21 जुलाई 2026
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मानसून सत्र 2025: जजेस अमेंडमेंट, इनकम टैक्स बिल पर चर्चा; संजय जायसवाल ने विपक्ष से सहयोग की अपील की

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मानसून सत्र 2025: जजेस अमेंडमेंट, इनकम टैक्स बिल पर चर्चा; संजय जायसवाल ने विपक्ष से सहयोग की अपील की

सारांश

संसद का मानसून सत्र शुरू होते ही एजेंडा बड़ा है — जजेस अमेंडमेंट, इनकम टैक्स बिल और वंदे मातरम विधेयक। लेकिन असली परीक्षा राम मंदिर ट्रस्ट विवाद और SIT जाँच के बीच सरकार-विपक्ष के संवाद की होगी।

मुख्य बातें

संसद का मानसून सत्र 2025 सोमवार, 20 जुलाई से नई दिल्ली में शुरू हुआ।
BJP सांसद संजय जायसवाल ने जजेस अमेंडमेंट एक्ट और इनकम टैक्स अमेंडमेंट बिल समेत कई विधेयकों पर चर्चा की बात कही।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा राज्यसभा में वंदे मातरम से जुड़ा विधेयक पेश किया जाना प्रस्तावित है।
राम मंदिर ट्रस्ट मामले में SIT गठित; राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने PM मोदी को निष्पक्ष जाँच हेतु पत्र लिखा।
श्रीनिवास ने कांग्रेस पर राम मंदिर मुद्दे पर राजनीतिक अवसरवाद का आरोप लगाया।

संसद का मानसून सत्र 2025 सोमवार, 20 जुलाई से नई दिल्ली में शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि इस सत्र में जजेस अमेंडमेंट एक्ट, इनकम टैक्स अमेंडमेंट बिल और वंदे मातरम सम्मान विधेयक समेत कई अहम विधेयकों पर चर्चा होनी है, और उन्होंने उम्मीद जताई कि विपक्ष सकारात्मक माहौल में सदन की कार्यवाही में भागीदारी करेगा।

मुख्य विधेयक और सत्र का एजेंडा

संजय जायसवाल ने बताया कि बिज़नेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में विपक्षी दलों के नेताओं से भी विचार-विमर्श हुआ और सभी से सदन को सुचारू रूप से चलाने की अपील की गई। उन्होंने कहा कि सत्र की शुरुआत सर्वोच्च न्यायालय से जुड़े जजेस अमेंडमेंट एक्ट और इनकम टैक्स संशोधन विधेयक जैसे महत्त्वपूर्ण प्रस्तावों से होगी।

जायसवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि विपक्षी दलों ने चर्चा के लिए अपनी कुछ माँगें रखी हैं, जिन पर सरकार विचार करेगी। उनके अनुसार, सभी दलों ने सदन की गरिमा बनाए रखते हुए महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर संवाद का आश्वासन दिया है।

वंदे मातरम विधेयक: केंद्रीय गृह मंत्री की पहल

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा राज्यसभा में वंदे मातरम से जुड़ा विधेयक पेश किए जाने के संदर्भ में संजय जायसवाल ने कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का सम्मान हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि देश में 'जन गण मन' के अपमान को लेकर कानून पहले से मौजूद है, लेकिन वंदे मातरम के सम्मान के बारे में भी कानूनी स्पष्टता आवश्यक है।

जायसवाल ने कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणाशक्ति रहा है। उनके अनुसार, स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने इसे अपनी आस्था का प्रतीक माना। उन्होंने तर्क दिया कि जैसे राष्ट्रगान का सम्मान अनिवार्य है, वैसे ही राष्ट्रगीत को भी समान दर्जा मिलना चाहिए।

राम मंदिर ट्रस्ट विवाद: SIT जाँच और विपक्ष के सवाल

राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे गए पत्र पर जायसवाल ने कहा कि इसका जवाब जाँच प्रक्रिया पूरी होने के बाद मिल जाएगा। उन्होंने बताया कि मामले की जाँच के लिए विशेष जाँच दल (SIT) गठित की गई है और रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चंदे के मामले पर विपक्ष ने निष्पक्ष जाँच की माँग उठाई है। यह मुद्दा ऐसे समय में उठा है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो रही हैं।

