को कथित तौर पर गंगाजल से धुलाए जाने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे दलितों का अपमान बताया था। इस पर धर्मेंद्र सिंह ने कहा, 'भाजपा जिस पीडीए को नफरत की नजर से देखती है, उसी का परिणाम है कि खड़गे के भाषण के बाद उस स्थल को गंगाजल से धुला गया।'

उन्होंने 2017 की घटना का भी हवाला दिया, जब कथित तौर पर अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद मुख्यमंत्री आवास को गंगाजल से धुलवाया गया था। सपा नेता ने कहा, 'बाबा साहब भीमराव अंबेडकर और अखिलेश यादव सामाजिक न्याय की बात करते हैं, जबकि भाजपा ने समाज को बांटने का काम किया है।'

एनडीए के आंतरिक तनाव पर सपा की टिप्पणी

आरक्षण के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी द्वारा चिराग पासवान का इस्तीफा माँगे जाने पर धर्मेंद्र सिंह ने कहा, 'डबल इंजन वाले डिब्बे आपस में टकरा रहे हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में मंत्री संजय निषाद सरकार के खिलाफ धरने की चेतावनी दे रहे हैं।

सपा प्रवक्ता के अनुसार, चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और अनुप्रिया पटेल समेत एनडीए के घटक दल अपने-अपने समुदायों से वादे कर सत्ता में आए, लेकिन अब केवल मंत्री पद का आनंद ले रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 'इन नेताओं के समाज के साथ भाजपा लगातार ठगी कर रही है।'

कांग्रेस के आंतरिक विवाद पर सपा की प्रतिक्रिया

कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं द्वारा 8 सितंबर को दिल्ली में एआईसीसी मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन के ऐलान पर सपा प्रवक्ता ने कहा, 'यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है। पार्टी के अंदर सहमति-असहमति होती है तो नेताओं को अपनी बात रखने का हक है — कांग्रेस को इस मुद्दे को खुद सुलझाना चाहिए।'

यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों के बीच आपसी तालमेल और आंतरिक एकजुटता पर सवाल उठ रहे हैं। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक रणनीति है — भागवत के 'उदार' न्यूयॉर्क संदेश और संघ की कथित घरेलू कार्यशैली के बीच की खाई को उजागर करना। यह विरोधाभास विपक्ष के लिए उपजाऊ ज़मीन है, लेकिन सपा खुद भी अल्पसंख्यक मतदाताओं को लेकर अपनी साख बनाए रखने की कोशिश में है। हल्द्वानी का 'शुद्धिकरण' प्रसंग और 2017 के मुख्यमंत्री आवास का हवाला देकर सपा ने दलित-पिछड़ा एकजुटता का आख्यान बुनने की कोशिश की है — जो 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में अहम है। असली सवाल यह है कि क्या यह बयानबाज़ी ज़मीनी राजनीति में तब्दील होगी, या महज़ मीडिया चक्र तक सीमित रहेगी।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा प्रवक्ता धर्मेंद्र सिंह ने आरएसएस पर क्या आरोप लगाए?
सपा प्रवक्ता धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि आरएसएस अपनी विचारधारा के कारण भारत में अल्पसंख्यकों के खिलाफ रहा है। उन्होंने संघ पर लव जिहाद, धर्म परिवर्तन और पहनावे-खान-पान के आधार पर भेदभाव जैसे मुद्दे उठाने का आरोप लगाया।
मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क में क्या कहा था?
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क के 'एक दुनिया, एक मानवता' कार्यक्रम में कहा कि भारत की पहचान विविधता में एकता है और जो हिंदू यह मानता है कि भारत में मुसलमान नहीं होने चाहिए, वह हिंदू नहीं हो सकता।
हल्द्वानी 'शुद्धिकरण' विवाद क्या है?
हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद कथित तौर पर उस स्थल को गंगाजल से धुलाया गया। राहुल गांधी ने इसे दलितों का अपमान बताया, जबकि सपा ने इसे भाजपा की दलित-विरोधी मानसिकता का उदाहरण कहा।
एनडीए के आंतरिक टकराव पर सपा का क्या कहना है?
सपा प्रवक्ता ने एनडीए के घटक दलों — चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और अनुप्रिया पटेल — के बीच मतभेदों को 'डबल इंजन की टक्कर' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि ये नेता अपने समुदायों से किए वादे भूलकर केवल मंत्री पद का आनंद ले रहे हैं।
कांग्रेस के आंतरिक विवाद पर सपा का क्या रुख है?
सपा प्रवक्ता ने 8 सितंबर को दिल्ली में एआईसीसी मुख्यालय के बाहर असंतुष्ट कांग्रेस नेताओं के प्रदर्शन को पार्टी का आंतरिक मामला बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस मुद्दे को खुद सुलझाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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