2 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मध्य प्रदेश पुलिस में उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सालाना 60 पदों पर सीधी भर्ती, नियमों में बड़ा संशोधन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मध्य प्रदेश पुलिस में उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सालाना 60 पदों पर सीधी भर्ती, नियमों में बड़ा संशोधन

सारांश

मध्य प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में खेल कोटे से हर साल 60 पदों — 10 उप निरीक्षक और 50 आरक्षक — पर सीधी भर्ती का रास्ता खोल दिया है। ओलम्पिक, एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों के प्रतिभागी भी अब पात्र होंगे। नियमों में बदलाव से खेल करियर को सरकारी सेवा से जोड़ने की दिशा में यह राज्य का अब तक का सबसे ठोस कदम है।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश के गृह विभाग ने 'MP पुलिस उत्कृष्ट खिलाड़ी नियुक्ति नियम, 2021' में संशोधन कर प्रतिवर्ष 60 पदों पर सीधी भर्ती अनिवार्य की।
इनमें 10 उप निरीक्षक (सब इंस्पेक्टर) और 50 आरक्षक (कांस्टेबल) के पद शामिल हैं।
ओलम्पिक, एशियाई, राष्ट्रमंडल खेल, विश्व कप और विश्व चैम्पियनशिप में सहभागिता करने वाले खिलाड़ी उप निरीक्षक पद के लिए पात्र होंगे।
उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शैक्षणिक योग्यता, ऊँचाई, लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षण से पूरी छूट मिलेगी।
नियुक्तियाँ अनारक्षित (सामान्य) श्रेणी में होंगी; पुलिस मुख्यालय की चयन शाखा प्रतिवर्ष रिक्तियाँ विज्ञापित करेगी।

मध्य प्रदेश सरकार ने 17 जून 2026 को खेल प्रतिभाओं को सरकारी सेवा में स्थान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य के गृह विभाग ने 'मध्यप्रदेश पुलिस (उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्ति) नियम, 2021' में संशोधन करते हुए पुलिस विभाग में प्रतिवर्ष 60 पदों पर उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी भर्ती का मार्ग प्रशस्त किया है। इनमें 10 उप निरीक्षक (सब इंस्पेक्टर) और 50 आरक्षक (कांस्टेबल) के पद शामिल हैं। संशोधित नियमों की अधिसूचना शासकीय राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है।

संशोधित नियमों में क्या बदला

गृह विभाग द्वारा किए गए इन संशोधनों में चयन, पात्रता और मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाया गया है। अब पुलिस मुख्यालय की चयन एवं भर्ती शाखा द्वारा प्रतिवर्ष उप निरीक्षक और आरक्षक पदों की रिक्तियाँ विज्ञापित की जाएंगी। गौरतलब है कि पहले यह प्रक्रिया नियमित नहीं थी, लेकिन अब इसे वार्षिक आधार पर संचालित किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को स्थायी और निरंतर अवसर मिलेंगे।

पात्रता मानदंड — कौन होगा योग्य

उप निरीक्षक पद के लिए केवल वे खिलाड़ी पात्र होंगे जिन्होंने ओलम्पिक खेल, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल, विश्व कप या विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण, रजत अथवा कांस्य पदक जीता हो या इन प्रतियोगिताओं में सहभागिता की हो। यह एक महत्वपूर्ण विस्तार है — अब केवल पदक विजेता ही नहीं, बल्कि इन अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भाग लेने वाले खिलाड़ी भी पात्र माने जाएंगे।

आरक्षक पद के लिए राष्ट्रीय खेलों और अधिकृत राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक विजेता खिलाड़ी सीधी भर्ती के लिए पात्र होंगे। यह भी उल्लेखनीय है कि उप निरीक्षक पद की पात्रता रखने वाले खिलाड़ी आरक्षक पद के लिए स्वतः पात्र माने जाएंगे।