भाजपा का पलटवार: कांग्रेस पर राजनीतिक अवसरवाद का आरोप

BJP प्रवक्ता टी.आर. श्रीनिवास ने राम मंदिर मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर निष्पक्ष जाँच की माँग की है, लेकिन उन्हें राम और रामसेतु पर अपने पुराने रुख को भी याद करना चाहिए।

श्रीनिवास ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए राम मंदिर मुद्दे पर सक्रिय हो रही है। उन्होंने कहा कि जाँच एजेंसियाँ अपना काम कर रही हैं और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी — किसी को भी कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा।

आगे क्या होगा

मानसून सत्र के दौरान सदन की उत्पादकता इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार और विपक्ष के बीच संवाद का सिलसिला कायम रहता है या नहीं। SIT की रिपोर्ट आने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट विवाद पर राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है। वंदे मातरम विधेयक पर राज्यसभा में होने वाली बहस भी सत्र की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन राम मंदिर ट्रस्ट विवाद और वंदे मातरम विधेयक जैसे भावनात्मक मुद्दे सदन की उत्पादकता को पटरी से उतार सकते हैं। SIT जाँच का हवाला देकर सरकार जवाब टाल रही है, जबकि विपक्ष का पत्र-राजनीति वाला दाँव उत्तर प्रदेश चुनावी गणित से अलग नहीं दिखता। वंदे मातरम विधेयक की वास्तविक कानूनी जरूरत क्या है, यह बहस अभी सतह पर नहीं आई है — और यही इस सत्र की सबसे अनुत्तरित कहानी है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संसद के मानसून सत्र 2025 में कौन-कौन से प्रमुख विधेयक पेश होंगे?
मानसून सत्र 2025 में जजेस अमेंडमेंट एक्ट, इनकम टैक्स अमेंडमेंट बिल और वंदे मातरम से जुड़ा विधेयक प्रमुख रूप से चर्चा के लिए सूचीबद्ध हैं। BJP सांसद संजय जायसवाल के अनुसार, बिज़नेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में विपक्ष से भी इन पर सहमति बनाने की कोशिश की गई है।
वंदे मातरम विधेयक क्या है और इसे क्यों लाया जा रहा है?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा राज्यसभा में प्रस्तावित यह विधेयक राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सम्मान को कानूनी संरक्षण देने के उद्देश्य से लाया जा रहा है। BJP का तर्क है कि जैसे राष्ट्रगान 'जन गण मन' के अपमान पर कानून मौजूद है, वैसे ही वंदे मातरम के लिए भी स्पष्ट कानूनी प्रावधान होना चाहिए।
राम मंदिर ट्रस्ट विवाद में SIT की जाँच किस मुद्दे पर हो रही है?
राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चंदे के मामले पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं, जिसके बाद SIT गठित की गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर निष्पक्ष जाँच की माँग की है, जिस पर BJP ने राजनीतिक अवसरवाद का आरोप लगाया है।
मानसून सत्र में विपक्ष का रुख क्या है?
विपक्षी दलों ने BAC बैठक में चर्चा के लिए अपनी माँगें रखी हैं और सरकार ने उन पर विचार का आश्वासन दिया है। हालाँकि, राम मंदिर ट्रस्ट विवाद और वंदे मातरम विधेयक जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सदन में तीखी बहस की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
BJP ने कांग्रेस के राम मंदिर पत्र को राजनीतिक क्यों बताया?
BJP प्रवक्ता टी.आर. श्रीनिवास ने कहा कि कांग्रेस ने पहले राम और रामसेतु पर अलग रुख अपनाया था और अब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए राम मंदिर मुद्दे पर सक्रिय हो रही है। उनके अनुसार, SIT जाँच पहले से चल रही है और दोषियों पर कार्रवाई होगी।
राष्ट्र प्रेस
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