एनडीए सांसदों का विपक्ष पर हमला: 'जनता को गुमराह करने के लिए सदन में हंगामा कर रहा विपक्ष'
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 20 जुलाई को संसद सत्र के बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि वह जानबूझकर सदन की कार्यवाही में बाधा डाल रहा है ताकि जनता को गुमराह किया जा सके। सत्ता पक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं ने एक स्वर में विपक्ष की रणनीति को लोकतंत्र-विरोधी करार दिया।
वंदे मातरम विधेयक पर अठावले का समर्थन
राज्यसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने प्रस्तावित 'वंदे मातरम बिल' का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि 'वंदे मातरम' स्वाधीनता आंदोलन के दौरान करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत रहा है।
अठावले ने इसे राष्ट्रगान 'जन गण मन' के समान सम्मान का अधिकारी बताते हुए सभी राजनीतिक दलों और मुस्लिम समुदाय से भी विधेयक का समर्थन करने की अपील की। छात्र आंदोलनों पर उनका कहना था कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन यदि कोई कानून हाथ में लेता है तो पुलिस अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाती है। उन्होंने जोर दिया कि छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद और चर्चा के माध्यम से निकाला जाना चाहिए।
अयोध्या चढ़ावा विवाद पर बघेल की सफाई
केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले पर कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी (SIT) जांच का गठन किया है और अब तक कई संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है।
बघेल ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब किसी मामले की जांच जारी हो, तब उसे संसद में राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। उनके अनुसार, न्यायिक प्रक्रिया को राजनीतिक बहस से प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।
जगदंबिका पाल और सुखेंदु शेखर रॉय का विपक्ष पर निशाना
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद जगदंबिका पाल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जब सरकार सदन में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार हो, तब सार्थक बहस होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार कार्यवाही को बाधित कर रहा है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के विरुद्ध है। पाल के अनुसार, संसद का बहुमूल्य समय जनहित के मुद्दों पर केंद्रित रहना चाहिए।
भाजपा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने भी विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उसके पास कोई सकारात्मक एजेंडा नहीं है और उसका एकमात्र उद्देश्य सदन का कामकाज ठप करना है। उन्होंने 'वंदे मातरम बिल' पर अनावश्यक विवाद खड़ा करने की प्रवृत्ति की भी आलोचना की।
नए सांसदों की चिंता: एलजेपी नेता राजेश वर्मा
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद राजेश वर्मा ने एक भिन्न दृष्टिकोण रखते हुए कहा कि नए सांसद अपने-अपने क्षेत्रों के मुद्दे उठाने की उम्मीद लेकर संसद पहुंचते हैं, लेकिन निरंतर हंगामे के कारण जनहित के विषय दब जाते हैं।
वर्मा ने सभी दलों से अपील की कि वे संसदीय परंपराओं का सम्मान करते हुए संवाद के माध्यम से मतभेद सुलझाएं। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सत्र के शुरुआती दिनों में ही सदन में व्यवधान की स्थिति बन गई है, जिससे कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा प्रभावित होने की आशंका है।