छूट और विशेष प्रावधान

उत्कृष्ट खिलाड़ियों को निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और शारीरिक मापदंड (ऊँचाई) में पूरी छूट दी जाएगी। इसके अतिरिक्त उन्हें लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षण से भी मुक्त रखा जाएगा। इन नियुक्तियों को अनारक्षित (सामान्य) श्रेणी में शामिल किया जाएगा, जिससे आरक्षण कोटे पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

खेल संस्कृति पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब भारत अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतिस्पर्धाओं में अपनी उपस्थिति मज़बूत करने की दिशा में काम कर रहा है। मध्य प्रदेश का यह कदम खिलाड़ियों को न केवल सम्मानजनक सरकारी रोज़गार देगा, बल्कि उन्हें अपने खेल प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धात्मक तैयारी जारी रखने के लिए भी प्रेरित करेगा। राज्य सरकार के अनुसार, यह निर्णय खेल को करियर के रूप में अपनाने वाले युवाओं में आत्मविश्वास जगाएगा और प्रतिभाओं के पलायन को रोकने में सहायक होगा।

आगे की राह

संशोधित नियमों के तहत पहली वार्षिक भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है। भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय की चयन एवं भर्ती शाखा इस प्रक्रिया की नोडल एजेंसी होगी। राज्य के खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह भर्ती नियमित रूप से संचालित होती रही, तो मध्य प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को सरकारी सेवा से जोड़ने का एक अग्रणी मॉडल बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की नियमितता होगी। खेल कोटे से भर्ती की घोषणाएँ देश के कई राज्यों में पहले भी हुई हैं, पर वार्षिक चक्र अक्सर प्रशासनिक अड़चनों में उलझ जाता है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि शैक्षणिक और शारीरिक मापदंडों में छूट पुलिस बल की परिचालन क्षमता पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकती है — जिस पर सार्वजनिक बहस अभी नहीं हुई है। 60 पद प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण हैं, लेकिन राज्य के हज़ारों खिलाड़ियों की आकांक्षाओं के सामने यह संख्या सीमित है; स्केल बढ़ाने की माँग आने वाले समय में ज़ोर पकड़ सकती है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश पुलिस में खेल कोटे से कितने पदों पर भर्ती होगी?
मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में प्रतिवर्ष 60 पदों पर उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी भर्ती होगी — इनमें 10 उप निरीक्षक और 50 आरक्षक के पद शामिल हैं। यह भर्ती हर साल नियमित रूप से आयोजित की जाएगी।
उप निरीक्षक पद के लिए कौन से खिलाड़ी पात्र होंगे?
उप निरीक्षक पद के लिए वे खिलाड़ी पात्र होंगे जिन्होंने ओलम्पिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल, विश्व कप या विश्व चैम्पियनशिप में पदक जीता हो अथवा इन प्रतियोगिताओं में सहभागिता की हो। पदक विजेता और प्रतिभागी दोनों श्रेणियाँ शामिल हैं।
आरक्षक (कांस्टेबल) पद के लिए क्या पात्रता है?
आरक्षक पद के लिए राष्ट्रीय खेलों और अधिकृत राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक विजेता खिलाड़ी पात्र होंगे। उप निरीक्षक पद की पात्रता रखने वाले खिलाड़ी आरक्षक पद के लिए भी स्वतः पात्र माने जाएंगे।
खिलाड़ियों को किन परीक्षाओं से छूट मिलेगी?
उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शैक्षणिक योग्यता, शारीरिक मापदंड (ऊँचाई), लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षण — सभी से पूरी छूट दी जाएगी। यह नियुक्तियाँ अनारक्षित (सामान्य) श्रेणी में की जाएंगी।
यह भर्ती प्रक्रिया कौन संचालित करेगा और कब शुरू होगी?
भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय की चयन एवं भर्ती शाखा प्रतिवर्ष रिक्तियाँ विज्ञापित करेगी। शासकीय राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित हो चुकी है और पहली वार्षिक भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले