4 अगस्त 2026
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भोपाल में फर्जी बैंक गारंटी कांड: MPUDC ने साउथ गुजरात कंस्ट्रक्शन JV के खिलाफ FIR दर्ज कराई

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भोपाल में फर्जी बैंक गारंटी कांड: MPUDC ने साउथ गुजरात कंस्ट्रक्शन JV के खिलाफ FIR दर्ज कराई

सारांश

भोपाल में MPUDC ने चार निर्माण पैकेजों में फर्जी बैंक गारंटी प्रस्तुत करने पर साउथ गुजरात कंस्ट्रक्शन और इंजीनियरिंग प्रोफेशनल कंपनी के JV के खिलाफ FIR दर्ज कराई। प्रबंध संचालक संकेत भोंडवे के निर्देश पर की गई यह कार्रवाई सरकारी निर्माण क्षेत्र में वित्तीय अनुशासन का स्पष्ट संदेश है।

मुख्य बातें

MPUDC ने 4 अगस्त 2026 को थाना एमपी नगर, भोपाल में फर्जी बैंक गारंटी मामले में FIR दर्ज कराई।
आरोपी पक्ष 'साउथ गुजरात कंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड' और 'इंजीनियरिंग प्रोफेशनल कंपनी प्राइवेट लिमिटेड' का संयुक्त उपक्रम है।
संविदाकार ने चार निर्माण पैकेजों के लिए फर्जी बैंक गारंटी प्रस्तुत की थी, जो जांच में पूरी तरह नकली पाई गई।
MPUDC के प्रबंध संचालक संकेत भोंडवे के निर्देश पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की गई।
पुलिस ने धोखाधड़ी एवं संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की।

मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी (MPUDC) ने 4 अगस्त 2026 को भोपाल के थाना एमपी नगर में एक निर्माण संविदाकार के खिलाफ औपचारिक प्राथमिकी दर्ज कराई, जिस पर चार निर्माण पैकेजों के लिए फर्जी बैंक गारंटी प्रस्तुत करने का आरोप है। आरोपी पक्ष 'साउथ गुजरात कंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड' और 'इंजीनियरिंग प्रोफेशनल कंपनी प्राइवेट लिमिटेड' का संयुक्त उपक्रम (Joint Venture) है। पुलिस ने मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है।

मामले का घटनाक्रम

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के उपक्रम MPUDC को चार निर्माण पैकेजों के निष्पादन के सिलसिले में उक्त संयुक्त उपक्रम द्वारा बैंक गारंटी प्रस्तुत की गई थी। अधिकारियों को इन दस्तावेजों की प्रामाणिकता पर संदेह हुआ, जिसके बाद MPUDC ने इनकी सूक्ष्मता से जांच कराई। जांच में बैंक गारंटी पूरी तरह फर्जी पाई गई।

प्रबंधन की कार्रवाई

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त एवं MPUDC के प्रबंध संचालक संकेत भोंडवे ने अधिकारियों को तत्काल कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर थाना एमपी नगर, भोपाल में विधिसम्मत प्राथमिकी दर्ज कराई गई।

भोंडवे ने स्पष्ट कहा कि 'विभागीय प्रक्रियाओं एवं शासकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता, धोखाधड़ी अथवा फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने के मामलों को अत्यंत गंभीरता से लिया जाएगा तथा ऐसे दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।'

पुलिस विवेचना

पुलिस ने संविदाकार के खिलाफ धोखाधड़ी एवं छलपूर्वक धन, संपत्ति अथवा मूल्यवान दस्तावेज सौंपने से संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। विवेचना प्रारंभ हो चुकी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

आम जनता और सरकारी परियोजनाओं पर असर

गौरतलब है कि सरकारी निर्माण परियोजनाओं में बैंक गारंटी एक महत्वपूर्ण वित्तीय सुरक्षा उपाय होती है, जो यह सुनिश्चित करती है कि संविदाकार काम पूरा न कर सके तो सरकार को नुकसान न हो। फर्जी गारंटी प्रस्तुत करना न केवल वित्तीय धोखाधड़ी है, बल्कि सार्वजनिक निर्माण कार्यों की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करता है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य सरकार शहरी विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता पर जोर दे रही है।

आगे क्या होगा

पुलिस विवेचना के साथ-साथ MPUDC द्वारा संबंधित चारों निर्माण पैकेजों की समीक्षा किए जाने की भी संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकरण के बाद सरकारी ठेकों में बैंक गारंटी सत्यापन की प्रक्रिया और सख्त हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और क्या मौजूदा प्रणाली में ऐसी जांच अनिवार्य नहीं थी। FIR दर्ज होना स्वागतयोग्य है, लेकिन जब तक सत्यापन प्रक्रिया को अनुबंध के शुरुआती चरण में ही अनिवार्य और स्वचालित नहीं बनाया जाता, तब तक ऐसे मामले सामने आते रहेंगे।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

MPUDC फर्जी बैंक गारंटी मामला क्या है?
मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी (MPUDC) को साउथ गुजरात कंस्ट्रक्शन और इंजीनियरिंग प्रोफेशनल कंपनी के संयुक्त उपक्रम द्वारा चार निर्माण पैकेजों के लिए प्रस्तुत बैंक गारंटी जांच में पूरी तरह फर्जी पाई गई। इस पर 4 अगस्त 2026 को भोपाल के थाना एमपी नगर में FIR दर्ज कराई गई।
इस मामले में FIR किसके खिलाफ दर्ज हुई है?
'साउथ गुजरात कंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड' और 'इंजीनियरिंग प्रोफेशनल कंपनी प्राइवेट लिमिटेड' के संयुक्त उपक्रम के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इन पर धोखाधड़ी एवं फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।
MPUDC ने फर्जी बैंक गारंटी का पता कैसे लगाया?
अधिकारियों को प्रस्तुत बैंक गारंटी की प्रामाणिकता पर संदेह हुआ, जिसके बाद MPUDC ने सूक्ष्मता से जांच कराई। जांच में दस्तावेज पूरी तरह फर्जी पाए गए, जिसके बाद प्रबंध संचालक के निर्देश पर तत्काल FIR दर्ज कराई गई।
इस मामले में आगे क्या होगा?
पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है और धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई जारी है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकरण के बाद सरकारी ठेकों में बैंक गारंटी सत्यापन प्रक्रिया और कड़ी हो सकती है।
सरकारी निर्माण ठेकों में बैंक गारंटी क्यों जरूरी होती है?
बैंक गारंटी एक वित्तीय सुरक्षा दस्तावेज होता है जो यह सुनिश्चित करता है कि यदि संविदाकार काम पूरा न कर सके तो सरकार को वित्तीय नुकसान न हो। फर्जी गारंटी प्रस्तुत करना सरकारी खजाने और सार्वजनिक परियोजनाओं दोनों के लिए गंभीर जोखिम पैदा करता है।
राष्ट्र प्रेस
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