एमएसएमई सेक्टर बनेगा विकसित UP की अर्थव्यवस्था की रीढ़: मंत्री भूपेंद्र चौधरी का बड़ा बयान
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने 20 मई 2025 को लखनऊ में विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्पष्ट किया कि एमएसएमई क्षेत्र विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण की मज़बूत नींव बनेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उद्यम स्थापना से लेकर उत्पादन, विपणन और निर्यात तक हर स्तर पर उद्यमियों को प्रभावी सहयोग सुनिश्चित किया जाए।
विभागीय समीक्षा बैठक का मुख्य घटनाक्रम
कार्यभार ग्रहण करने के बाद विधानसभा सभागार कक्ष संख्या-80 में आयोजित इस बैठक में राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा भी उपस्थित रहे। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयाँ सक्रिय हैं, जिनके ज़रिये करीब 3 करोड़ लोगों को रोज़गार एवं स्वरोज़गार मिल रहा है।
आँकड़ों के अनुसार राज्य के कुल निर्यात में एमएसएमई क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग 46 प्रतिशत है — एक आँकड़ा जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था में इस क्षेत्र की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करता है।
सरकार की प्राथमिकताएँ
मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विभागीय योजनाओं को तेज़ गति से लागू किया जाएगा। उन्होंने 'मुख्यमंत्री युवा स्वरोज़गार योजना' और 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना' के माध्यम से युवाओं तथा पारंपरिक कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने पर ज़ोर दिया। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्गों को प्राथमिकता के आधार पर योजनाओं से जोड़ने का भी निर्देश दिया गया।
तकनीकी उन्नयन और सुरक्षा कवच
बैठक में 'मुख्यमंत्री सूक्ष्म उद्यम दुर्घटना बीमा योजना' और 'उत्तर प्रदेश सूक्ष्म लघु उद्योग तकनीकी उन्नयन योजना' के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि उद्यमियों को सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ आधुनिक तकनीक से भी सशक्त बनाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त निजी औद्योगिक पार्कों की स्थापना तथा जिला उद्योग केंद्रों के आधुनिकीकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए — यह संकेत देते हुए कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि ज़मीनी ढाँचे को मज़बूत करने पर भी ध्यान केंद्रित है।
आम जनता और उद्यमियों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार राज्य को देश की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में स्थापित करने के लिए निवेश आकर्षण पर ज़ोर दे रही है। 3 करोड़ से अधिक रोज़गार से जुड़े इस क्षेत्र में किसी भी नीतिगत सुधार का सीधा असर लाखों छोटे व्यापारियों, कारीगरों और युवा उद्यमियों पर पड़ेगा।
आगे की राह
मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने विश्वास जताया कि एमएसएमई सेक्टर को गति देकर निवेश और रोज़गार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे, जो उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी और विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। विभाग का अगला कदम योजनाओं के क्रियान्वयन की समयबद्ध निगरानी सुनिश्चित करना होगा।