21 जुलाई 2026
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एनडीए सांसदों का विपक्ष पर हमला: 'जनता को गुमराह करने के लिए सदन में हंगामा कर रहा विपक्ष'

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एनडीए सांसदों का विपक्ष पर हमला: 'जनता को गुमराह करने के लिए सदन में हंगामा कर रहा विपक्ष'

सारांश

मानसून सत्र के बीच NDA सांसदों ने एकजुट होकर विपक्ष पर संसद को हथियार बनाने का आरोप लगाया। वंदे मातरम बिल से लेकर अयोध्या SIT जांच तक — सत्ता पक्ष ने हर मुद्दे पर विपक्ष की रणनीति को जनता के साथ धोखा करार दिया।

मुख्य बातें

NDA सांसदों ने 20 जुलाई को विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह जनता को गुमराह करने के लिए जानबूझकर सदन में हंगामा कर रहा है।
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने प्रस्तावित 'वंदे मातरम बिल' का समर्थन किया और सभी दलों व मुस्लिम समुदाय से भी समर्थन की अपील की।
केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा कि अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद में उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT गठित की है और जांच जारी है।
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल और सुखेंदु शेखर रॉय ने विपक्ष को 'सकारात्मक एजेंडाहीन' बताया।
एलजेपी (रामविलास) सांसद राजेश वर्मा ने हंगामे से जनहित के मुद्दे प्रभावित होने पर चिंता जताई।

नई दिल्ली, 20 जुलाई को संसद सत्र के बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि वह जानबूझकर सदन की कार्यवाही में बाधा डाल रहा है ताकि जनता को गुमराह किया जा सके। सत्ता पक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं ने एक स्वर में विपक्ष की रणनीति को लोकतंत्र-विरोधी करार दिया।

वंदे मातरम विधेयक पर अठावले का समर्थन

राज्यसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने प्रस्तावित 'वंदे मातरम बिल' का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि 'वंदे मातरम' स्वाधीनता आंदोलन के दौरान करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत रहा है।

अठावले ने इसे राष्ट्रगान 'जन गण मन' के समान सम्मान का अधिकारी बताते हुए सभी राजनीतिक दलों और मुस्लिम समुदाय से भी विधेयक का समर्थन करने की अपील की। छात्र आंदोलनों पर उनका कहना था कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन यदि कोई कानून हाथ में लेता है तो पुलिस अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाती है। उन्होंने जोर दिया कि छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद और चर्चा के माध्यम से निकाला जाना चाहिए।

अयोध्या चढ़ावा विवाद पर बघेल की सफाई

केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले पर कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी (SIT) जांच का गठन किया है और अब तक कई संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है।

बघेल ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब किसी मामले की जांच जारी हो, तब उसे संसद में राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। उनके अनुसार, न्यायिक प्रक्रिया को राजनीतिक बहस से प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।

जगदंबिका पाल और सुखेंदु शेखर रॉय का विपक्ष पर निशाना

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद जगदंबिका पाल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जब सरकार सदन में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार हो, तब सार्थक बहस होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार कार्यवाही को बाधित कर रहा है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के विरुद्ध है। पाल के अनुसार, संसद का बहुमूल्य समय जनहित के मुद्दों पर केंद्रित रहना चाहिए।

भाजपा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने भी विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उसके पास कोई सकारात्मक एजेंडा नहीं है और उसका एकमात्र उद्देश्य सदन का कामकाज ठप करना है। उन्होंने 'वंदे मातरम बिल' पर अनावश्यक विवाद खड़ा करने की प्रवृत्ति की भी आलोचना की।

नए सांसदों की चिंता: एलजेपी नेता राजेश वर्मा

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद राजेश वर्मा ने एक भिन्न दृष्टिकोण रखते हुए कहा कि नए सांसद अपने-अपने क्षेत्रों के मुद्दे उठाने की उम्मीद लेकर संसद पहुंचते हैं, लेकिन निरंतर हंगामे के कारण जनहित के विषय दब जाते हैं।

वर्मा ने सभी दलों से अपील की कि वे संसदीय परंपराओं का सम्मान करते हुए संवाद के माध्यम से मतभेद सुलझाएं। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सत्र के शुरुआती दिनों में ही सदन में व्यवधान की स्थिति बन गई है, जिससे कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा प्रभावित होने की आशंका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो जनहित के विधेयक और जवाबदेही की बहसें कब होंगी। 'वंदे मातरम बिल' जैसे भावनात्मक मुद्दों को आगे रखना राजनीतिक ध्यान भटकाने की रणनीति भी हो सकती है, जिससे अयोध्या चढ़ावा विवाद जैसे ठोस जवाबदेही के सवाल पृष्ठभूमि में चले जाएं। SIT जांच का हवाला देकर संसदीय बहस को रोकने की कोशिश लोकतांत्रिक जवाबदेही के सिद्धांत से मेल नहीं खाती।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NDA सांसदों ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए हैं?
NDA सांसदों ने 20 जुलाई को आरोप लगाया कि विपक्ष जानबूझकर जनता को गुमराह करने के लिए संसद की कार्यवाही में बाधा डाल रहा है। भाजपा सांसदों के अनुसार, विपक्ष के पास कोई सकारात्मक एजेंडा नहीं है और उसका उद्देश्य केवल सदन का कामकाज प्रभावित करना है।
वंदे मातरम बिल क्या है और इसे कौन समर्थन दे रहा है?
प्रस्तावित 'वंदे मातरम बिल' का उद्देश्य इस राष्ट्रगीत को राष्ट्रगान 'जन गण मन' के समान संवैधानिक सम्मान दिलाना बताया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने इसका समर्थन करते हुए सभी दलों और मुस्लिम समुदाय से भी समर्थन की अपील की है।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद में SIT जांच कहाँ तक पहुंची है?
केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT का गठन किया है और कई संदिग्धों से पूछताछ हो चुकी है। जांच अभी जारी है और सरकार ने विपक्ष से इसे संसद में राजनीतिक मुद्दा न बनाने की अपील की है।
संसद में हंगामे से नए सांसदों पर क्या असर पड़ रहा है?
एलजेपी (रामविलास) सांसद राजेश वर्मा ने चिंता जताई कि नए सांसद अपने क्षेत्रों के मुद्दे उठाने की उम्मीद लेकर आते हैं, लेकिन लगातार हंगामे के कारण जनहित के विषयों पर चर्चा नहीं हो पाती। उन्होंने सभी दलों से संसदीय परंपराओं का पालन करने की अपील की।
छात्र आंदोलनों पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले का क्या रुख है?
अठावले ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन कानून हाथ में लेने पर पुलिस अपनी जिम्मेदारी निभाएगी। उनके अनुसार, छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद और चर्चा के माध्यम से निकाला जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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